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शनिवार, 24 सितंबर 2022

शंभुप्रसाद जैन 'अशोक'

 नामशंभुप्रसाद जैन 'अशोक' 

शंभुप्रसाद जैन 'अशोक' के उपन्यास
  अशोक जी के उपन्यास मासिक पत्रिका ' रहस्य' में प्रकाशित होते रहे हैं।
  1. फांसी का संगीत - अक्टूबर 1961
  2. पहाड़ी का भूत - जनवरी-1962
  3. भूत का परिचय - अप्रैल 1963
  4. अंतिम अपराध

पत्रिका-  रहस्य मासिक
उक्त लेखक के विषय में अन्य कोई जानकारी किसी मित्र को हो तो शेयर करें।
sahityadesh@gmail.com


रविवार, 11 सितंबर 2022

My Novel List

 मेरे पास उपलब्ध उपन्यासों की सूची

Last  update 31.08.2022

उपन्यास

उपन्यासकार मित्रों के साथ 17.09.2022 मेरठ

अंजुम अर्शी

फार्मुल प्लस फार्मुला माइंस

तलाश हत्यारे की

मुजरिमों का अजायबघर

अंसार अख्तर

मैंटल मसीहा

अकरम इलाहाबादी

मौत के सौदागर

अजगर

मौत बुलाती है

अज्ञात

खूनी दरिंदा

अनिल मोहन

सीक्रेट एजेंट

100 माइल

नब्बे करोड

पहरेदार

डॉन जी

दहशत का दौर

आतंक के साये

दौलत का ताज

जैकपॉट

अमिताभ बच्चन का क्रेज और यशपाल वालिया

अमिताभ बच्चन का क्रेज और यशपाल वालिया
संस्मरण- योगेश मित्तल

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साहित्य देश ब्लॉग के स्तम्भ 'सिनेमा और साहित्य' के इस अंक में पढें आदरणीय योगेश मित्तल जी का एक रोचक संस्मरण। उपन्यासकार यशपाल वालिया जी की अमिताभ बच्चन के प्रति दीवानगी।
आजकल टीवी में मूवी चैनल इतने हो गये हैं कि हर वक़्त दसियों हिन्दी या डब की हुई फिल्में चलती रहती हैं, फिर इन्टरनेट पर फिल्म देखने की आसानी। आज की जेनरेशन में फिल्मों या किसी फिल्मी कलाकार के लिए सत्तर-अस्सी के दशक के फिल्म दर्शकों का सा पागलपन होगा, मुझे नहीं लगता। 
उन दिनों पहले राजेश खन्ना और बाद में अमिताभ बच्चन ने लोकप्रियता के झण्डे ही गाड़ दिये थे।
अमिताभ बच्चन की कई फिल्मों ने उन दिनों खासा हंगामा किया था! खूब चर्चा का विषय बनी थीं और खूब हिट हुई थी।
      आम दर्शकों की तरह लेखकों में भी अमिताभ बच्चन का क्रेज बढ़ रहा था। वेद प्रकाश शर्मा अमिताभ के तगड़े फैन थे, लेकिन मेरी जानकारी में तब जितने भी लेखक थे, उनमें से एक ही था, जिसने अमिताभ बच्चन की नई लगने वाली फिल्म - 'पहला दिन - पहला शो' ही देखनी हुआ करती थी और इस जुनून के चलते बहुत से सिनेमा हॉल के बाहर टिकट ब्लैक करने वाले ब्लैकियों से भी खासी पहचान कर ली थी।
ऐसे जुनूनी लेखक थे - यशपाल वालिया।

शनिवार, 20 अगस्त 2022

हास्य रस - काॅनमैन- सुरेन्द्र मोहन पाठक

सुरेन्द्र मोहन पाठक जी मर्डर मिस्ट्री लेखन के लिए विख्यात, वहीं उनके उपन्यासों में हास्यरस भी देखने को मिलता है। पाठक जी के प्रिय पात्र पत्रकार सुनील चक्रवर्ती के मित्र रमाकांत अपने विशेष अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 
  उपन्यास 'काॅनमैन' का एक दृश्य देखें जहां रमाकांत एक युवती के साथ कैसे हास्य अंदाज में बातचीत करते हैं।

रमाकान्त ने उसके बालों की तरफ उंगली उठाई।
"ये विग है ?” वो बोला ।
“नहीं।” वो बड़े सब्र से बोली।
“विग है। "
“नहीं, भई ।”
"मेरे खयाल से तो विग है !”
“तुम्हारा खयाल गलत है।”
“विग है. मोतियांवालयो।”
“अच्छा, भई, विग है।"
“कमाल है? लगता तो नहीं !"
युवती ने आंखें तरेरीं।


मंगलवार, 12 जुलाई 2022

दिलशाद अली

नाम- दिलशाद अली
माता-  फहमीदा बेगम
पिता-  साबुद्दीन अली
जन्म-
संपर्क- 8791260233
Emai- dilshadaali@gmail.com



उपन्यास सूची
1. सिटी ऑफ इविल - मई 2021(प्रथम उपन्यास) समीक्षा

2. युगांतर - एक प्रेम कथा (सितंबर 2022)

अन्य महत्वपूर्ण लिंक

साक्षात्कार- दिलशाद अली

YouTube interview 


रविवार, 10 जुलाई 2022

दिलशाद अली - साक्षात्कार

 मैं हाॅलीवुड को टक्कर देने वाले उपन्यास लिखना चाहता हूँ। 
दिलशाद अली- साक्षात्कार शृंखला- 11
    साहित्य देश की साक्षात्कार शृंखला में 'पहला उपन्यास- पहला साक्षात्कार' में इस बार प्रस्तुत है उत्तरप्रदेश के हापुड़ जिले के निवासी युवा उपन्यासकार दिलशाद अली का साक्षात्कार।
   Flydreams Publication से सन् 2021 में प्रकाशित '
सिटी ऑफ इविल' दिलशाद अली जी का प्रथम उपन्यास है।
1. सर्वप्रथम साहित्य देश की तरफ से आपका हार्दिक स्वागत है। आपके प्रथम उपन्यास 'सिटी ऑफ इविल' के लिए शुभकामनाएं। 
साक्षात्कार  के आरम्भ में हम आपका जीवन परिचय जानना चाहेंगे।
दिलशाद अली-   सर्वप्रथम गुरप्रीत जी का बहुत-बहुत आभार, जिंहोने मुझे इंटरव्यू के लायक समझा। तत्पश्चात साहित्य देश और सभी पाठकों का हृदय से आभार, आपने मुझे एक लेखक के रूप में स्वीकार किया। आशा है आपका प्यार हमेशा यूं ही बरकरार रहेगा। हालांकि अभी तक मेरा पहला नॉवल प्रकाशित हुआ है किन्तु आपके प्यार ने मुझे नए लेखक का एहसास नहीं होने दिया। आपके प्यार की बदौलत मैं लिख रहा हूँ और लिखता रहूँगा।

शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

सरोज

 नाम- सरोज

मध्य प्रदेश से एक पॉकेट बुक्स का प्रकाशन होता था जिसका नाम था -सरोज पॉकेट बुक्स।

   इसी प्रकाशन के अन्तर्गत सरोज नामक उपन्यासकार के उपन्यास प्रकाशित होते थे। हालांकि हमें अभी तक एक उपन्यास का विज्ञापन ही प्राप्त हुआ है, यह भी ज्ञात नहीं की यह उपन्यास प्रकाशित हुआ या नहीं, या इसके अतिरिक्त 'सरोज' के अन्य उपन्यास कौनसे थे।

   'सरोज पॉकेट बुक्स' से मृगेन्द्रनाथ के उपन्यास प्रकाशित हुये थे, यह विज्ञापन वहीं से मिला है।

सरोज के उपन्यास

1. सौतेला दर्द



मृगेन्द्रनाथ का परिचय -

मृगेन्द्रनाथ 


गुरुवार, 7 जुलाई 2022

आनंद सागर श्रेष्ठ

नाम - आनंद सागर श्रेष्ठ

 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में जब पत्रिका का समय था तब जासूसी साहित्य में आनंद सागर श्रेष्ठ का नाम भी सामने आता है। अभी तक उनके विषय में दो उपन्यासों के अतिरिक्त कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आनंद सागर श्रेष्ठ के उपन्यास
1. खूनी गद्दार    
2. नीली आँखों के दायरे
3. नकली खूनी (फ्रेण्डस एण्ड कम्पनी, इलाहाबाद)
4. मौत हसीन है (फ्रेण्डस एण्ड कम्पनी, इलाहाबाद)

किंडल लिंक - खूनी गद्दार



शनिवार, 18 जून 2022

यादें वेदप्रकाश शर्मा जी की -21

यादें वेद प्रकाश शर्मा जी -21
प्रस्तुति- योगेश मित्तल

           ==============
उसके बाद हमारे बीच पारिवारिक बातें होती रही। उन्हीं बातों के बीच एक बार चाय और आ गई, लेकिन इस बार चाय के साथ नमकीन और बिस्कुट भी थे। हम चाय खत्म भी नहीं कर पाये थे कि घर में बने पकौड़े आ गये। मुझे आश्चर्य हुआ, क्योंकि मेरे सामने वेद ने पकौड़ों का कोई आदेश नहीं दिया था।
यह पहला अवसर नहीं था, इससे पहले भी और बाद में भी अनेक अवसर ऐसे आये, जब वेद के यहाँ अपनेपन का गहरा स्पर्श मैंने महसूस किया। वेद की मेहमाननवाजी और सत्कार ने हर बार मेरे दिल में उसका कद पहले से अधिक ऊंचा किया था।
चाय नाश्ते के बाद वेद ने फिर कहा -"तो फिर नावल कब से शुरू करेगा?"
"फिलहाल दस-पन्द्रह दिन तो तुम्हारे विजय विकास सीरीज़ के उपन्यास पढ़ने में लगाऊँगा, उसके बाद ही टाइपिंग आरम्भ करूँगा।" मैंने कहा! 
"टाइपिंग...?" - वेद चौंक गया -"टाइपराइटर ले लिया है तूने?"
"नहीं, एक सेकेण्ड हैण्ड फोर एट सिक्स ले लिया है, आजकल उसी पर टाइपिंग करता हूँ।"
"फोर एट सिक्स...?"
"कम्प्यूटर...।"
"तूने कम्प्यूटर ले लिया...?"-  वेद ने आश्चर्य व्यक्त किया।

गुरुवार, 16 जून 2022

एक शीर्षक- अनेक लेखक

 'एक शीर्षक- अनेक लेखक' स्तम्भ के अंतर्गत हम कुछ ऐसे शीर्षकों से आपका परिचय करवा रहे हैं, जहाँ एक ही शीर्षक से भिन्न- भिन्न लेखकों ने उपन्यास लेखन किया है। 
   यहाँ मात्र उपन्यास शीर्षक की ही सामानता दर्शायी गयी है उपन्यासों में कहानी अलग-अलग है।


एक शीर्षक- अनेक लेखक
  1. कानखजूरा-   विमल शर्मा, दिनेश ठाकुर
  2. रक्त मंदिर -    कुशवाहा कांत, राज भारती
  3. चाण्डाल चौकड़ी - प्रकाश भारती, सुरेन्द्र मोहन पाठक, नागपाल
  4. मायाजाल - राज भारती, अनिल मोहन
  5. सीक्रेट एजेंट-  सुरेन्द्र मोहन पाठक, अनिल मोहन, राहुल
  6. प्रेत सुंदरी-     परशुराम शर्मा, रजत राजवंशी
  7. बगावत -   गोविन्द सिंह, जयंत कुशवाहा
  8. कागज के फूल- गोविन्द सिंह,  राजहंस
  9. कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना- लाट साहब, अनिल मोहन
  10. जजमैंट - वेदप्रकाश शर्मा, अनिल सलूजा
  11. चकमा - वेदप्रकाश शर्मा, केशव पण्डित
  12. खतरनाक आदमी - गुप्तदूत, अनिल मोहन, अमित खान
  13. मुँह तोड़ जवाब-  केशव पण्डित, बादल (पवन पॉकेट बुक्स)
  14. देखो और मार दो- राजभारती, प्रेम कुमार शर्मा
  15. चोट पर चोट-  रीमा भारती, बिमल चटर्जी
  16. आदमखोर- परशुराम शर्मा, राहुल, अनिल सलूजा, जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा
  17. चोरों की बारात- सुरेन्द्र मोहन पाठक, परशुराम शर्मा
  18. जीरोलैण्ड- परशुराम शर्मा, रीमा भारती
  19. जादूगरनी - जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा, सुरेन्द्र मोहन पाठक
  20. विश्वास की हत्या- राजहंस, सुरेन्द्र मोहन पाठक
  21. नागिन -  दिनेश ठाकुर, शैलेन्द्र तिवारी
  22. आहुति - प्रेम बाजपेयी, कुशवाहा कांत
  23. फिरंगी -  वेदप्रकाश शर्मा, रीमा भारती
  24. प्रतिशोध- जगदीशकृष्ण जोशी, सुरेश चौधरी
  25. सुनामी -  राकेश पाठक, मिस्टर
  26. सब मरेंगे बारी- बारी- बिमल चटर्जी, रजत राजवंशी
  27. दरिंदा- वेदप्रकाश शर्मा, राजभारती, राजहंस, शिवा पण्डित, अनिल मोहन, परशुराम शर्मा, विक्की आनंद, दिनेश ठाकुर
  28. सुअर का बाल- विनय प्रभाकर, शिवा पण्डित
  29. कर बुरा हो भला- अनिल सलूजा, शिवा पण्डित
  30. खलिफा- वेदप्रकाश शर्मा, शिवा पण्डित
  31. कत्ल की मशीन- राकेश पाठक, शिवा पण्डित
  32. राक्षस- नितिश सिन्हा, शिवा पण्डित
  33. उसके साजन- कुशवाहा कांत, राजहंस
  34. शतरंज-  दिनेश ठाकुर, शगुन शर्मा
  35. जल्लाद- अनिल मोहन, दिनेश ठाकुर(धीरज पॉकेट बुक्स)
  36. प्यासा सावन- गुलशन नंदा, राजहंस



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