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शनिवार, 1 अगस्त 2020

मनहर चौहान

नाम- मनहर चौहान
जन्म-
संपर्क-
फेसबुक संपर्क - मनहर चौहान

   मनहर चौहान गंभीर साहित्य के लेखक रहे हैं, इसके साथ-साथ उन्होंने लोकप्रिय जासूसी साहित्य में भी अपना लेखन किया था।
   इनके लोकप्रिय जासूसी साहित्य में कुल कितने उपन्यास हैं इसकी कोई जानकारी तो उपलब्ध नहीं है।
तस्वीर सन् 2022

मनहर चौहान के उपन्यास
1. मेरा हत्यारा
2. हीरों भरी आग- मार्च 1972, साधना पॉकेट, दिल्ली
3. दस घण्टे की मौत - समीक्षा


एच. इकबाल

नाम- एच. इकबाल
मूल नाम- हुमायूँ इकबाल
जन्म- 06.07.1941, भारत
नागरिकता- पाकिस्तान

     हुमायूँ इकबाल का जन्म 06 जुलाई 1941 को बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनका परिवार विभाजन के पश्चात पाकिस्तान चला गया। 
 इन्होंने अपना प्रथम उपन्यास 'मजलूम‌ लूटेरे' सन् 1960 में लिखा था।  इन्होंने इब्ने सफी के पात्र 'इमरान, हमीद- फरीदी' को आधार बनाकर उपन्यास लिखे हैं।  हालांकि इनके द्वारा लिखे गये उपन्यासों की सही संख्या ज्ञात नहीं है।  
   भारत में इनके उपन्यास के उर्दू से अनुवाद होकर प्रकाशित होते थे। हालांकि भारत में इनके नाम से असंख्य नकली उपन्यास भी प्रकाशित होते रहे हैं। एच. इकबाल (हुमायूँ इकबाल) ने पाँच सौ के लगभग कहानियाँ भी लिखी हैं।

 इनके विषय में कोई विशेष किसी पाठक मित्र के पास कोई अन्य जानकारी हो तो अवश्य संपर्क करें।
Email- sahityadesh@gmail.com

एच. इकबाल के उपन्यास 
  1. काली माई
  2. खूनी खंजर - www.sahityadesh.blogspot.com
  3. पिशाच की बेटी (रुचि पब्लिकेशन)
  4. ब्यूटी थीफ
  5. लोबोदी के मगरमच्छ
  6. कलयुग का शैतान
  7. मौत के चोर - www.sahityadesh.blogspot.com
  8. घर का दुश्मन
  9. धरती के कातिल
  10. खूनी हंगामा
  11. खून की देवी
  12. खून की बूंदें
  13. बिल्लियों के पुजारी
  14. अनोखे अपराधी
  15. प्रलय की छाया
  16. कैप्टन बावला (प्रथम भाग)
  17. कैप्टन बावला (द्वितीय भाग)
  18. केनी बल्ज www.sahityadesh.blogspot.com
  19. दुश्मन नम्बर वन (क्रमांक 04-19, राही पब्लिकेशन, तुर्कमान गेट, दिल्ली)
  20. हिप्पियों का हंगामा
  21. हिप्पियों का इंतकाम
  22. हिप्पियों की मक्कारी
  23. राजेश सूनी घाटी में
  24. हमीद सूनी घाटी में
  25. विनोद सूनी घाटी में
  26. विनोद जीरोलैण्ड में
  27. आप्रेशन जीरोलैण्ड
  28. अंधेरे की पुकार (प्रथम भाग)
  29. अंधेरे की मौत ( द्वितीय भाग) -1972
  30.  &%%## (प्रथम भाग)
  31. खूनी फार्मूला (द्वितीय भाग)
  32. तस्वीर का चक्कर (प्रथम भाग)
  33. भटकती रूह (द्वितीय भाग)( जासूसी फितना पत्रिका)
  34. छिपे दुश्मन (क्रम 30-34 तक 'रहबर काॅर्नर प्रकाशन)
  35. धुंध का धोखा (प्रथम भाग)
  36. व्हाइट जाल (द्वितीय भाग) दिल्ली पुस्तक भण्डार(अनीस दहलवी)




प्रदीप कुमार शर्मा

नाम- प्रदीप कुमार शर्मा
जन्म-
संपर्क-
       प्रदीप कुमार शर्मा 'मनोज' नामक किरदार को लेकर उपन्यास लिखते थे। इनके कुछ उपन्यास कंचन पॉकेट बुक्स मेरठ से प्रकाशित हुये हैं।
    मनोज नामक नायक और अपनी इस उपन्यास शृंखला के माध्यम से प्रदीप कुमार शर्मा जी ने इब्ने सफी के चर्म कथानक 'जीरो लैण्ड' को आगे विस्तार दिया है। वे कहते है कि इब्ने सफी ने जिस 'जीरो लैण्ड' की कल्पना की थी लेकिन वे उसका रहस्य न खोल सके और मृत्यु को प्राप्त हो गये उसी जीरो लैण्ड के रहस्य को उन्होंने इस उपन्यास शृंखला के माध्यम से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है।

प्रदीप कुमार शर्मा के उपन्यास
1. विनोद और फ्रेंटाशिया
2. फ्रेंटाशिया का दुश्मन
3. मनोज और फ्रेंटाशिया का देश
4. प्रलयदूत मनोज
5. मनोज और सिहंगी
6. महाशैतान मनोज
7.  विनाशका देवता मनोज -1976
प्रदीप कुमार शर्मा


विजय लक्ष्मी

नाम- विजय लक्ष्मी
पिता- श्री हरि सिंह
निवासी- शिवनगर कालोनी
           नजदीक गुलनार सिनेमा,फतेहाबाद, हरियाणा

 विजय लक्ष्मी जी एक उपन्यास 'दूसरा ताज' मेरे पास उपलब्ध है जो इन्होंने किशोरावस्था में लिखा है। 
   इनके विषय में इस उपन्यास के अतिरिक्त कोई जानकारी उपलब्ध नहीं।

विजय लक्ष्मी के उपन्यास 
1. दूसरा ताज -1997 (एशिया पॉकेट बुक्स)

विजय लक्ष्मी






संजीव पालीवाल

नाम- संजीव पालीवाल
जन्म- 
संपर्क
पेशे पत्रकार संजीव पालीवाल का एक उपन्यास अपराध वर्ग पर आधारित आया है। यह काफी चर्चित उपन्यास भी रहा है।


संजीव पालीवाल के उपन्यास
1. नैना (वेस्टलैण्ड पब्लिकेशन)

संजीव पालीवाल




अंजलि देशपाण्डे

नाम- अजंलि देशपाण्डे
जन्म- 1954
पेशा- पत्रकारिता
संपर्क-  anjlidesh@gmail.com

लोकप्रिय साहित्य में वर्तमान समय (2020) में कुछ नये लेखकों का प्रवेश हो रहा है। यह एक अच्छी खबर है। जब पत्रकार वर्ग से कोई इस क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसके साथ अनुभवों का विशाल संग्रह होता है।
       पेशे से पत्रकार अंजिल देशपाण्डे का एक अपराध पर आधारित उपन्यास आया है। हालांकि यह उनका द्वितीय उपन्यास है। प्रथम उपन्यास भोपाल गैस त्रासदी पर आधारित था।


अंजलि देशपांडे के उपन्यास
1. हत्या (राजकमल प्रकाशन)

अंजलि देशपांडे







 

सोमवार, 27 जुलाई 2020

प्रिंस सईद

नाम- प्रिंस सईद
जन्म-
संपर्क- 
       प्रिंस सईद
        चुचैयापारा,
        विलासपुर आर.एस.(एम. पी.)
     उपन्यासकार प्रिंस स ईद के विषय में कुछ जानकारी उपलब्ध हो पायी, इनका एक उपन्यास 'एक थी लड़की' किसी मित्र को मिला था, यह जानकारी वहीं से मिली है।
    इनके उपन्यास रॉयल पॉकेट बुक्स, पहाड़गंज, दिल्ली से प्रकाशित होते रहे हैं। 

प्रिंस सईद के उपन्यास
1. एक थी लड़की
2. जख्म

किसी पाठक मित्र को उपन्यासकार प्रिंस स ईद के विषय में जानकारी हो तो संपर्क करें।
धन्यवाद
- sahityadesh@gmail.com
  
  

प्रेम कुमार शर्मा

नाम- प्रेम कुमार शर्मा

जन्म- 03.03.1956
मृत्यु-  24.09.2021
पिता- रामनिरंजन शर्मा

   उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के निवासी प्रेम कुमार शर्मा का जन्म एक साहित्यिक परिवार में हुआ था। इनके पिता भी लेखक थे, जिन्होंने उपन्यास, कविता के अतिरिक्त फिल्म निर्देशन में भी हाथ आजमाया था। साहित्यिक परिवार में पैदा होने के कारण इनका झुकाव साहित्य की तरह रहा, काॅलेज समय से ही इन्होने साहित्यिक लेखन आरम्भ कर दिया था। 

सन् 70-80 के मध्य पत्रकारिता की। 'नूतन कहानियाँ', 'सच्ची कहानियाँ' पत्रिकाओं का संपादन भी किया। सन् 90 के दशक में प्रसिद्ध उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा जी के निमंत्रण पर मेरठ आ गये और तुलसी पॉकेट बुक्स की पत्रिका 'तुलसी कहानियाँ' का संपादन कार्य। मेरठ में आने के पश्चात प्रेम कुमार शर्मा जी का झुकाव जासूसी उपन्यास लेखन की तरह हो गया। जहाँ उन्होंने स्वयं के नाम से उपन्यास लिखे वहीं प्रेम कुमार शर्मा जी द्वारा लिखित कुछ उपन्यास 'अजगर' नाम से भी प्रकाशित हुये।


प्रेम कुमार शर्मा के क्रमशः उपन्यास
1. देखो और मार दो (प्रथम उपन्यास)
2. सावधान, कुत्ते खुले हैं।
3. आप्रेशन हिंदू
4. काला सच ( अप्रकाशित)
5. दानव देश ( अप्रकाशित)

संपर्क-
प्रतीक शर्मा पुत्र श्री प्रेम कुमार शर्मा
Prateek Sharma
Contact:- 
-  8359958568
Email-  splendidhazard@gmail.com
 Sagar, MP


अंजुम अर्शी

नाम- अंजुम अर्शी
जन्म- 
माता-
पिता-
यह हैं जनाब सैमुएल अंजुम अर्शी, जिन्होंने अंजुम अर्शी नाम से मास्टर ब्रेन सीरीज़ के बहुत सारे बेहतरीन उपन्यास लिखे और सैमी नाम से भारती पाकेट बुक्स में बहुत से सामाजिक उपन्यास लिखे तथा मनोज पाकेट बुक्स में मनोज नाम से छपने वाले आरम्भिक दो उपन्यास 'खामोशी'और 'जलती चिता' इन्हीं के लिखे थे।

एक खास बात और
हथियार के नाम पर बूमरैंग टाइप की गेंद का इस्तेमाल सैमुएल अंजुम अर्शी साहब ने अपने मास्टर ब्रेन सीरीज़ के उपन्यासों में बखूबी किया था, वो अपने किस्म का अनूठा उदाहरण है!
दुश्मन पर मास्टर ब्रेन की गेंद का वार और दुश्मन चारों खाने चित्त और गेंद फिर से मास्टर ब्रेन के हाथ में।
आप में से जिसने भी पढ़े होंगे - मास्टर ब्रेन सीरीज़ के उपन्यास, निश्चय ही भूले नहीं होंगे और खास बात यह कि यह खूबी सिर्फ मास्टर ब्रेन के उपन्यासों में ही मिलेगी।

सफदरजंग अस्पताल में 28 नम्बर वार्ड के इंचार्ज किसी समय ये ही थे और बहुत सारी नर्सों तथा वार्ड बाय को ट्रेनिंग भी दिया करते थे।
सैमुएल अंजुम अर्शी साहब मेहमाननवाजी में जवाब नहीं रखते थे। कोई भी आये - सिर आँखों पर बैठाते थे। अच्छा सत्कार करते थे और बड़े प्यार से धीरे धीरे बात करते थे।
जबरदस्त कुक भी थे। खास तौर से नानवेज बनाने में इनका जवाब नहीं था।
आप यदि दस बार इनके यहाँ गये होंगे तो हर बार आपको नयी-नयी डिश खिलाई होगी, क्योंकि इनकी याद्दाश्त भी गज़ब की हुआ करती थी और....
इससे ज्यादा और मुझसे बेहतर इनके बारे में आज के लोगों में दूसरा एक भी शख्स कुछ नहीं बता सकता।
आखिरी बार इनसे नोयडा स्थित जर्मन डिजाइन की बनी कोठी में हुई थी। बदकिस्मती से आज वो पता याद नहीं है।
और हाँ, मुसलमान नहीं, क्रिश्चियन थे और इनकी दो बीवियाँ थीं।

#योगेश मित्तल जी के स्मृति कोष से



अंजुम अर्शी के उपन्यास
1. टापू की तबाही
2. फार्मूला + और - (इरफान सीरीज )
3. मुजरिमों का अजायबघर (ब्रेन मास्टर सीरीज)
4. खूनी हंगामें
5. मुर्दा चेहरा जिंदा आँखें
6. नो मैन
7.  तिकोना अपराधी -(ब्रेन मास्टर सीरीज)
8. लकड़ी की कब्र - (ब्रेन मास्टर सीरीज)
9.
10.

रविवार, 26 जुलाई 2020

अजय ठकराल

अजय ठकराल यह नाम मेरे लिए अभी तक नाम मात्र ही है। अजय ठकराल का ना तो कोई उपन्यास देखा है, ना कहीं चर्चा सुनी है।
  बस एक जगह से संक्षिप्त जानकारी मिली है

'अजय ठकराल' नाम के कोई लेखक थे, उनका उपन्यास था 'दबे पांव'।
यह जानकारी सुनील प्रभाकर के उपन्यास 'मौत का साया' से मिली है। जो गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुआ था।
'मौत का साया' का एक संवाद देखें-
संवाद देखें
जेम्स को एक पुस्तक विक्रेता कहता है-
" ये लीजिये- अजय ठकराल का नया उपन्यास 'दबे पांव' कमाल का उपन्यास है....।"

  अगर किसी मित्र को अजय ठकराल के विषय में जानकारी हो तो अवश्य बतायें।
धन्यवाद
Email- sahityadesh@gmail.com

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