जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा जी 14.10.1998 को इस नश्वर संसार को अलविदा कह गये। उनका भौतिक अस्तित्व चाहे न रहा पर अपने उपन्यासों और यादगार पात्रों से वे साहित्य संसार में अमर हो गये।
जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा जी की पुण्यतिथि पर युवा लेखक अजिंक्य शर्मा जी श्रद्धांजलि स्वरूप उन्हें इस आर्टिकल के माध्यम से याद कर रहे हैं। उपन्यास जगत में जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा जी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे सर्वश्रेष्ठ उपन्यासकारों में से एक थे। उन्होंने हिंदी उपन्यास जगत में ऐसा करिश्मा कर दिखाया, जो शायद ही कोई और कर सका हो। उनकी अदभुत लेखनी के दीवानों की संख्या करोड़ों में है। लोग बुकस्टालों पर उनका नाम ले-लेकर पूछा करते थे कि शर्मा जी कि नई किताब आई क्या?
आखिर उनकी रचनाओं में ऐसा क्या था?










