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शुक्रवार, 7 जुलाई 2023

मजेदार समोसे- रोचक किस्सा

साहित्य देश के हास्य रस स्तम्भ में प्रस्तुत है प्रसिद्ध उपन्यासकार कर्नल रंजीत के उपन्यास 'वह कौन था' का एक हास्यपूर्ण किस्सा।

"बाबा, तुम समोसे क्या बनाते हो, गजब ढाते हो !" मेजर कहा ।
   ठाकुर हिम्मत सिंह मेजर की इस प्रशंसा पर प्रसन्न हुए। उन्होंने ऊंची आवाज में कहा - "बाबा नन्दू, इधर आओ और इनको बताओ कि तुम हमारे घर में नौकर कैसे हुए थे !"
"सरकार, मैं यह कहानी इतनी बार मेहमानों को सुना चुका हूं कि अब उसे दुहराते हुए शर्म आती है।" नन्दू बाबा ने निकट आकर कहा – “मगर मालिक का हुक्म कौन टाल सकता है, साहब ? मैं बावर्ची की नौकरी की खोज में था। बड़े ठाकुर साहब यानी मालिक के दादाजी ने मुझे देखा तो उनको विश्वास न आया कि मैं बावर्ची भी हो सकता हूं। खैर उन्होंने मुझे आजमाने की ठान ली। हुक्म हुआ कि मैं रसोईघर में जाकर दोपहर का खाना तैयार करूं, सबसे पहले वे खाकर देखेंगे। सो हुजूर, खाना बन गया।
       ठाकुर साहब खाने के लिए बैठे। मैंने नौकरानी के हाथ पाली परोसकर भिजवाई। थाली में केवल दाल की कटोरी थी और परांठे थे। में धड़कते दिल के साथ रसोई में इन्तजार कर रहा था । वही हुआ जिसकी मुझे उम्मीद थी। बड़े ठाकुर साहब ने बार-बार दाल मंगवाई, यहां तक कि उनका पेट भर गया। फिर वे रसोई में आकर बोले- 'मैं तो सिर्फ दाल ही खाता रहा, बाकी जो चीजें तुमने पकाई होंगी, वे तो पड़ी रह गई...!" मैंने केवल एक बरतन उनके आगे रख दिया जिसमें दाल थी और कहा- 'मैंने और कुछ नहीं बनाया था, सरकार ! बस दाल ही बनाई थी और इस विश्वास के साथ बनाई थी कि आप इसके सिवा और कोई चीज मांग ही नहीं सकेंगे ।' बड़े ठाकुर साहब ने मेरी पीठ बनवाई और उसी दिन से मैं इस घर का सेवक चला आ रहा हूं।" नन्दु बाबा ने हाथ हिलाकर कहा मेजर की नजरें उसके हाथों पर पड़ी तो वह आश्चर्य से उसके मैले हाथों की ओर देखने लगा ।
   नन्दू बाबा ने मेजर की निगाहें अपने हाथों पर जमी देखी तो उसने तुरन्त अपने हाथ अपनी पीठ के पीछे छिपा लिए।

उपन्यास-  वह कौन था
लेखक -    कर्नल रंजीत

गुरुवार, 11 मई 2017

मेजर बलंवत

उपन्यासकार कर्नल रंजीत का एक प्रसिद्ध पात्र था - मेजर बलवंत। जो की कर्नल रंजीत के उपन्यासों का नायक था, एक जासूस था।
  इसी पात्र की लोकप्रियता को देखते हुए और इस लोकप्रियता को भूनाने के लिए मेजर बलवंत नाम का एक उपन्यासकार ही खङा कर दिया।
   मेजर बलवंत कौन था, कहां से था इस विषय में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं।
मेजर बलवंत के उपन्यास
1. देवी दीदी
2. इकबाल-ए- जुर्म
3. टेलिफोन जासूस
4. मौत का व्यापार
5. थाने में डकैती
6. गोली और चीख
7. मजबूर कातिल
8. पाप का चक्रव्यूह
9. एजेंट जीरो
10. नागपाश


मेजर बलवंत के हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित उपन्यास

1. समुद्र का हत्यारा
2. फ्लैट नंबर 102
3. मौत की शाम
4. एजेंट जीरो
5. होटल गोल्डन स्टार
6. खूनी नक्शा
7. ब्ल्यू हैवन क्लब
8. इन्टरनेशनल षड्यंत्र
9. मौत की शतरंज
10. लावारिश लाश
11. ब्लैकमेलर की हत्या
12. जहरीले इंसान
13. जुङवा लाशें
14. आखिरी डकैती
15. ब्लैक बाॅस
16. फ्लैट में लाश
17. खूनी बंगला
18. निर्दोष अपराधी
19. कत्ल की रात
20. अपराधी की मौत
21. रिपोर्टर की हत्या
22. कैदी नंबर 314
23. खूनी रिश्ते
24. लाश का प्रतिशोध
25. मौत का सिलसिला

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