लेबल
- 1. अपनी बात (5)
- 2. My Novel (3)
- 2. उपन्यासकार सूची (1)
- 3. परिचय (4)
- 4. दो शब्द हमारे लिए (2)
- 5. उपन्यास यात्रा (7)
- 8. चित्रशाला (13)
- Ghost Writer (43)
- Upcoming Novel (30)
- world book fair (1)
- आत्मकथा (10)
- आर्टिकल (19)
- इलाहबाद प्रकाशन (5)
- इलाहाबाद (3)
- इलाहाबाद के लेखक (7)
- उपन्यास अंश (20)
- उपन्यास चर्चा (1)
- उपन्यास जगत के यादगार पात्र (4)
- उपन्यास झलक (4)
- उपन्यास पोस्टर (10)
- उपन्यास संसार (28)
- उपन्यास समीक्षा (10)
- उपन्यास साहित्य का रोचक संसार (21)
- उपन्यास सूची (2)
- उपन्यासकार सूची (1)
- उर्दू के उपन्यास (1)
- काव्य रचना (1)
- कुशवाहा परिवार (6)
- केशव पण्डित सीरीज (22)
- जासूसी उपन्यासकार (3)
- जासूसी दुनिया (1)
- जीवन परिचय (1)
- तब और अब (1)
- दिल्ली के उपन्यासकार (7)
- पंजाब के उपन्यासकार (1)
- परिचय (4)
- पहेली (1)
- पात्र परिचय (5)
- पात्रों की दुनिया (3)
- पारिवारिक उपन्यासकार (1)
- पुण्यतिथि (6)
- प्रतियोगिता (3)
- प्रथम उपन्यास (1)
- महिला उपन्यासकार (13)
- मेरठ के उपन्यासकार (14)
- मैं उपन्यासकार कैसे बना (1)
- यादें वेदप्रकाश शर्मा जी की (26)
- योगेश मित्तल (66)
- रोचक किस्सा (15)
- रोचक तथ्य (6)
- लिखे जो खत तुझे... (3)
- लेखकीय (7)
- व्यक्तित्व (1)
- संस्मरण (24)
- साक्षात्कार (14)
- सामाजिक उपन्यासकार (16)
- साहित्य और सिनेमा (4)
- साहित्य चर्चा (12)
- साहित्य देश सम्मान पत्र (1)
- हास्य रस (8)
- हाॅरर उपन्यासकार (6)
सोमवार, 19 जून 2023
हरविंदर - उपन्यास सूची
नाम - हरविंदर
रविवार, 18 जून 2023
सात जुलाई की रात- विकास सी एस झा
साहित्य देश के स्तम्भ 'उपन्यास अंश' में उस बार प्रस्तुत है युवा उपन्यासकार विकास सी एस झा द्वारा रचित 'सी.एस.टी. सीरीज' के उपन्यास 'सात जुलाई की रात' के रोचक अंश।
हत्यारिन हूँ-विषभरी- हादी हसन, उपन्याश अंश
साहित्य देश के 'उपन्यास अंश' स्तम्भ के अंतर्गत इस बार प्रस्तुत है उपन्यासकार हादी हसन साहब के नये उपन्यास 'हत्यारिन हूँ-विषभरी' का एक अंश। मेजर रणवीर बराड़ का कारनामा।
उपन्यास अंश....डिसूजा वो शख्स था जिस पर लाल बिहारी अपने बाद सबसे ज्यादा विश्वास किया करता था।
"आवा डिसूज़ा...आवा...!" लाल बिहारी मोटे सिगार का कोना शार्पनर से छीलता हुआ बोला—"क्या खबर लाए हो...?"
डिसूजा ने शनील की लाल रंग की थैली उसके सामने रख दी।
"ई का है ?"
"हीरे...मिस्टर लाल...इन्हें उसी रँजीत से हासिल किया गया है जो हमारे बिज़नेस में सेंध लगाने के लिए आया था।" डिसूजा भारी प्रभावी स्वर में बोला।
"रँजीत का का बना ?"
"वही जो होना था।"
"लाश...?"
"लाश कभी बरामद नहीं होती क्योंकि हमारे केस में लाश की बरामदगी एक सिरदर्द साबित होती है।"
मंगलवार, 6 जून 2023
शुक्रवार, 2 जून 2023
प्यार करना तो बुरी बात है- हास्यरस
साहित्य देश की हास्य रस स्तम्भ में इस बार पढें राजा पॉकेट बुक्स से प्रकाशित लेखक धीरज के उपन्यास 'वतन के आँसू' का एक हास्यजनक किस्सा।
रामलाल ने अंदर आते ही शीला को अपने आलिंगन में ले लिया था तथा उसके लाल सुर्ख रसीले होंठों को अपने होंठों के मध्य भींच लिया था !
"छोड़ो भी...आप भी बस !"- शीला ने स्वयं को रामलाल की कैद से मुक्त कराते हुए कहा—शर्म से उसका चेहरा लाल-भभूका हो गया था तथा वह घबराई हुई नजरों से उस कोने की तरफ देखने लगी, जहां उनके दोनों बच्चे खड़े थे।
“आहा जी...पापा ने मम्मी की पप्पी ले ली-पापा ने मम्मी की पप्पी ले ली।” - सुमिता ताली पीटते हुए उछल-उछलकर कह रही थी !
"मैं तुम्हारी मम्मी को प्यार कर रहा था, सुमि !"
“ल....लेकिन प्यार करना तो बुरी बात है !"
“तुमको किसने कहा ?"- रामलाल के चेहरे पर नागवारी वाले भाव उभरे थे !
"परसों, जब राखी आंटी मौल्हले वाले एक अंकल से प्यार कर रही थीं, तो मौहल्लेवालों ने अंकल को कितना मारा था!"
मंगलवार, 23 मई 2023
नये उपन्यास - may-2023
इंतजार अब खत्म हुआ 🎉🎉
पुस्तकें अब सूरज की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं आज ही अपनी प्रतियां सुरक्षित कीजिए !!
पुस्तक विवरण :-
1. 7 जुलाई की रात (लेखक : विकास सी. एस. झा )
‘ड्रीम हाउस’ टेलीविजन की दुनियां का एक बेहद चर्चित रियलिटी शो था जहां 7 जुलाई की रात को शो के ग्रैंड फिनाले के दौरान शो की एक कंटेस्टेंट गीता भसीन की लाश ड्रीम हाउस के सेट से महज कुछ दूर पर ही पड़ी मिली थी। लोकल थाने ने लड़की की मौत को आत्महत्या करार दिया था मगर एक बार जब क्राइम ब्रांच ऑफिसर चंद्रशेखर त्यागी के कदम मौका-ए-वारदात पर पड़े तो तफ्तीश ने एक नया ही रुख अख्तियार कर लिया।आत्महत्या के बेहद साधारण से लगने वाले इस केस ने एक बार तो त्यागी जैसे ऑफिसर को भी हैरान-परेशान कर डाला था। तफ्तीश के दौरान त्यागी के कदम जहां भी पड़े उसका सामना किसी-न-किसी लाश के साथ ही हुआ।
क्या ये वाकई एक आत्महत्या का मामला था या फिर कुछ और ही बात थी ?
एक सिलसिलेवार ढंग से हुई इन चार हत्याओं के पीछे की सच्चाई क्या थी ? जानने के लिए पढ़िए सी.एस.टी. सीरीज की नई किताब “सात जुलाई की रात”
रविवार, 14 मई 2023
पंकज उपन्यास सूची
नाम- पंकज
प्रकाशक- नूतन पॉकेट बुक्स, मेरठ
श्रेणी- सामाजिक उपन्यासकार, Ghost writer
मेरठ से प्रकाशित होने वाले Ghost writer में एक नाम और पता चला है और वह नाम है - पंकज।
पंकज एक सामाजिक उपन्यासकार हैं और इनके उपन्यास नूतन पॉकेट बुक्स,मेरठ से प्रकाशित होते रहे हैं। हालांकि इनके विषय में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पंकज के उपन्यास
- फैसला
- बेकसूर
- दर्द की छांव
- सुहानी शाम
- वचन
- पायल
- प्यासी जोगन
- आइना
- ममता
गोपालराम गहमरी
नाम- गोपालराम गहमरी
जन्म- 1866,
निधन- 1946
विशेष
- लगभग दो सौ उपन्यास की रचना।
- हिंदी कथा साहित्य में जासूसी साहित्य का आरम्भ कर्ता
हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के विकास में गोपालराम गहमरी का अतुलनीय और अविस्मरणीय योगदान है। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कविताएँ लिखीं, उपन्यास लिखे, उपन्यासों का अनुवाद किया, नाटक लिखे, हास्य-व्यंग्य लिखे, पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया, रिपोर्टें लिखीं, रिपोर्ताज लिखे। अपने गाँव गहमर से 'जासूस' नामक मासिक पत्र का संपादन और प्रकाशन किया। हिंदी में जासूस शब्द के प्रचलन की शुरुआत की।'जासूस' का पहला अंक बाबू अमीर सिंह के हरिप्रकाश प्रेस से छपकर आया और पहले ही महीने में वी. पी.पी. से पौने दो सौ रुपए की प्राप्ति हुई। इसने अपने प्रवेशांक से ही लोकप्रियता की सारी हदों को पार करते हुए शिखर को छू लिया था। इसकी अपार लोकप्रियता को देखकर गोपालराम गहमरी जब जासूसी ढंग की कहानियों और उपन्यासों के लेखन की ओर प्रवृत्त हुए फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और न इसकी परवाह की कि साहित्य के तथाकथित अध्येता उनके बारे में क्या राय रखते हैं। गहमरी जी अपनी रचनाओं में पाठकों की रुचि का विशेष ध्यान रखते थे कि वे किस तरह की सामग्री पसंद करते हैं।
रविवार, 7 मई 2023
गोपाल- उपन्यास सूची
शनिवार, 6 मई 2023
निराली थी उपन्यासों की दुनिया- प्रदीप पालीवाल
बिमल चटर्जी...चन्दर...वेद प्रकाश काम्बोज...जनप्रिय लेखक 'ओम प्रकाश शर्मा'...
निराली थी...इन 'उपन्यासों' की दुनिया...
मैंने जब अपनी 'बुक स्टॉल' संभाली...मैं इनके बारे में 'ABC...D' भी नहीं जानता था...
'मजरूह' ( सुल्तानपुरी ) साहब के शब्द उधार लेना चाहूँगा...कि -
...
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया...
इन उपन्यासों के बारे में 'साहित्य' के लोगों की राय अच्छी नहीं थी. आज भी नहीं है...वे इसे 'पल्प फिक्शन' ( लुगदी साहित्य ) कहकर लगभग 'पाक़िस्तान' भेजने की बात करते थे...उनका मानना था कि 'ये पुस्तकें बच्चों को बिगाड़ती हैं...'
ऐसे में मेरी मुलाक़ात होती है वन एण्ड ओनली...जनप्रिय लेखक 'ओम प्रकाश शर्मा'...जी से...
देखते ही देखते साहित्य ( प्रेमचंद...राही मासूम रज़ा ( 'मिली' फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का पुरस्कार प्राप्त करने वाले...) का प्रेमी #प्रदीप_इटावा_वाला 'शर्मा' जी के अपनी ही दुकान #पालीवाल_बुक_सेण्टर पर उपलब्ध सभी उपन्यास पढ़ गया...मुझे तो वे कहीं से भी 'बच्चों' को बिगाड़ने वाले नहीं लगे...
'ओम प्रकाश शर्मा'.जी...अपने नाम के आगे 'जनप्रिय लेखक' क्यों लगाते थे ?
जनप्रिय लेखक 'ओम प्रकाश शर्मा' जी...'विक्रांत'...सीरीज़ के 'ट्रेड' नाम वाले लेखक 'ओम प्रकाश शर्मा' जी ( ? ) से कैसे अलग थे...?
कहानी बहुत लम्बी है...मेरे 'सीने' में इन उपन्यासों को 'पल्प फिक्शन' की गाली देकर 'पुकारने' वालों के प्रति 'शिकायत' दफ़न है...विशाल अनुभव और अध्ययन तो है ही...
नीचे कुछ कोट कर रहा हूँ...
"मैंने उससे दुबारा मेरठ जाने पर पूछा, ''प्रेमचंद और शरतचंद के बीच तुम किसे महान समझते हो ?''
मैंने सोचा कि वही रटा रटाया उत्तर कि दोनों. पर मैं स्वयं तनिक स्तब्ध रह गया, उसका उत्तर सुनकर. उसने कहा प्रेमचंद को ध्यान से पढ़ोगे तो जानोगे कि वह एक ऐसा कायस्थ था जिसका संपूर्ण साहित्य ब्राह्मण विरोधी था जबकि ब्रिटिश युग में ब्राह्मण भी साधारण प्रजा था. आज तो कुछ है ही नहीं.''
...ये किससे मुलाक़ात की 'चर्चा' थी ?
कौन था...जो...बातचीत में तुम...उसका...उसने...जैसे 'आत्मीय' संबोधन यूज़ कर रहा था...?
ये थे...ये तो बाद में बताऊंगा...वो भी यदि मौक़ा लगा...
लेकिन प्रेमचंद जी को... ब्राह्मण विरोधी बताने वाले थे...
वन एण्ड ओनली...जनप्रिय लेखक 'ओम प्रकाश शर्मा'...जी !
राजेश,जगत,जगन,बन्दूक सिंह जैसे 'यादगार' चरित्र को लेकर 'सीरीज़' लिखने वाले दिवंगत 'शर्मा' जी के...दो जासूसी उपन्यासों ( 'एक नवाब पन्द्रह चोर' और 'सुधाकर हत्याकांड' ) का मुख्य पृष्ठ निम्न में शामिल है...
शुरुआत में ही...
शामे-अवध अवश्य प्रसिद्ध है ।
परन्तु अवध की दोपहर...जून का महीना ।
चुंबक की तरह 'जकड़' लेने वाले...शर्मा जी...उनके पढ़े उपन्यास बहुत याद आते हैं...
आमीन...
लेकिन दुःखी मन से...
#प्रदीप_इटावा_वाला
( 9761453660 )
Featured Post
मेरठ उपन्यास यात्रा-01
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...
-
वेदप्रकाश शर्मा ' सस्पेंश के बादशाह ' के नाम से विख्यात वेदप्रकाश शर्मा लोकप्रिय जासूसी उपन्यास जगत के वह लेखक थे जिन्होंन...
-
केशव पण्डित हिन्दी उपन्यासकार केशव पण्डित गौरी पॉकेट बुक्स के Ghost Writer थे। गौरी पॉकेट बुक्स बंद हो जाने के बाद इसका टाइटल 'तु...
-
- मेरे पास उपलब्ध उपन्यासों की सूची। समयानुसार इसे संशोधित किया जाता रहा है। मेरा उद्देश्य 'लोकप्रिय उपन्यास संग्रह' है, जिसके अ...
-
नाम- शैलेन्द्र तिवारी द्वितीय नाम- श्याम तिवारी हिंदी की प्रचलित जासूसी उपन्यासों की दुनिया में एक अलग नाम था - शैलेन्द्र तिवारी। शैलेन्द्र ...
-
नाम- राज भारती लोकप्रिय साहित्य के सितारे राज भारती मूलत पंजाबी परिवार से संबंधित थे। इनका मूल नाम ....था। दिल्ली के निवासी राज भारती जी ने...

.jpg)







