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मंगलवार, 18 जुलाई 2023
सोमवार, 10 जुलाई 2023
राकेश
लेखक - राकेश
लेखक राकेश का एक उपन्यास उपलब्ध है 'चीनी षड्यंत्र' जो की मेरठ से प्रकाशित है।प्राप्त उपन्यास में प्रकाशक 'सीक्रेट सर्विस कार्यालय-मेरठ' और वितरक 'प्रभात पॉकेट बुक्स-मेरठ' लिखा है।
अल्प जानकारी अनुसार 'राकेश' एक एक्शन लेखक थे।
राकेश के उपन्यास
1. चीनी षड्यंत्र
उक्त लेखक के विषय में अन्य कोई जानकारी हो तो अवश्य शेयर करें।धन्यवाद
Email- Sahityadesh@gmail.com
विशेष- धीरज पॉकेट बुक्स के एक लेखक 'राकेश' भी थे, जिनके उपन्यास सामाजिक श्रेणी के थे।
राकेश - धीरज पॉकेट बुक्स
नाम- अशोक तरुण
दिल्ली के निवासी अशोक तरुण जी, प्राप्त संक्षिप्त जानकारी कर अनुसार एक एक्शन उपन्यासकार के रूप में सामने आते हैं।
हालांकि उनके विषय में उनके उपन्यासों से ही जानकारी प्राप्त होती है जो अप्राप्य है।
अशोक तरुण के उपन्यास
- विकास और खूनी षड्यंत्र
- विकास और चीनी दरिंदे
लेखक अशोक तरुण के विषय में कोई जानकारी उपलब्ध हो तो हमसे अवश्य संपर्क करें।Email- Sahityadesh@gmail.com
लेखक का एड्रेसअशोक तरुण2466, बाजार सीताराम
शुक्रवार, 7 जुलाई 2023
मजेदार समोसे- रोचक किस्सा
साहित्य देश के हास्य रस स्तम्भ में प्रस्तुत है प्रसिद्ध उपन्यासकार कर्नल रंजीत के उपन्यास 'वह कौन था' का एक हास्यपूर्ण किस्सा।
"बाबा, तुम समोसे क्या बनाते हो, गजब ढाते हो !" मेजर कहा ।
ठाकुर हिम्मत सिंह मेजर की इस प्रशंसा पर प्रसन्न हुए। उन्होंने ऊंची आवाज में कहा - "बाबा नन्दू, इधर आओ और इनको बताओ कि तुम हमारे घर में नौकर कैसे हुए थे !"
"सरकार, मैं यह कहानी इतनी बार मेहमानों को सुना चुका हूं कि अब उसे दुहराते हुए शर्म आती है।" नन्दू बाबा ने निकट आकर कहा – “मगर मालिक का हुक्म कौन टाल सकता है, साहब ? मैं बावर्ची की नौकरी की खोज में था। बड़े ठाकुर साहब यानी मालिक के दादाजी ने मुझे देखा तो उनको विश्वास न आया कि मैं बावर्ची भी हो सकता हूं। खैर उन्होंने मुझे आजमाने की ठान ली। हुक्म हुआ कि मैं रसोईघर में जाकर दोपहर का खाना तैयार करूं, सबसे पहले वे खाकर देखेंगे। सो हुजूर, खाना बन गया।
ठाकुर साहब खाने के लिए बैठे। मैंने नौकरानी के हाथ पाली परोसकर भिजवाई। थाली में केवल दाल की कटोरी थी और परांठे थे। में धड़कते दिल के साथ रसोई में इन्तजार कर रहा था । वही हुआ जिसकी मुझे उम्मीद थी। बड़े ठाकुर साहब ने बार-बार दाल मंगवाई, यहां तक कि उनका पेट भर गया। फिर वे रसोई में आकर बोले- 'मैं तो सिर्फ दाल ही खाता रहा, बाकी जो चीजें तुमने पकाई होंगी, वे तो पड़ी रह गई...!" मैंने केवल एक बरतन उनके आगे रख दिया जिसमें दाल थी और कहा- 'मैंने और कुछ नहीं बनाया था, सरकार ! बस दाल ही बनाई थी और इस विश्वास के साथ बनाई थी कि आप इसके सिवा और कोई चीज मांग ही नहीं सकेंगे ।' बड़े ठाकुर साहब ने मेरी पीठ बनवाई और उसी दिन से मैं इस घर का सेवक चला आ रहा हूं।" नन्दु बाबा ने हाथ हिलाकर कहा मेजर की नजरें उसके हाथों पर पड़ी तो वह आश्चर्य से उसके मैले हाथों की ओर देखने लगा ।
नन्दू बाबा ने मेजर की निगाहें अपने हाथों पर जमी देखी तो उसने तुरन्त अपने हाथ अपनी पीठ के पीछे छिपा लिए।
उपन्यास- वह कौन था
लेखक - कर्नल रंजीत
बुधवार, 28 जून 2023
तथास्तु- वेदप्रकाश शर्मा, उपन्यास अंश
साहित्य देश के स्तम्भ 'उपन्यास अंश' में इस बार प्रस्तुत है प्रसिद्ध उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा जी के पुत्र शगुन शर्मा जी के उपन्यास 'तथास्तु' का एक रोचक अंश।तथास्तु - शगुन शर्मा
रागिनी का पूरा नाम रागिनी माथवन था। वह यौवनावस्था के नाजुक दौर को पहुंची किसी ताजा खिले गुलाब-सी सुंदर युवती थी उसकी आवाज में जैसे जादू और आंखों में हद दर्जे का आकर्षण था। बला के हसीन चेहरे पर शैशव का अल्हड़पन तथा गजब का आत्मविश्वास था।
वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड की नामचीन प्लेबैक सिंगर थी और आज निर्विवाद रूप से वालीवुड की टॉप सिंगर कही जाती थी। उसकी मधुर आवाज हिंदुस्तान के कोने-कोने में गूंज रही थी।
महज उन्नीस बरस की आयु में यह आज कामयाबी की उस बुलंदी पर पहुंच चुकी थी जो केवल विरलों को ही नसीब होती थी।
उसके सामने बैठे शख्स का नाम भीखाराम भंसाली था। जो कि बाॅलीवुड का सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक था। जिसकी वालीवुड में चौतरफा डिमांड थी और जिसके बारे में यह कहते आम सुना जा सकता था कि किसी फिल्म के साथ उसका नाम जुड़ना ही उस फिल्म की कामयाबी की लगभग गारंटी था।
रागिनी को इस तरह अपनी तरफ देखता पाकर भंसाली के चेहरे पर असंमजस के भाव आ गए।
"लगता है मुझे यहां देखकर आपको कोई खुशी नहीं हुई मिस रागिनी?" भंसाली तनिक खिन्न भाव से बोला ।
"यह आपकी गलतफहमी है जनाब भंसाली साहब।" दुनिया की सबसे मथुर आवाज की स्वामिनी ने अपने होठों पर एक चित्ताकर्षक मुस्कराहट लाते हुए कहा- "आप जैसी शख्सियत से मिलकर भला कौन होगा जो खुश नहीं होगा। खैर... जाने दीजिए।" उसने निःश्वास
भरी- 'और यह बताइए कि आप क्या लेना पसंद करेंगे। ठंडा या... ।"
मंगलवार, 27 जून 2023
राजा- उपन्यास सूची
नाम- राजा
प्रकाशक- मनोज पॉकेट बुक्स, दिल्ली
श्रेणी- बाल उपन्यासकार
उपन्यास साहित्य में असंख्य छद्म लेखकों की पंक्ति में एक और नाम पता चला है। वह नाम है मनोज पॉकेट बुक्स के Ghost writer 'राजा' का।
बाद में मनोज पॉकेट बुक्स से अलग होकर इनकी इन शाखा 'राज पॉकेट बुक्स' और फिर नाम परिवर्तित होकर 'राजा पॉकेट बुक्स' बनी थी। हालांकि लेखक राजा के उपन्यास मनोज पॉकेट बुक्स से ही प्रकाशित हुये थे। और वह भी कोई ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाये।
प्राप्त जानकारी अनुसार छद्म लेखक राजा के बाल उपन्यास की संख्या न्यूनतम ही रही थी।
राजा के उपन्यास
- काली औरत
- इच्छाधारी सांप
- बदसूरत आदमी
- सफेद परछाई

गुरुवार, 22 जून 2023
52 गज का बौना- केशव पण्डित, उपन्यास अंश
52 गज का बौना- केशव पण्डित
उपन्यास अंश
उपन्यास के मुख्य पात्र
बिच्छू - एक लड़की के पीछे पड़ा गुमनाम व सनकी आदमी, जो लड़की के दुश्मनों तथा चाहने वालों का जानी दुश्मन है।
सलीम लंगड़ा -लंगड़ा गैंगस्टर, जो क्रिकेट का शौकीन है और दुश्मन को बैट से मारता है।
भीखू भिखारी - गैंगस्टर भी है और मन्दिर की सीढ़ियों पर बैठकर भीख भी मांगता है।
शकीला बेगम-सौतेली मां द्वारा बना दिया गया हिजड़ा, जो शैतान से भी चार कदम आगे है।
टोनी गोवानी-टी.बी. का मरीज गैंगस्टर, जो अपने शिकार को जहर के इंजेक्शन लगाता है।
बावन गंज का बौना-बार-बार भेष बदलने वाला वो छलावा, जो गैंगस्टर्स से भी टैक्स वसूलता है।
और इनके मुकाबले पर सीना ताने खड़ा है-
दिमाग का जादूगर-केशव पण्डित ।
तेज रफ्तार व अविस्मरणीय कथानकअब पढें 'बावन गज का बौना' उपन्यास अंश
"मैं गैंगस्टर बाहुबली सिंह बोल रहा हूं केशव पण्डित.... बाहुबली । मेरे आदमियों ने तेरी गाड़ी को चारों तरफ से घेरा हुआ है। उनके पास ना सिर्फ एक से एक खतरनाक हथियार हैं, बल्कि वो बमों से भी लैस हैं। अगर तू एक मिनट के भीतर बाहर नहीं निकला तो ये लोग पहले तेरी गाड़ियों पर अन्धाधुन्ध फायरिंग करेंगे और बम फेंककर तुझ समेत तेरी गाड़ी के भी परखच्चे उड़ा देंगे।”सोमवार, 19 जून 2023
हरविंदर - उपन्यास सूची
नाम - हरविंदर
श्रेणी- सामाजिक उपन्यासकार
लोकप्रिय उपन्यासकारों की सूची में एक और नाम शामिल हुआ हैऔर वह नाम है हरविंदर।
हरविंदर के उपन्यास
1. अहसास - (सितंबर- 1977) प्रथम सामाजिक उपन्यास
2. चुभन
3. सिंदूर की लाली
4. मासूम
5. बदलते चेहरे
6. महक
7. बस और नहीं
8. अहसास
9. अधूरा इंसान (क्रमांक 01-09 तक विजय पॉकेट बुक्स, दिल्ली से प्रकाशित)
10. आवारा लहू
11. दुल्हन एक रात की (क्रमांक 10 से 11तक, दुर्गा पॉकेट बुक्स, मेरठ से प्रकाशित)
रविवार, 18 जून 2023
सात जुलाई की रात- विकास सी एस झा
साहित्य देश के स्तम्भ 'उपन्यास अंश' में उस बार प्रस्तुत है युवा उपन्यासकार विकास सी एस झा द्वारा रचित 'सी.एस.टी. सीरीज' के उपन्यास 'सात जुलाई की रात' के रोचक अंश।
हत्यारिन हूँ-विषभरी- हादी हसन, उपन्याश अंश
साहित्य देश के 'उपन्यास अंश' स्तम्भ के अंतर्गत इस बार प्रस्तुत है उपन्यासकार हादी हसन साहब के नये उपन्यास 'हत्यारिन हूँ-विषभरी' का एक अंश। मेजर रणवीर बराड़ का कारनामा।
उपन्यास अंश....डिसूजा वो शख्स था जिस पर लाल बिहारी अपने बाद सबसे ज्यादा विश्वास किया करता था।
"आवा डिसूज़ा...आवा...!" लाल बिहारी मोटे सिगार का कोना शार्पनर से छीलता हुआ बोला—"क्या खबर लाए हो...?"
डिसूजा ने शनील की लाल रंग की थैली उसके सामने रख दी।
"ई का है ?"
"हीरे...मिस्टर लाल...इन्हें उसी रँजीत से हासिल किया गया है जो हमारे बिज़नेस में सेंध लगाने के लिए आया था।" डिसूजा भारी प्रभावी स्वर में बोला।
"रँजीत का का बना ?"
"वही जो होना था।"
"लाश...?"
"लाश कभी बरामद नहीं होती क्योंकि हमारे केस में लाश की बरामदगी एक सिरदर्द साबित होती है।"
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मेरठ उपन्यास यात्रा-01
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...
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वेदप्रकाश शर्मा ' सस्पेंश के बादशाह ' के नाम से विख्यात वेदप्रकाश शर्मा लोकप्रिय जासूसी उपन्यास जगत के वह लेखक थे जिन्होंन...
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केशव पण्डित हिन्दी उपन्यासकार केशव पण्डित गौरी पॉकेट बुक्स के Ghost Writer थे। गौरी पॉकेट बुक्स बंद हो जाने के बाद इसका टाइटल 'तु...
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नाम- शैलेन्द्र तिवारी द्वितीय नाम- श्याम तिवारी हिंदी की प्रचलित जासूसी उपन्यासों की दुनिया में एक अलग नाम था - शैलेन्द्र तिवारी। शैलेन्द्र ...
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- मेरे पास उपलब्ध उपन्यासों की सूची। समयानुसार इसे संशोधित किया जाता रहा है। मेरा उद्देश्य 'लोकप्रिय उपन्यास संग्रह' है, जिसके अ...
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नाम- राज भारती लोकप्रिय साहित्य के सितारे राज भारती मूलत पंजाबी परिवार से संबंधित थे। इनका मूल नाम ....था। दिल्ली के निवासी राज भारती जी ने...






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