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बुधवार, 28 जून 2023

तथास्तु- वेदप्रकाश शर्मा, उपन्यास अंश

साहित्य देश के स्तम्भ 'उपन्यास अंश' में इस बार प्रस्तुत है प्रसिद्ध उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा जी के पुत्र शगुन शर्मा जी के उपन्यास 'तथास्तु' का एक रोचक अंश।
तथास्तु - शगुन शर्मा

अपने आलीशान चैंबर में अपनी ऊंची पुश्तगाह वाली चेयर पर मौजूद रागिनी ने रिवाल्विंग चेयर को घुमाया और अपने सामने मेज के पार बैठे शख्स का खुर्दबीनी से मुआयना किया।

रागिनी का पूरा नाम रागिनी माथवन था। वह यौवनावस्था के नाजुक दौर को पहुंची किसी ताजा खिले गुलाब-सी सुंदर युवती थी उसकी आवाज में जैसे जादू और आंखों में हद दर्जे का आकर्षण था। बला के हसीन चेहरे पर शैशव का अल्हड़पन तथा गजब का आत्मविश्वास था।
           वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड की नामचीन प्लेबैक सिंगर थी और आज निर्विवाद रूप से वालीवुड की टॉप सिंगर कही जाती थी। उसकी मधुर आवाज हिंदुस्तान के कोने-कोने में गूंज रही थी।
महज उन्नीस बरस की आयु में यह आज कामयाबी की उस बुलंदी पर पहुंच चुकी थी जो केवल विरलों को ही नसीब होती थी।
उसके सामने बैठे शख्स का नाम भीखाराम भंसाली था। जो कि बाॅलीवुड का सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक था। जिसकी वालीवुड में चौतरफा डिमांड थी और जिसके बारे में यह कहते आम सुना जा सकता था कि किसी फिल्म के साथ उसका नाम जुड़ना ही उस फिल्म की कामयाबी की लगभग गारंटी था।
रागिनी को इस तरह अपनी तरफ देखता पाकर भंसाली के चेहरे पर असंमजस के भाव आ गए।
"लगता है मुझे यहां देखकर आपको कोई खुशी नहीं हुई मिस रागिनी?" भंसाली तनिक खिन्न भाव से बोला ।
"यह आपकी गलतफहमी है जनाब भंसाली साहब।" दुनिया की सबसे मथुर आवाज की स्वामिनी ने अपने होठों पर एक चित्ताकर्षक मुस्कराहट लाते हुए कहा- "आप जैसी शख्सियत से मिलकर भला कौन होगा जो खुश नहीं होगा। खैर... जाने दीजिए।" उसने निःश्वास
भरी- 'और यह बताइए कि आप क्या लेना पसंद करेंगे। ठंडा या... ।"

शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

शगुन शर्मा


नाम- शगुन शर्मा
जन्म- 16.01.1985
माता-   मधु शर्मा
पिता-  वेदप्रकाश शर्मा (प्रसिद्ध उपन्यासकार)
पत्नी-   राधा शर्मा
सम्प्रति- बालाजी लाइट डैकोरेशन, मेरठ
सम्पर्क- 9997023070
Emai- balajilites@gmail.com
एड्रेस- K-1265, Near PVS Mall,
        Main Road, Shastri Nagar, 
       Meerut (U.P.)-250004

हिंदी लोकप्रिय उपन्यास जगत के सितारे वेदप्रकाश शर्मा के पुत्र शगुन शर्मा के नाम से भी उपन्यास बाजार में आये।
       हालांकि अधिकांश पाठकों का यह मानना है की ये उपन्यास स्वयं वेदप्रकाश शर्मा ने ही लिखे थे बस पुत्रमोह के चलते शगुन शर्मा ने नाम से प्रकाशित करवा दिये‌। शगुन शर्मा के प्रारंभिक उपन्यासों की शैली पूर्णतः वेदप्रकाश की ही है।
      वहीं कुछ पाठक यह भी मानते हैं की शगुन शर्मा के नाम से आने वाले प्रारंभिक उपन्यास वेदप्रकाश शर्मा ने लिखे और बाकी किसी अन्य घोस्ट राइटर ने।
    उक्त दोनों तथ्यों से यही निष्कर्ष निकलता है की इन उपन्यास लेखन में शगुन शर्मा का कोई योगदान नहीं।
    लेकिन उक्त किस्से से अपना कोई अर्थ नहीं है। अपने सिर्फ यह देखना है की शगुन शर्मा के नाम से बाजार में कौन कौन से उपन्यास आये।

    शगुन शर्मा के उपन्यास
1. विकास और केशव पण्डित- 08/2005
2. केशव का बेटा-     10/2005
3. विजेता             - 12/2005
4. मेरा बेटा तीर सा - 02/2006
5. केशव की हुँकार-  04/2006
6. कानून की दुल्हन- 07/2006
7. तांडव               - 09/2006
8. स्वाहा               - 11/2006
9. तथास्तु             - 02/2007
10. तरकश            -05/2007
11. छुपा रुस्तम      -07/2007
12. शतरंज            -01/2008
13. शिकस्त          - 04/2008
14. खून की गंगा     -08/2008
15. गांडीव             -10/2008
16. सरगना           - 12/2008
17. ताजिराते हिंद    -03/2009
18. मैं कौन हूँ         - 07/2009
19. हंस                - 10/2009
20. गिद्ध दृष्टि         - 12/2009
21. नीलकंठ          - 05/2010
22. चक्रवात           -09/2010
23. मौत का मेला    -12/2010
24. बिगुुल              -04/2011
25. बंधक               -07/2011
26. आरोप             - 00/2011
27. आगाज            -04/2012
28. कांटा               -06/2012
29. निगहबान         -10/2012
30. इरादा              -03/2013
31. किरदार            -07/2013
32. मंथन               -11/2013
33. सिहनाद           -
34. धरोहर            -01/2015
35. चिंगारी            -06/2016
36. अग्निकुण्ड (संभवतः अप्रकाशित)



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