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शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

निहाल वर्मा

लेखक निहाल वर्मा के विषय में जो भी प्राप्त जानकारी है उसका एकमात्र स्त्रोत उनके उपन्यास का एक आवरण चित्र है।
    इनके उपन्यास 'सोने का महल' के आवरण पर ‌लिखा गया है - 'मौलिक, तिलस्मी एवं ऐयारी उपन्यास' जिससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है की यह उपन्यास देवकीनंदन खत्री जी की परम्परा का रहा होगा। यह उपन्यास 'हिन्दी प्रचारक पुस्तकालय- वाराणसी-01' से प्रकाशित हुआ है।

निहाल वर्मा के उपन्यास
1. सोने का महल

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शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

नये उपन्यास-फरवरी 2019

फरवरी 2019 में प्रकाशित होने वाले उपन्यास

        उपन्यास पाठकों के लिए फरवरी माह बहुत जबरदस्त रहने वाला है। इस माह एक से बढकर एक उपन्यास पाठकों को मिलने वाले हैं।
     जनवरी माह में वेदप्रकाश कांबोज जी के दो उपन्यास 'दांव-खेल' और 'पासे पलट गये' का रिप्रिंट 'दांव खेल, पासे पलट गये' नाम से और राम पुजारी के दो उपन्यास भी रिप्रिंट हुये 'अधूरा इंसाफ... एक और दामिनी' तथा 'लव जिहाद...एक चिड़िया' दोनों गुल्लीबाबा प्रकाशन से दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में 06.01.2019 को प्रकाशित हुयी।
        अब फरवरी माह में अच्छी, रोचक और पठनीय उपन्यास आ रहे हैं।
        'रवि पॉकेट बुक्स से पांच उपन्यास 20 फरवरी को आ रहे हैं।

       1. समप्रीत- एक. इकराम फरीदी
                         एम. इकराम फरीदी का यह उपन्यास 'समलैंगिक' संबंधों पर आधारित उपन्यास है। फरीदी जी के उपन्यासों में हर बार एक नया कथानक होता है। वही इस उपन्यास में भी है।
                        
       2.  जिप्सी- कंवल शर्मा
                        तेज रफ्तार और कसावट वाले कथानक के लिए जाने जाने वाले लेखक कंवल शर्मा का उपन्यास जिप्सी भी उम्मीद है उनके पहले उपन्यासों जैसा अच्छा मनोरंजन करेगा।
                       
        3. लोमड़ी- शिवा पण्डित
                       - शिवा पण्डित द्वारा लिखित यह उपन्यास 'अर्जुन त्यागी' सीरिज का एक थ्रिलर उपन्यास है।
                      
        4. सुपाड़ी- रीमा भारती
                     'माँ भारती की लाडली और उदण्ड बेटी' स्लोगन वाली रीमा भारती का यह उपन्यास उनके पाठकों के लिए एक अच्छा तोहफा होगा।
                    
       5. टक्कर का आदमी- अनिल मोहन
                     अनिल मोहन जी का यह रिप्रिंट उपन्यास भी एक अच्छा व जबरदस्त उपन्यास है।‌


सूरज पॉकेट बुक्स के भी इस माह उपन्यास प्रकाशित हो रहे हैं।

6. खूब बरसेगा-  परशुराम शर्मा
              हाॅरर के पाठकों के लिए एक दिल थर्रा देने वाला यह उपन्यास सूरज पॉकेट बुक्स से इस माह प्रकाशित हो रहा है। परशुराम शर्मा जी हाॅरर लेखन में अच्छा लिखते हैं।
 
7. सूरमा- अनिल मोहन
                अनिल मोहन जी के पाठकों के लिए यह एक अच्छी खबर है की उनके उपन्यास उन्नत लगातार रिप्के माध्यम से पढने को मिल रहे हैं।
                  रवि पॉकेट बुक्स यहाँ उनका उपन्यास 'टक्कर का आदमी' रिप्रिंट कर रहा है वहीं सूरज पॉकेट बुक्स  देवराज चौहान सीरिज का 'सूरमा' ला रहा है।
                             
8. अस्तित्व- चन्द्रप्रकाश पाण्डेय
                   एक नये जेनर पर आधारित यह उपन्यास स्वयं में एक नये कथानक पर आधारित है।
                    'अस्तित्व- काल का रहस्य' एक रहस्य में डूबा हुआ रोचक उपन्यास है।
                   
9. ड्राप डेड- रुनझुन सक्सेना, शुभानंद
                 पाठकों को लंबे समय से इंतजार था कब रुनझुन सक्सेना और शुभानंद का संयुक्त रूप से उपन्यास आये। जिन्होंने रुनझुन सक्सेना का उपन्यास 'चालीसा का रहस्य' पढा है, वह पाठक तो इस किताब का बेताबी से इंतजार कर रहा है।

10. आप्रेशन AAA- मोहन मौर्य
                    लंबे समय पश्चात मोहन मौर्य जी का उपन्यास आ रहा है। यह एक थ्रिलर उपन्यास है। उम्मीद है पाठको का भरपूर मनोरंजन करेगा।
                   
12. दस जून की रात- संतोष पाठक     
                     सुरेन्द्र मोहन पाठक जी की शैली में लेखन करने वाले संतोष पाठक जी का उपन्यास 'दस जून की रात' फरवरी माह में प्रकाशित होगा। यह उपन्यास एक मर्डर मिस्ट्री है।    
                    

Book Cafe  की प्रस्तुति

13. तेरी मेरी कहानियाँ- अमित खान
                  अमित खान के स्वयं के प्रकाशन संस्था Book Cafe के तहत उनकी कहानियाँ का संग्रह 'तेरी मेरी कहानियाँ' शीर्षक से आ रहा है जिसमें एक लघु उपन्यास भी शामिल है।
                 
15. सर्जिकल स्ट्राइक- अमित खान
                  मेरे विचार से इस विषय में आजतक कोई भी जासूसी उपन्यास नहीं लिखा गया।  यह 'कमाण्डर करण सक्सेना' सीरिज का उपन्यास है जो सर्जिकल स्ट्राइक जैसे विषय पर आधारित है।
                 

एक नये पब्लिकेशन FlyDreams Publication का शायद यह दूसरा सेट है। इस सेट के अंतर्गत विविध विषयों पर रोचक उपन्यास प्रकाशित हो रहे हैं।
        प्रिटिंग के क्षेत्र में fly dreams कि एक अलग और सार्थक पहचान है।

16. अलबेला- अरविन्द सिह नेगी
             उपन्यास के आवरण पृष्ठ से आभास होता है यह उपन्यास पाठकों को एक मनोरंजन दुनियां में ले जाने में सक्षम है।
                  
17. खौफ-     देवेन्द्र प्रसाद
                 फरवरी माह हाॅरर पाठकों के लिए जबरदस्त रहने वाला है। देवेन्द्र प्रसाद का उपन्यास 'खौफ...कदमों की आहट' पाठकों के दिल पर दस्तक देने आ रहा है।
                      

18.  रिश्तों की छतरी - मनमोहन भाटिया
               शीर्षक से जैसे आभास होता है यह एक सामाजिक विषयों पर आधारित है।

19.  तिलिस्मी खजाना- नृपेन्द्र शर्मा
              तिलस्मी विषय पर एक लंबे समय पश्चात एक अच्छा उपन्यास शायद पाठकों को पढने को मिलेगा।

      Fly Dreams के उपन्यासों का लिंक
Fly Dreams

आपको यह प्रस्तुति कैसी लगी कमेंट में अवश्य बतायें।

साहित्य देश ब्लॉग
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य संरक्षण हेतु प्रयासरत है।
  आपके सहयोग की आवश्यक है।

सोनु पण्डित

सोनु पण्डित एक घोस्ट लेखिका है। सोनु पण्डित के उपन्यास वेदप्रकाश शर्मा जी के प्रकाशन तुलसी पैपरबुक्स से प्रकाशित हुये थे।
    ‌‌‌       सोनु पण्डित के उपन्यास
1. शंगुफा (यह उपन्यास योगेश मित्तल जी द्वारा लिखा गया है)

बुधवार, 6 फ़रवरी 2019

केसर पण्डित

केशर पण्डित एक घोस्ट लेखन का कमाल है। केशर पण्डित के उपन्यास शिवा पॉकेट बुक्स- मेरठ से प्रकाशित होते थे।

केेसर पण्डित के उपन्यास क्रम
1. खुले आम, कत्ले आम
2. आखिरी हथियार
3. नई पहेली
4. कातिल की दूसरी शादी
5. केशव पण्डित मौत के चक्रव्यूह में
6. केशव पण्डित और वहशी दरिंदा
7. केशव पण्डित और सिहंगी का बेटा
8. केशव पण्डित और सबसे बड़ा खिलाड़ी
9. केशव पण्डित और महाप्रलय
10. केशव पण्डित ललकारे शैतान को
11. केशव पण्डित और बिजली का बेटा
12. केशव पण्डित और वतन का प्रतिशोध
13.
14.
15.


मंगलवार, 5 फ़रवरी 2019

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-11,12

आइये, आपकी पुरानी किताबी दुनिया से पहचान करायें - 11
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गुप्ता जी ने जब यह कहा कि उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़ी है तो तत्काल ही मैंने पूछा - "कैसी लगी ?"
"ठीक है...!" गुप्ता जी ने ढीले-ढाले अन्दाज़ में कहा !
तभी वहाँ भारती साहब भी आ गये।  पर आज वह अकेले थे !
उन्होंने भी मुझसे हाथ मिलाया। भारती साहब से उस समय हाथ मिलाकर मैंने स्वयं को कितना गर्वित महसूस किया, बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
मैंने लकड़ी की कुर्सी भारती साहब के लिए छोड़ दी और खुद एक फोल्डिंग चेयर बिछाकर उस पर बैठ गया।

"अभी आया है ?" भारती साहब ने मेरी ओर देखते हुए पूछा !
"हाँ, बस कुछ ही देर हुई है।" -मैंने कहा।
"सुस्त लग रहा है ?"
"नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं।"
"चाय पी ?" भारती साहब ने मुझसे पूछा !
जवाब गुप्ता जी ने दिया -"मैं अभी मंगाने वाला था !"
"मंगाने वाला था, क्या होता है, आर्डर कर !" 
"पंडित जी !" गुप्ता जी ने आवाज़ दी !

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-09,10

योगेश मित्तल जी के संस्मरण
आइये, आपकी पुरानी किताबी दुनिया से पहचान करायें - 9
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आज सोचता हूँ - मेरी वो खिंचाई अस्वाभाविक नहीं थी ! मेरे सामने कोई अजूबा आ जाये तो उसकी हकीकत जानने के लिए मैं भी कुछ तो शगूफे छेड़ूँगा ही !

"माशूका नहीं समझे ! माशूका उर्दू का शब्द है, इसका मतलब है प्रेमिका !” जब वालिया साहब ने मुझसे कहा और हठात ही मेरे मुंह से निकल गया था - "मालूम है !”

तब इससे पहले की कोई और कोई भी प्रतिक्रिया देता, शुरु से खामोश बैठे गुप्ता जी (लालाराम गुप्ता) ने अब पहली बार मुँह खोला, बोले -"योगेश जी को सब पता है, इन्हें आप सब बच्चा मत समझिये !" और इसी के साथ उन्होंने दराज में रखी "जगत की अरब यात्रा" की मेरी स्क्रिप्ट निकालकर राज भारती जी की ओर बढ़ा दी !

अब सोचता हूँ तो लगता है कि उस समय गुप्ता जी को अवश्य ही मुझ पर तरस आ गया होगा !

गुप्ता जी ने स्क्रिप्ट क्या बढ़ाई, माहौल में एकदम सन्नाटा छा गया ! सबकी नज़रें मेरी स्क्रिप्ट पर ठहर गई थीं !
तभी कहीं कोई कुण्डी खड़की थी ! 

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-07,08

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार- भाग- 07

           इंसान जिद्द पर आ जाए तो क्या नहीं कर सकता ! पर जिद्द अच्छी बातों के लिए हो तो ठीक ही रहती हैं ! और तब तो एक आदत के अलावा मुझ में कोई बुरी आदत थी ही नहीं ! 

हाँ, बाद में बुरी आदतें भी सीखीं, पर बहुत धीरे-धीरे ! उनका जिक्र भी समय आने पर करूंगा ! 
अगर आप नौजवान या किशोर ना कहें तो सीधे-सीधे शब्दों में कह सकते हैं कि उन दिनों मैं बहुत आदर्शवादी बच्चा था, बस एक बुरी आदत थी मुझ में ! तब मैं बहुत गुस्सैल था ! आज जो लोग मुझे जानते हैं, यकीन ही नहीं करते कि कभी मुझे गुस्सा भी आता रहा होगा !  

जब गुप्ता जी ने कहा -  “उपन्यास दस दिन में पूरा करना होगा, लेकिन कम्पलीट करने से पहले आप अगले संडे को यहां आइये, तब तक जितना भी मैटर लिखा हो साथ ले आइयेगा !" 

 तब मैंने सोचा – ‘अब उठने का वक्त हो गया है !’ 
वैसे भी मेरी नज़र में अब कोई बात बाकी रह ही नहीं गयी थी ! मैं उठ खड़ा हुआ ! 
गुप्ता जी ने फ़ौरन टोक दिया -"अरे-अरे, आप तो एकदम खड़े हो गए ! अभी हमने आपको जाने की इज़ाज़त कहाँ दी है !" 

सोमवार, 28 जनवरी 2019

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-05, 06

आइये, आपकी पुरानी किताबी दुनिया से पहचान करायें - 5
लेखक- योगेश मित्तल
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अरुण कुमार शर्मा उन दिनों कोई नौकरी पाने के लिए भी भाग-दौड़ कर रहा था ! अतः उसका मुझसे मिलना कम ही होता था !

भारती पाॅकेट बुक्स का विज्ञापन वाला अखबार मुझे थमाने के बाद अगले दिन सुबह ही सुबह वह मेरे घर आ गया ! तब मैं नहा-धोकर तैयार था ! मुझे सुबह जल्दी उठने और जल्दी नहा लेने की आदत तब भी थी, अब भी है !

"आ चल, बाहर चलते हैं !" अरुण ने कहा !
हम बाहर निकल मामचन्द चायवाले की दुकान पर बाहर पड़ी खाली बेंच पर बैठ गये !
तब चाय पन्द्रह पैसे की होती थी ! चाय का आर्डर अरुण ने दिया और मुझसे पूछा -"तो क्या सोचा है ?"
"किस बारे में ?" मैंने पूछा तो वह गर्म हो गया और बहुत भद्दी भाषा में उसने जो कुछ कहा, उसका मतलब यह था कि कभी अपने लिए भी कुछ करना है या हमेशा बिमल चटर्जी और कुमारप्रिय के लिए लिखना है !

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार- 03, 04

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार -भाग-03
लेखक- योगेश मित्तल (रजत राजवंशी)
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कलकत्ते से आने के बाद दिल्ली के गाँधीनगर में बसने पर मेरे सबसे पहले जो दो दोस्त बने, उनमें से एक था नरेश गोयल, दूसरा था अरुण कुमार शर्मा।
नरेश गोयल तो ठीक-ठाक फैमिली से था, पर अरुण कुमार शर्मा के दिन मुफ़लिसी के थे।
        रघुवर पुरा नम्बर दो या शायद शान्ति मोहल्ले में घर जरूर अपना था, पर अधबना, जिसका फर्श भी कच्चा था ! लम्बा-गोरा भूरी आँखों वाला अरुण कुमार शर्मा रोज ही सुबह शाम मुझसे मिलता था।  जब मेरी सिटिंग 'विशाल लाइब्रेरी' में होने लगी तो वह मुझसे मिलने विशाल लाइब्रेरी भी आने लगा, किन्तु एक-दो बार में ही उसे भी और मुझे भी यह एहसास हो गया कि बिमल चटर्जी ने उसे पसन्द नहीं किया है, बल्कि विशाल लाइब्रेरी में उसका आना भी बिमल को नापसन्द था।
        अरुण को अक्सर पैसों की जरूरत रहती थी ! कभी वह मुझसे माँगता तो मैं मना नहीं करता था।
           जब उसने यह जाना कि मैं बिमल चटर्जी के लिए कहानियाँ लिख रहा हूँ और बिमल मुझे हर कहानी के पाँच रुपये देते हैं तो उसके दिल में भी कहानियाँ लिखने की धुन सवार हो गी।

शुक्रवार, 25 जनवरी 2019

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार -01,02

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार- भाग-01
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भारती पाॅकेट बुक्स    नाम पढ़ते-सुनते आप सबके मन-मस्तिष्क में एक ही बात आती होगी कि इस संस्था के मालिक तो राज भारती ही रहे होंगे।
      बात सही है, पर पूरी तरह ऐसा भी नहीं था,  लेकिन भारती पाॅकेट बुक्स में अपने प्रवेश और पहचान के बारे में बताने से पहले आपकी किताबी दुनिया से कुछ और भी पहचान करा दूँ।

तब दरीबाँ कला दो बातों के लिए मशहूर था।
1. एक तो वहाँ ज्वैलरी की बहुत दुकानें थीं। 
2. दूसरे पुस्तकों के थोक विक्रेताओं का यही एक गढ़ था।

इसके अलावा दो और खाशियत थीं दरीबे की।
         एक तो हीरा टी स्टाल, जिसकी चाय का स्वाद घर की चाय से भी बेहतर होता था। चाय की सतह पर दूध की मलाई का स्वाद भी हीरा टी स्टाल की चाय में उठाया जा सकता था।
          दूसरी खासियत थी दरीबे में प्रवेश के नुक्कड़ पर स्थित हलवाई की दुकान, जिसका नाम अब याद नहीं।
   देशी घी की जलेबी और समोसे के लिए वह दुकान काफी मशहूर थी। मुझे नहीं पता कि अब भी ये हैं या नहीं।
         तो हमारी दिलचस्पी तो पुस्तकों में है तो आगे की बात पुस्तकों की ही हो जाये।
        दरीबे में राज पुस्तक भंडार, नारंग पुस्तक भंडार, गर्ग एंड कम्पनी, रतन एंड कम्पनी, पंजाबी पुस्तक भंडार आदि पुस्तकों के थोक विक्रेताओं की दुकानें थीं, जहाँ से पुस्तकें खरीदने दिल्ली के नहीं दिल्ली के नजदीकी क्षेत्रों के पुस्तक बिक्रेता आया करते थे।

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 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...