लेबल

राकेश पाठक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
राकेश पाठक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 10 अगस्त 2023

क्राइम एक्सपर्ट- राकेश पाठक, उपन्यास अंश

साहित्य देश के उपन्यास अंश में इस बार पढें लोकप्रिय साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यासकार राकेश पाठक जी के चर्चित उपन्यास 'क्राइम एक्सपर्ट' उपन्यास का एक अंश।
फोन की घण्टी बजने पर स्टाफ के साथ जश्न मना रहे इन्सपेक्टर मुकेश तिवारी ने रिसीवर उठाया तथा कान से लगाकर बोला- “हैलो, कौन ?"
"कांग्रेचुलेशन, मिस्टर तिवारी ।" दूसरी तरफ से मानो कोई गहरे कुंयें से बोल रहा था-"तुमने बहुत बड़ा कारनामा कर दिखलाया है।"
“हां, कारनामा तो किया ही है मैंने।”- मुकेश तिवारी सीने पर लगे सोने के तमगे को सहला कर बोला, "रिंगो को खत्म कर दिया है मैंने। वो साला कानून और पुलिस डिपार्टमैंट के लिये सिरदर्द और चैलेंज बना हुआ था। तभी तो सरकार ने उस पर पूरे एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था। लेकिन तुम कौन हो ?"


“रिंगो।"
“क्या बकते हो ? पुलिस वाले से ही मजाक ? रिंगो को तो मैंने मार दिया।"
"रिंगो के पंच तत्वों से बने शरीर को ही ना, उसकी आत्मा को तो नहीं ना ?” - मानो कोई जख्मी नाग ही फुफंकारा हो, “थोड़ा-सा चूक गया मैं और तेरी गोलियों का शिकार हो गया। वरना तेरे जैसे पुलिस वाले मेरी जेबों में पड़े रहते थे। ओवर कॉन्फीडेन्स का शिकार हो गया था मैं। खरगोश और कछुवे वाली बात ही हो गई। खरगोश ने सोचा कि कछुआ तो शाम तक भी विनिंग स्पॉट पर नहीं पहुंच पायेगा, और वो सो गया। जब नींद टूटी तो कछुआ रेस जीत चुका था। मैं आत्मा हूँ 'रिंगो की आत्मा' ।"

मंगलवार, 27 जुलाई 2021

राकेश पाठक - उपन्यास पोस्टर

 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य के एक्शन लेखक राकेश पाठक जी के उपन्यासों के कुछ पोस्टर


राकेश पाठक जी के उपन्यास 'प्लास्टिक की बीवी' का एक पोस्टर


Rakesh pathak novel

Rakesh pathak novel

Rakesh pathak novel


मंगलवार, 29 मई 2018

राकेश पाठक

राकेश पाठक
         अपनी कलम‌ से सनसनी लिखने वाले राकेश पाठक जी का उपन्यास जगत में एक अलग ही‌ मुकाम था। इनके उपन्यासों में रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम होता था।
      'अब क्या होगा', 'क्राइम स्कूल' जैसे अद्भुत उपन्यास राकेश पाठन जी की प्रतिभा का ही चमत्कार है। हालांकि बाद के उपन्यास इनके हिंसा से भरे होते थे। लेकिन पात्रों के संवाद हाहाकारी‌ लिखने में पाठक जी का कोई सानी न था।
        हिंसक उपन्यास का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है की पाठक जी के एक पात्र अमरकांत का नाम ही 'कत्ल की‌ मशीन' था।
           राकेश पाठक जी के आरम्भिक उपन्यासों के बाद सभी उपन्यास गौरी पॉकेट बुक्स मेरठ से ही प्रकाशित होते थे।

राकेश पाठक जी के उपन्यास (गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित)

1. मेरा पति जिंदा करो
2. कत्ल एक अजूबा
3. मर्डर मिस्ट्री
4. थाना देगा दहेज
5. बहन के कटे हाथ
6. गुण्डों की सरकार
7. पुलिस स्टेशन
8. बापू मुझको रोटी दो
9. खूब बहेगा सङकों पर
10. चूहा लङेगा शेर से
11. भाषण नहीं राशन दो
12. खिलौनों को बना दो हथियार
13. चुन-चुन कर मारुंगा
14. विधवा का गैंग
15. चौबीस घण्टे की जंग
16. आर-पार की लङाई
17. क्राइम स्कूल
18. अदालत में खङा यमराज
19. मियां-बीवी का गैंग
20. मेरा शेर सबका बाप
21. भूखा हूँ लाश चाहिए
22. दस सिर वाला मुख्यमंत्री
23. शेरनी का बेटा
24. शीsss कातिल आ रहा है।
25. हिटलर की माँ
26. मुर्दा कत्ल करेगा
27. कानून की देवी
28. गुमनाम है कोई
29. मेरा ससूरा मुख्यमंत्री
30. सावधान! आगे थाना है।
31. डायमण्ड राॅबरी
32. कातिल की बारात
33. कत्ल की‌ मशीन
34. कत्ल का जादूगर
35. चूङियां पहनेगा गैंगस्टर
36. बौने की करामात
37. कौन है मेरा कातिल
38. प्लास्टिक की बीवी
39. इच्छाधारी नेता
40. वर्दी का धमाका
41. मेरी मम्मी पापा की जेब में
42. क्राइम एक्सपर्ट
2. कत्ल एक अजूबा
3. मर्डर मिस्ट्री
4. थाना देगा दहेज
5. बहन के कटे हाथ
6. गुण्डों की सरकार
7. पुलिस स्टेशन
8. बापू मुझको रोटी दो
9. खूब बहेगा सङकों पर
10. चूहा लङेगा शेर से
11. भाषण नहीं राशन दो
12. खिलौनों को बना दो हथियार
13. चुन-चुन कर मारुंगा
14. विधवा का गैंग
15. चौबीस घण्टे की जंग
16. आर-पार की लङाई
17. क्राइम स्कूल
18. अदालत में खङा यमराज
19. मियां-बीवी का गैंग
20. मेरा शेर सबका बाप
21. भूखा हूँ लाश चाहिए
22. दस सिर वाला मुख्यमंत्री
23. शेरनी का बेटा
24. शीsss कातिल आ रहा है।
25. हिटलर की माँ
26. मुर्दा कत्ल करेगा
27. कानून की देवी
28. गुमनाम है कोई
29. मेरा ससूरा मुख्यमंत्री
30. सावधान! आगे थाना है।  समीक्षा
31. डायमण्ड राॅबरी
32. कातिल की बारात
33. कत्ल की‌ मशीन
34. कत्ल का जादूगर
35. चूङियां पहनेगा गैंगस्टर
36. बौने की करामात
37. कौन है मेरा कातिल
38. प्लास्टिक की बीवी
39. इच्छाधारी नेता
40. वर्दी का धमाका
41. मेरी मम्मी पापा की जेब में
42. क्राइम एक्सपर्ट
43. सुनामी
44. दहशत 
45. बारह घण्टे बारह कत्ल
46. मैं कौन हूँ?
47. इंस्पेक्टर
48. इंतकाम के शॊले (प्रथम भाग)
49. दहक उठा इंतकाम( द्वितीय भाग) (क्रमांक 45-50 तक सूर्या पॉकेट बुक्स मेरठ)
50. अब क्या होगा?
51. माफिया का दुश्मन
52. धरती माँ के सपूत (51-52, नूतन पॉकेट बुक्स मेरठ)






संपर्क-
राकेश पाठक
544, गणेशपुरी, खतौली,
जिला. -मुज्जफरनगर
उत्तर प्रदेश- 2512001

रविवार, 24 दिसंबर 2017

राकेश पाठक

राकेश पाठक - एक परिचय

राकेश पाठक के कई उपन्यास गौरी पाकेट बुक्स,मेरठ से प्रकाशित हुए, बेहतरीन लेखक थे। अनेक उपन्यास छद्म नाम से लिखे, सौ से अधिक। छद्म नाम से लिखे नावलों की विशाल मार्केट थी। छद्म नाम का विवरण पॉकेट बुक्स के असूल  के खिलाफ बात है।
                  राकेश पाठक ने पहले अपने नाम से ही लिखा, बहुत मेहनत से लिखा, प्रकाशक महोदय ने उनकी मेहनत को सराहा। पर उस समय के पाठक जगत ने विमल चटर्जी और कुमार कश्यप को खूब स्वीकार कर रखा था । वेद जी, राज भारती भी सेल में शीर्ष स्थान पर थे। यह सन् 1987-88 की बात है।
                  राकेश जी कई उपन्यास लिखने के बाद जब वह मुकाम न पा सके जिससे लेखक घर-परिवार चला सके, तब प्रकाशक महोदय, जो राकेश की लेखनी के खास कद्रदां थे, उन्होंने प्रस्ताव छद्म नाम से लिखने का रखा । नाम रजिस्टर्ड कराया । राकेश जी लिखने लगे । साथ में यह भी शर्त थी कि कि बीच-बीच में उनके नाम से ' राकेश पाठक ' का भी नावल आता रहेगा । प्रकाशक और लेखक दोनों के बीच बढ़िया तालमेल अंत तक रहा । पर छद्म नाम से लिखे नावल और नाम, दिन दूनी, रात चौगुनी प्रगति पाता गया , राकेश पाठक नाम बची खुची सेल खोता रहा ।
  गौरी पाकेट बुक्स कई साल पहले बन्द हो चुकी है । प्रकाशक महोदय की कुछ साल पहले निधन हो चुका है । राकेश पाठक साहब,जिला मुज़फ़्फ़र नगर ,खतौली कस्बा उ.प्र. के निवासी हैं ।
              कई वर्षों से इस बात की जानकारी नहीं। उम्र साठ के आसपास होनी चाहिए क्योंकि तीस साल पहले वे अपने नाम से छपकर मार्केट में आ चुके थे।   उस समय वे मैच्योर लेखक मे शुमार थे ।

@आबिद रिजवी जी के स्मृति कोष से

Featured Post

मेरठ उपन्यास यात्रा-01

 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...