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सोमवार, 27 जुलाई 2020

प्रिंस सईद

नाम- प्रिंस सईद
जन्म-
संपर्क- 
       प्रिंस सईद
        चुचैयापारा,
        विलासपुर आर.एस.(एम. पी.)
     उपन्यासकार प्रिंस स ईद के विषय में कुछ जानकारी उपलब्ध हो पायी, इनका एक उपन्यास 'एक थी लड़की' किसी मित्र को मिला था, यह जानकारी वहीं से मिली है।
    इनके उपन्यास रॉयल पॉकेट बुक्स, पहाड़गंज, दिल्ली से प्रकाशित होते रहे हैं। 

प्रिंस सईद के उपन्यास
1. एक थी लड़की
2. जख्म

किसी पाठक मित्र को उपन्यासकार प्रिंस स ईद के विषय में जानकारी हो तो संपर्क करें।
धन्यवाद
- sahityadesh@gmail.com
  
  

प्रेम कुमार शर्मा

नाम- प्रेम कुमार शर्मा

जन्म- 03.03.1956
मृत्यु-  24.09.2021
पिता- रामनिरंजन शर्मा

   उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के निवासी प्रेम कुमार शर्मा का जन्म एक साहित्यिक परिवार में हुआ था। इनके पिता भी लेखक थे, जिन्होंने उपन्यास, कविता के अतिरिक्त फिल्म निर्देशन में भी हाथ आजमाया था। साहित्यिक परिवार में पैदा होने के कारण इनका झुकाव साहित्य की तरह रहा, काॅलेज समय से ही इन्होने साहित्यिक लेखन आरम्भ कर दिया था। 

सन् 70-80 के मध्य पत्रकारिता की। 'नूतन कहानियाँ', 'सच्ची कहानियाँ' पत्रिकाओं का संपादन भी किया। सन् 90 के दशक में प्रसिद्ध उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा जी के निमंत्रण पर मेरठ आ गये और तुलसी पॉकेट बुक्स की पत्रिका 'तुलसी कहानियाँ' का संपादन कार्य। मेरठ में आने के पश्चात प्रेम कुमार शर्मा जी का झुकाव जासूसी उपन्यास लेखन की तरह हो गया। जहाँ उन्होंने स्वयं के नाम से उपन्यास लिखे वहीं प्रेम कुमार शर्मा जी द्वारा लिखित कुछ उपन्यास 'अजगर' नाम से भी प्रकाशित हुये।


प्रेम कुमार शर्मा के क्रमशः उपन्यास
1. देखो और मार दो (प्रथम उपन्यास)
2. सावधान, कुत्ते खुले हैं।
3. आप्रेशन हिंदू
4. काला सच ( अप्रकाशित)
5. दानव देश ( अप्रकाशित)

संपर्क-
प्रतीक शर्मा पुत्र श्री प्रेम कुमार शर्मा
Prateek Sharma
Contact:- 
-  8359958568
Email-  splendidhazard@gmail.com
 Sagar, MP


अंजुम अर्शी

नाम- अंजुम अर्शी
जन्म- 
माता-
पिता-
यह हैं जनाब सैमुएल अंजुम अर्शी, जिन्होंने अंजुम अर्शी नाम से मास्टर ब्रेन सीरीज़ के बहुत सारे बेहतरीन उपन्यास लिखे और सैमी नाम से भारती पाकेट बुक्स में बहुत से सामाजिक उपन्यास लिखे तथा मनोज पाकेट बुक्स में मनोज नाम से छपने वाले आरम्भिक दो उपन्यास 'खामोशी'और 'जलती चिता' इन्हीं के लिखे थे।

एक खास बात और
हथियार के नाम पर बूमरैंग टाइप की गेंद का इस्तेमाल सैमुएल अंजुम अर्शी साहब ने अपने मास्टर ब्रेन सीरीज़ के उपन्यासों में बखूबी किया था, वो अपने किस्म का अनूठा उदाहरण है!
दुश्मन पर मास्टर ब्रेन की गेंद का वार और दुश्मन चारों खाने चित्त और गेंद फिर से मास्टर ब्रेन के हाथ में।
आप में से जिसने भी पढ़े होंगे - मास्टर ब्रेन सीरीज़ के उपन्यास, निश्चय ही भूले नहीं होंगे और खास बात यह कि यह खूबी सिर्फ मास्टर ब्रेन के उपन्यासों में ही मिलेगी।

सफदरजंग अस्पताल में 28 नम्बर वार्ड के इंचार्ज किसी समय ये ही थे और बहुत सारी नर्सों तथा वार्ड बाय को ट्रेनिंग भी दिया करते थे।
सैमुएल अंजुम अर्शी साहब मेहमाननवाजी में जवाब नहीं रखते थे। कोई भी आये - सिर आँखों पर बैठाते थे। अच्छा सत्कार करते थे और बड़े प्यार से धीरे धीरे बात करते थे।
जबरदस्त कुक भी थे। खास तौर से नानवेज बनाने में इनका जवाब नहीं था।
आप यदि दस बार इनके यहाँ गये होंगे तो हर बार आपको नयी-नयी डिश खिलाई होगी, क्योंकि इनकी याद्दाश्त भी गज़ब की हुआ करती थी और....
इससे ज्यादा और मुझसे बेहतर इनके बारे में आज के लोगों में दूसरा एक भी शख्स कुछ नहीं बता सकता।
आखिरी बार इनसे नोयडा स्थित जर्मन डिजाइन की बनी कोठी में हुई थी। बदकिस्मती से आज वो पता याद नहीं है।
और हाँ, मुसलमान नहीं, क्रिश्चियन थे और इनकी दो बीवियाँ थीं।

#योगेश मित्तल जी के स्मृति कोष से



अंजुम अर्शी के उपन्यास
1. टापू की तबाही
2. फार्मूला + और - (इरफान सीरीज )
3. मुजरिमों का अजायबघर (ब्रेन मास्टर सीरीज)
4. खूनी हंगामें
5. मुर्दा चेहरा जिंदा आँखें
6. नो मैन
7.  तिकोना अपराधी -(ब्रेन मास्टर सीरीज)
8. लकड़ी की कब्र - (ब्रेन मास्टर सीरीज)
9.
10.

रविवार, 26 जुलाई 2020

अजय ठकराल

अजय ठकराल यह नाम मेरे लिए अभी तक नाम मात्र ही है। अजय ठकराल का ना तो कोई उपन्यास देखा है, ना कहीं चर्चा सुनी है।
  बस एक जगह से संक्षिप्त जानकारी मिली है

'अजय ठकराल' नाम के कोई लेखक थे, उनका उपन्यास था 'दबे पांव'।
यह जानकारी सुनील प्रभाकर के उपन्यास 'मौत का साया' से मिली है। जो गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुआ था।
'मौत का साया' का एक संवाद देखें-
संवाद देखें
जेम्स को एक पुस्तक विक्रेता कहता है-
" ये लीजिये- अजय ठकराल का नया उपन्यास 'दबे पांव' कमाल का उपन्यास है....।"

  अगर किसी मित्र को अजय ठकराल के विषय में जानकारी हो तो अवश्य बतायें।
धन्यवाद
Email- sahityadesh@gmail.com

शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

उपन्यास मार्च- जुलाई 2020

नमस्ते पाठक मित्रो,
सन् 2020 'कोरोना काल' बहुत से नये उपन्यास बाजार में आये और कुछ रिप्रिंट भी। हालांकि इस समय में ebook पर उपन्यास प्रकाशित हुये और फिर हार्डकाॅपी में, कारण यह रहा की lockdown चलते प्रिटिंग का काम बंद रहा।
अब lockdown हट गया है और उपन्यास हार्डकाॅपी में आने आरम्भ हो गये हैं। हालांकि कुछ कारणों से ब्लॉग पर फरवरी बाद के नये उपन्यासों की सूचना अपडेट न हो पायी। अब आप मार्च से लेकर जुलाई तक के उपन्यासों की सूचना एक साथ यहाँ पर पढ सकते हो।

रवि पॉकेट बुक्स
1. टोपाज- कंवल शर्मा
रवि पॉकेट बुक्स से कंवल शर्मा का नवीनतम उपन्यास टोपाज 25 जुलाई 2020 को प्रकाशित हो चुका है।
कंवल जी के पाठक को इस उपन्यास का बेचैनी से इंतजार है।

2. शालीमार- जेम्स हेडल चेईज
जेम्स हेडल चेईज के उपन्यास ....का हिन्दी अनुवाद 'शालीमार' शीर्षक से हसन अल्मास ने किया है।
हसन अल्मास जी का यह प्रथम अनुवाद है।
3. गुण्डागर्दी- अनिल मोहन
अनिल मोहन जी के उपन्यास 'गुण्डागर्दी' का रिप्रिंट भी आ रहा है। यह देवराज चौहान सीरीज का उपन्यास है।


थ्रिल वर्ल्ड
             थ्रिल वर्ल्ड के तत्वाधान में संतोष पाठक जी और इकराम फरीदी जी के उपन्यास आये हैं। lockdown के चलते जो उपन्यास eBook में आये थे वे सब हार्डकाॅपी में आ रहे हैं।
1. इन साइडजाॅब- संतोष पाठक
संतोष पाठक जी का विशाल सक्सेना सीरीज उर्फ पनौती सीरीज का तृतीय उपन्यास पाठक के लिए प्रस्तुत है।

इन साईड जाॅब की एक झलक देखें
     वर्षा अवस्थी को पति की हत्या के इल्जाम में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की निगाहों में वह ओपेन ऐंड शट केस था, क्यों कि मुलजिम खुद ये कबूल कर रही थी कि वह अंजाने में रिवाल्वर का ट्रैगर दबा बैठी थी। एक तरफ पुलिस मामले को इरादतन की गई हत्या साबित करने पर तुली थी तो दूसरी तरफ मुलजिम का वकील उसे गैरइरादतन हत्या साबित करने पर जोर दे रहा था। जबकि उन सब से अलग विशाल सक्सेना उर्फ पनौती का दावा था कि इरादतन या गैरइरादतन, वर्षा अवस्थी ने कभी कोई गोली नहीं चलाई थी।

2. कैच मी इफ यू कैन- संतोष पाठक

          विशाल सक्सेना उर्फ पनौती सीरीज का यह शानदार कारनामा lockdown के चलते ebook में आयट था अब यह पाठक के लिए हार्डकाॅपी में उपलब्ध है।
इस उपन्यास पर एक पाठक की प्रतिक्रिया देखें
अद्भुत,अद्भुत,अद्भुत। थ्रिलर और सस्पेंस का अनूठा संगम। कई बार सांस उपर की उपर नीचे की नीचे रह जाती है। जासूसी साहित्य के नए बादशाह की एक और अनूठी कृति। सच पूछिए तो प्रशंसा लिखने को शब्द नहीं सूझ रहे। ग़ज़ब का उपन्यास है।
यह वास्तव में एक अविस्मरणीय रचना है।
उपन्यास समीक्षा इस लिंक पर उपलब्ध है।

3. मर्डर इन लाॅकडाउन- संतोष पाठक
यह उपन्यास लाॅकडाउन पर आधारित एक रोचक मर्डर मिस्ट्री है।
कैसे उपन्यास नायक विक्रात गोखले एक सिगरेट की लत के चलते एक कत्ल के अपराध में पकड़े जाते हैं और कैसे वह लाॅकडाउन की परिस्थितियों में अपनी इन्वेस्टिगेशन करते हैं।
यह एक एक रोचक उपन्यास है।
उपन्यास समीक्षा - मर्डर इन लाॅक डाउन- संतोष पाठक

3. द साइलेंट मर्डर- संतोष पाठक
Lockdown में अगर किसी लेखक ने कम‌ समय में अधिक उपन्यास लिखे तो वह नाम है संतोष पाठक जी का।
द साइलेंट मर्डर एक रोचक मर्डर मिस्ट्री है।

4. अवैध- एम. इकराम फरीदी

हर बार नये कथानक पर उपन्यास लिखने वाले एक. इकराम फरीदी जी का अवैध उपन्यास भी खूब चर्चा में रहा।
यह उपन्यास पहले ebook में प्रकाशित हुआ था। यह एक शृंखलाबंद्ध उपन्यास है जिसके भाग निम्न हैं।
1. अवैध
(समीक्षा - अवैध- इकराम फरीदी
2. जुर्म का ओवरटेक
3. अनंत


बुक कैफे
बुक कैफे अपने अच्छे गेटअप और उच्च मूल्य के कारण जाना जाता है। बुक कैफे से नये और रिप्रिंट निरंतर आ रहे हैं।
1. फंस जाओ मेरे लिए- अमित खान
    तुम मरोगी मेरे हाथों- अमित खान

     औरत कभी उधार नहीं रखती। मोहब्बत, इज्ज़त, नफ़रत, वफ़ा, सब दोगुना करके लौटाती है । ऐसी ही रीटा सान्याल थी। वह जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही खतरनाक भी। अपनी माँ की तबाह हो चुकी ज़िन्दगी का बदला लेने के लिए उसने एक ऐसी मर्डर प्लानिंग रच डाली कि सब चौंक उठे।

‘नाइट क्लब’ और ‘मैडम नताशा का प्रेमी’ की ज़बरदस्त कामयाबी के बाद ‘अमित खान’ की लोह-लेखनी से निकले 2 और सुपरहिट थ्रिलर- ‘फँस जाओ मेरे लिये’ और ‘तुम मरोगी मेरे हाथों’। दोनों उपन्यास अब एक साथ।
वह 2 बेहद शानदार थ्रिलर, जिन्हें आप बारम्बार पढना चाहेंगे।
2. वारलाॅक- विक्रम ई. दीवान   
       हाॅरर श्रेणी के इस चर्चित उपन्यास का हिन्दी अनुवाद बुक कैफे से आ रहा है।
यह अपनी तरह का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला उपन्यास है।
3. गेम- अनिल मोहन
अनिल मोहन जी के रिप्रिंट निरंतर विभिन्न प्रकाशन संस्थानों से आ रहे हैं।
गेम एक तेज रफ्तार उपन्यास है।


सूरज पॉकेट बुक्स 


1. कानून की आँख- परशुराम (रिप्रिंट)
        अगर कोई क़त्ल हो जाये पर उसका न्याय मांगने वाला कोई न हो तो कानून क्या करेगा?
अगर कोई अपराधी गवाहों को अदालत तक पहुंचने न दे तो कानून उसे कैसे सजा देगा?
अगर समाज के इज्जतदार लोग जरायम में लिप्त हों, जिनके खिलाफ कहीं कोई सबूत न हो, जिनके बलबूतों पर चुनाव जीते जाते हों, क्या ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कानून से इंसाफ मांग सकता है?

2. बाज़ -परशुराम शर्मा
       - बाज़ यानी विनाश, मासूम-सा एक नौजवान जो मुहब्बत की जंग हारने के बाद कातिलों की रणभूमि में कूद पड़ा । विनाश, मार्शल आर्ट के मास्टर शाईतैन का शाहकार था, बाबा चन्दन ने उसे बचपन से योग और पहलवानी की दीक्षा दी थी और बहराम उसे राष्ट्र की संपत्ति बनाकर “बाज़ीगर” का खिताब देने के लिये तैयार था । जादूगर लेखक परशुराम शर्मा का एक अतिरोमांचक किरदार जिसके सोचने, लड़ने और अपने दुश्मन को धूल चटाने के अंदाज पर आप स्तब्ध रह जाएंगे।
  
3. हेरोइन - एस सी बेदी
        एक ऐसा गैंग हेरोइन के नशे से युवा पीढ़ी को बर्बाद कर देश को कमजोर बनाना चाहता था। उस गैंग को तबाह करने के लिए उतरे राजन, इकबाल, सलमा, शोभा, मोहिनी व देवदत्त। 1500 के करीब बाल उपन्यास लिखने वाले राजन-इकबाल के जन्मदाता एस. सी. बेदी द्वारा लिखित अंतिम उपन्यास।

4. खाकी से गद्दारी - अनिल मोहन
- खाकी पहनकर, इंस्पेक्टर सूरजभान यादव बनकर, देवराज चौहान जेल मे खतरनाक आतंकवादी जब्बार मलिक तक जा पहुंचा, फिर…देवराज चौहान सीरीज़ का विस्फोटक उपन्यास

5. आखिरी मिशन - शुभानन्द
- साजिशों के मकड़जाल में गिरफ्त हिंदुस्तान जिसे युद्ध की आग से बचाने के लिये अब ज़रूरत थी उन जासूसों की जो अपनी जान की बाज़ी लगा इस जाल को तार-तार कर दें। क्या वे सफल हो पाएंगे ? या ये होगा उनका…आखिरी मिशन ? युरोप से साउथ ईस्ट एशिया और हिन्द महासागर के गर्भ तक फैली रहस्य, रोमांच और एक्शन से भरपूर एक अनोखी दास्तान।

6. 11:59 - मिथिलेश गुप्ता (समीक्षा)
- कहते हैं कि एक भयानक दुर्घटना कई जिंदगियां बदल देती है। उस रात हम लोगों के साथ भी वैसा ही कुछ हुआ। घड़ी की बढ़ती सुईयों के साथ जब साक्षात मौत हमारे सिर मंडराने लगी, बचपन से सुने सारे डरावने किस्से हमारी आंखों के सामने घूमने लगे।
    यह हाॅरर श्रेणी का रोचक सिक्विल उपन्यास है।

7. रोड ट्रिप -देवेन्द्र पाण्डेय

- तीन अनजाने जो मित्र बने। पहली मुलाकात और पहली ही मुलाकात में रोड ट्रिप की योजना, तीन यात्राएं, तीन पड़ाव, तीन कहानियां, लेकिन मंजिल एक। जिंदगी की परेशानियों और उलझनों से जूझ रहे तीन अनजाने दुनिया जहान को भुला कर एक अनोखे सफर पर निकल पड़े, एक ऐसे अनुभव के लिए जिसने उन्हें बदल कर रख दिया। यात्रा जो मुम्बई के मैदानों से आरम्भ होकर उत्तराखंड की बर्फीली चोटियों तक पहुंच जाती है, जहां उनका सामना उनकी नियति से होता है। नियति जो जीवन मरन से परे जाकर उनके अस्तित्व को ही बदल कर रख देती है। रास्तों में मंजिल खोजने की कहानी।

8. किस्मत का खेल -अनुराग कुमार जीनियस

अनराग जी का यह तृतीय उपन्यास है।
- निहाल चक्रवर्ती एक सफल युवा बिजनेसमैन था। वर्क इज वर्शिप उसकी जिंदगी का वो पैमाना था जिससे उसने अपनी अब तक की मुकम्मल जिंदगी को हमेशा मापा था। भगवान, किस्मत जैसी चीजों को वह वाहियात मानता था। एक दिन वह एक फकीर से जा टकराया जिसने उसके बारे में कुछ अजीबोगरीब भविष्यवाणियां की जिसे सुनकर निहाल ने ठहाका लगाया। पर बाद में उस फकीर की भविष्यवणियां एक एक करके सच साबित होती गईं।

9. दौलत का खेल -जेम्स हेडली चेइज़

           हिन्दी अनुवाद
- जोई लक और उसकी बेटी सिंडी की ज़िंदगी छोटे-मोटे अपराधों के सहारे कट रही थी । मयामी से भागे पेशेवर मुजरिम विन पिन्ना के साथ जुड़ने से उनके हौसले बढ़े और उन्होंने चर्चित अभिनेता डॉन एलियट का अपहरण कर लिया । पर एलियट के पास उनके लिये दौलत का एक बड़ा खेल खेलने का ऑफर था।


शब्दगाथा
रमाकंत मिश्र और सब्बा खान जी के संयुक्त प्रकाशन से प्रथम चरण में बहुत अच्छे उपन्यास आये हैं।

1. महासमर- रमाकांत मिश्र, सब्बा खान
दो भागों में विस्तृत इस महागाथा का प्रथम भाग सूरज पॉकेट बुक्स से आया था और अब द्वितीय भाग शब्दागाथा से आया है‌
यह उपन्यास लोकप्रिय साहित्य में अपनी विशिष्टता के चलते बहुत लोकप्रिय हुआ।
अमेजन लिंक- महासमर

2. अवंतिका- चन्द्रप्रकाश पाण्डेय

पाण्डेय जी की अपनी एक विशेष शैली है। यह चन्द प्रकाश जी का उपन्यास ebook के रूप में बहुत लोकप्रिय हुआ था और इसी के चलते यह हार्डकाॅपी में आ रहा है।
एक अविस्मरणीय रोचक उपन्यास।
अमेजन लिंक- अवंतिका

   ब्लॉग साहित्य देश की तरफ से जुलाई 2020 तक के उपन्यासों का विवरण देखे का एक अल्प प्रयास है। इस प्रयास में कुछ उपन्यास हमारी दृष्टि से चूक भी सकते हैं और कुछ का विवरण दोबारा भी आ सकता है। 
     अगर कुछ उपन्यास अभी भी रह गये हो तो पाठक मित्र आप सूचित कीजिएगा।
धन्यवाद
साहित्य देश
- sahityadesh@gmail.com



गुरुवार, 23 जुलाई 2020

मेघराज

उपन्यासकार मेघराज के एक उपन्यास की जानकारी प्राप्त हुयी है वह निम्न प्रकार है।
     संभवतः यह रूपम पॉकेट बुक्स से प्रकाशित उपन्यास है।
 मेघराज के उपन्यास
1. काले पर्दे
2.
3.
4.
5.

जगमोहन कुमार तमन्ना

जगमोहन कुमार  तमन्ना की संक्षिप्त जानकारी मिली वह यहाँ प्रस्तुत है।

जगमोहन कुमार तमन्ना के उपन्यास
1. डाकू की दुल्हन
2. पूजा और डकैती
3. लहू पुकारेगा
4.
5.   

बेला सिन्हा

रूपम पॉकेट बुक्स (यथासंभव) बेला सिन्हा नामक एक जासूसी उपन्यासकार का नाम देखने को मिला है।
  इसने विषय में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है।

बेला सिन्हा के उपन्यास
1. एक मोती का खून
2.
3.
4.
5.

दयानंद अनंत

जासूसी साहित्य में एक लेखक दयानंद अनंत की संक्षिप्त जानकारी प्राप्त हुयी है।
    
दयानंद अनंत के उपन्यास
1. कोकरनाग की प्रेतात्मा
2.
3.
4.
5.

इन्द्रदेव

रूपम पॉकेट बुक्स से एक और लेखक की जानकारी प्राप्त हुयी है। हालांकि यह कन्फर्म नहीं की यह लेखक (इन्द्रदेव)वास्तविक लेखक है या fake, Ghost writing है।
किसी पाठक मित्र को इस विषय में जानकारी हो तो शेयर करें।
 इन्द्रदेव के उपन्यास
1. हत्यारिन प्रेमिका
2. अंधेरी गली
3.
4.
5.

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मेरठ उपन्यास यात्रा-01

 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...