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शुक्रवार, 15 मार्च 2019

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-23,24

आइये, आपकी पुरानी किताबी दुनिया से पहचान करायें - 23
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आबिद रिजवी मेरे और बिमल चटर्जी के लिए उस दिन से पहले महज़ एक नाम था, जिसकी हमने बहुत बार विभिन्न सन्दर्भों में चर्चा सुनी थी ! न केवल लालाराम गुप्ता और राज भारती जी से, बल्कि प्रकाशन जगत के कई अन्य दिग्गजों से ! एक बार जनाब फारुक अर्गली ने भी आबिद रिजवी का नाम लिया था, तब वह बिमल चटर्जी से एक विशेष चर्चा कर रहे थे !

मजे की बात यह कि तब तक फारुक अर्गली कभी भी आबिद रिजवी से मिले नहीं थे !

फारुक साहब ने बिमल से कहा था -"बिमल, मेरे विचार से जासूसी साहित्य और पाॅकेट बुक्स में हिन्दी में लिखनेवाले बंगाली लेखक अभी तक तो अकेले तुम्हीं हो !"
बिमल की मुस्कान बड़ी ही दिलफरेब थी ! वह मुस्कान बिखेरते हुए बोले -"हाँ, वरना जासूसी में तो आपके मुसलमान लेखकों ने हिन्दी पर पूरा कब्जा कर रखा था !"

उपन्यास साहित्य का रोचक संसार-21,22

आइये, आपकी पुरानी किताबी दुनिया से पहचान करायें - 21


हम जिस मकान में रहते थे, उसमें हमारे अलावा भी कई किरायेदार थे।
एक - हरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जो कनाट प्लेस स्थित जीवनदीप बिल्डिंग में हिन्दुस्तान स्टील के आफिस में काम करते थे।
एक देशराज थे, जिनकी परचून की दुकान थी।
एक अन्य हरिओम कश्यप, जो किसी पोस्ट आॅफिस में पोस्टमैन थे, बाद में मलकागंज के किसी पोस्ट आॅफिस में उन्होंने काफी समय तक ड्यूटी की।
एक भूरेलाल थे, जो शायद किसी प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करते थे।

          सभी परिवार काफी हिल-मिल कर रहते थे ! हरिओम कश्यप अविवाहित थे और अकेले ही रहते थे ! वह रोज सुबह आठ बजे अपने कमरे को ताला लगाकर निकल जाते और शाम साढ़े सात बजे आते।
बाकी परिवारों के पुरुष भी नौ बजे ये पहले काम पर निकल जाते थे ! फिर भी स्त्रियाँ और परिवार के अन्य लोग घर पर ही होते थे।

       सुमेरचन्द जैन साढ़े दस बजे के बाद आये ! मुख्य द्वार से मकान की गैलरी में कदम रखते ही उन्होंने आवाज दी -"योगेश...!"
और योगेश के दिल में आया - भागकर कहीं छिप जाये ! पर ऐसा सम्भव नहीं था, मकान में बहुत लोग थे और अपने घर में भी मम्मी, बड़ी बहन मधु, छोटी बहन सरिता और छोटा भाई राकेश थे।
पिताजी तब कलकत्ता में थे।

योगेश जी सुमेरचन्द जैन के सामने पहुँचे !
चेहरे पर मीठी मुस्कान लाकर कहा -"नमस्ते जैन साहब !"
"नमस्ते !" सुमेरचन्द ने नमस्ते का जवाब कुछ रूखेपन के साथ दिया और तुरन्त अगली लाइन सुना दी -"फटाफट पैसे ले आओ ! मुझे अभी कई जगह जाना है ! टाइम नहीं है मेरे पास !"
"आइये, बैठिये तो सही ! कुमार साहब भी अभी आनेवाले हैं !" मैंने कहा।

मेरे उपन्यास

- मेरे पास उपलब्ध उपन्यासों की सूची।
समयानुसार इसे संशोधित कर दिया जायेगा।

गुरुवार, 14 मार्च 2019

कैप्टन दिलीप

नाम- कैप्टन दिलीप
प्रकाशक- गंगा पॉकेट बुक्स, मेरठ


कैप्टन दिलीप के उपन्यास

1. खूनी सिलसिला
2. धुएं का आदमी
3. मौत के दावेदार
4. आफत को आने दो
5. नफरत की आग (गंगा पॉकेट बुक्स, कर्नल विनोद, कैप्टन हमीद, कासिम, इमरान, जूलिया सीरीज)
6. काला कफन
 

मिस्टर


मिस्टर तुलसी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होने वाले एक Ghost Writer थे। जहाँ तक जानकारी प्राप्त हुयी है मिस्टर नाम से मेरठ निवासी 'एस. एम. मेहंदी' साहब लेखन करते थे।

मिस्टर के  तुलसी पॉकेट बुक्स
1. लंबी रेस का घोड़ा
2. फांसी का फंदा
3. नाजायज बाप
4. रिंग मास्टर
5. बेपैंदे का लोटा
6. अण्डर बाॅस
7. घर का न घाट का
8. खुला शेर
9. बिजली का बेटा
10. कंगारू
11. जहर की पुड़िया
12. वक्त का मारा
13. तिनके का सहारा
14. पत्थर की लकीर
15. लकीर का फकीर
16. महाराजा
17. महारानी
18. 


बुधवार, 13 मार्च 2019

गुप्तदूत

गुप्तदूत एक घोस्ट राइटिंग का कमाल है। 'गुप्तदूत' के नाम से कौन-कौन‌ से लेखक लिखते रहे हैं यह जानकारी तो कहीं से उपलब्ध नहीं होती, लेकिन गुप्तदूत अपने समय के चर्चित लेखक रहे हैं।
गुप्तदूत के 'स्टार पॉकेट सीरिज' से प्रकाशित उपन्यास
1.सुनहरी लाशें               
2. लहू के धब्बे
3. पाँचवी गोली
4. मौत के नाखून
5. यह लाश किसकी है?
6. खूनी सपने
7. हत्यारा प्रेमिकाओं का
8. लाश का तोहफा
9. खतरनाक आदमी
10. कदम-कदम पर खतरा
11. रात के एक बजे
12. होटल पैरामाउंट
13. सात चेहरों वाली औरत
14. यह लाश किसकी है
15. गुलाबी मकान का रहस्य
16. दौड़ती हुई मौत
17.  किराये का हत्यारा
18. खून की होली
19. काला नकाब
20. खतरनाक आदमी #

यशपाल वालिया

दिल्ली निवासी यशपाल वालिया एक सामाजिक उपन्यासकार थे। इनके कुछ उपन्यासों की सूची उपलब्ध हुयी है।

संपर्क
एम-28, राजौरी गार्डन
नयी दिल्ली
यशपाल वालिया के 'भारती पॉकेट बुक्स' में प्रकाशित उपन्यास
1. पत्थर के आँसू
2. दिल, दौलत और दुनिया
3. अंधेरी सुबह
4. दोराहा
5. अपना पराया
6. आंसुओं के दीप
7. मैला आंचल
8. त्याग
9. सौगंध
10. मेहंदी
11. धुंधला चांद
12. पतन‌ की सीमा
13. तपस्या (25वां उपन्यास, भारती पॉकेट बुक्स)

बुधवार, 6 मार्च 2019

इब्ने सफी


इब्ने सफी उपन्यास सूची

1. अजनबी मेहमान  

2. अंधा मुजरिम 

3.  अनदेखा दुश्मन

4. अशांत सागर 

5. अनोखी लड़की 

6. अनोखी औरत 

7. अनोखी नर्तक

8. अनोखी वसीयत 

9. अनोखा चोर 

10. अनोखा जाल 

11. अधूरा कत्ल

12. अपाहिज की मौत 

13. अंधेरे का शिकार 

14. अंधेरे का सम्राट 

15. अँधेरे का खून 

16. अँधेरे का जलजला 

17. अंगारे की मौत

18 अंगारों का संगीत 

19. अपराधी की बाहों

20. अपराधी का रूप

21. अपराधी का चैलेंज

22. अपराध की गूंज 

23. अपराधी के दो 

24. अपराधी की खोज  

25. अपराध का पुजारी 

रविवार, 3 मार्च 2019

राकेश

एक लेखक 'राकेश' के विषय में कुछ अधूरी जानकारी मिली है।
राकेश 'विजय- रघुनाथ' सीरिज के उपन्यास लिखते थे। उनके उपन्यास 'प्रभात पॉकेट बुक्स' से प्रकाशित होते थे। प्रभात पॉकेट बुक्स 'सीक्रेट सर्विस कार्यालय' नामक एक प्रकाशन संस्थ का अंग था।
राकेश के उपन्यास
1. मौत की बाहों में

शनिवार, 2 मार्च 2019

अशीत चटर्जी

अशीत चटर्जी प्रसिद्ध उपन्यासकार बिमल चटर्जी के छोटे भाई थे। इनके उपन्यास विभिन्न पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होते रहे हैं। अशीत चटर्जी के उपन्यास स्वयं के नाम अशीत चटर्जी के अतिरिक्त‌ 'भारती पॉकेट बुक्स' में 'रोहित' नाम से भी प्रकाशित हुये थे।
अशीत चटर्जी विभिन्न पात्रों पर उपन्यास लिखते रहे हैं, जिनमें से फोमांचु सीरीज के अतिरिक्त इनके पात्र थे इमरान, राजा जानी आदि।
 


अशीत चटर्जी के उपन्यास
  1. फोमांचू की आँख
  2. फोमांचू का हंगामा
  3. फोमांचू की तबाही
  4. शैतान फोमांचू
  5. अपनी जान‌ के दुश्मन
  6. फोमांचू का साया
  7. फोमांचू का आतंक
  8. तोप, गोले और शोले
  9. मौत मेरी मंजिल
  10. फरार फोमांचू
  11. राजा गुरु या जानी?
  12. टिरगिट और फोमांचू
  13. टिरगिट के दुश्मन
  14. जानी दुश्मन
  15. यारों के यार राजा जानी
  16. महाकाल के दूत (प्रथम भाग)
  17. महाकाल के देश में (द्वितीय भाग)
  18. टिरगिट, सिहंगी और फोमांचू  (तृतीय भाग)
  19. दुश्मन 1975 टिरगिट (चतुर्थ और अंतिम भाग) 
  20.  खरा खोटा
  21. जिब्राण्डों और टैंजा 
  22. टिरगिट की वापसी
  23. काला निशान (प्रथम भाग)
  24. मौत का निशान (द्वितीय भाग)
  25. निशान का निशाना (तृतीय भाग)
  26. निशानेबाज (चतुर्थ और अंतिम भाग) -कंचन पॉकेट बुक्स
  27. मौत मेरी मंजिल
  28. अपनी जान‌ के दुश्मन
  29. बारूद और धमाके


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