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गुरुवार, 25 जनवरी 2018

नये उपन्यास

नमस्कार,
     सन 2018 के जनवरी माह में कुछ नये उपन्यास बाजार में आ रहें हैं।
 
1. मास्टर माइंड- शुभानंद

2. एक्सीडेंट- एक रहस्य कथा- अनुराग कुमार जीनियस
   - यह अनुराग जी का दूसरा उपन्यास है।

3. फरेब- अमित श्रीवास्तव
    - आबू रोङ, राजस्थान के अमित श्रीवास्तव जी का यह प्रथम उपन्यास है।

उक्त तीनों उपन्यास सूरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हैं।
इनका विमोचन 28 जनवरी 2018 को दिल्ली में होगा।

4. आत्मकथा- सुरेन्द्र मोहन पाठक
     लोकप्रिय उपन्यासकार सुरेन्द्र मोहन पाठक जी की आत्मकथा कोई बैरी, कोई बेगाना का विमोचन 27 जनवरी को जयपुर में होगा।
   किसी लोकप्रिय उपन्यासकार की यह प्रथम आत्मकथा है।

5. रिवेंज- इकराम फरीदी
     चर्चित उपन्यासकार इकराम फरीदी का नया उपन्यास रिवेंज रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होगा।
  रिवेंज के बाद इनका उपन्यास सम-प्रीत आयेगा ।

6. देवा जू- कंवल शर्मा
         कम समय में ज्यादा चर्चा पाने वाले कंवल शर्मा चौथा उपन्यास देवा जू रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होगा।

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

प्रदीप प्रियदर्शी

उपन्यासकार प्रदीप प्रियदर्शी के बारे में कोई विशेष जानकारी तो उपलब्ध नहीं है।
   कुछ पाठक मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये विजय- रघुनाथ सीरीज के उपन्यास लिखते थे।

प्रदीप प्रियदर्शी के उपन्यास
1. खून बोलता है।

शनिवार, 6 जनवरी 2018

एस. कुमार

एस. कुमार का एकमात्र उपन्यास जो मुझे उपलब्ध हुआ है वह है फंदेबाज।
   एस. कुमार को और कोई विशेष परिचय नहीं मिलता।
इस उपन्यास का काॅपीराइट अधिकार उपन्यासकार राज भारती के पास है और लेखक का पता भी राज भारती के निवास स्थल का है।
राज भारती जी ही एस. कुमार के नाम से उपन्यास लिखते रहे हैं।
एस. कुमार के उपन्यास
1. फंदेबाज ( सपना पॉकेट बुक्स- दिल्ली)
2. काले चेहरे

धीरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित
3. दौलत खुदा नहीं
4. किये की सजा
5. मुकद्दर की मार
6. जल्लाद
7. खून से रंगे हाथ
8. आओ कत्ल करें
9. नशा दौलत का (7, 8, 9 पवन पॉकेट बुक्स)

संपर्क पता-
एस. कुमार
वी- 198, पटेल नगर
नयी दिल्ली- 110008



सुनील पण्डित

सुनील पण्डित के बारे में अभी तक कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सुनील पण्डित के उपन्यास
1. जेल का पंक्षी (सपना पॉकेट बुक्स- दिल्ली)
2. जुर्म का पण्डित

शिवा पण्डित

ट्रेड नाम के दौर में एक नाम है शिवा पण्डित। वेदप्रकाश शर्मा के प्रसिद्ध पात्र केशव पण्डित के पश्चात असंख्य पण्डित उपन्यास जगत में दिखाई दिये। और जितने भी दिखाई दिये सब के सब प्रकाशन संस्थानों द्वारा पैदा किये गये ट्रेड नाम है।
  शिवा पण्डित उपन्यासकार का प्रसिद्ध पात्र है अर्जुन त्यागी। ये अर्जुन त्यागी को नायक बनाकर उपन्यास लिखते हैं।
शिवा पण्डित के जन्मदाता 'शिवा पॉकेट बुक्स- मेरठ' है। शिवा पॉकेट बुक्स के उपन्यास प्रकाशन बंद करने के बाद यह रवि पॉकेट बुक्स से छप रहे हैं।

शिवा पण्डित ने उपन्यास
1. कुत्ते की पूंछ
2. सुअर का बाल
3. निशाचर
4. जुर्म का पण्डित
5. गोली मारो भेजे में
6. साठ साल की लोमड़ी
7. सांप का बच्चा
8. लुच्चा सबसे ऊंचा
9. वकीलों की जंग
10. रावण की औलाद
11. डरपोक
12. एक हसीना एक कमीना
13. आधा कुत्ता आधा शेर
14. उल्टे चक्कर
15. दो मुहां सांप
16. मेरा सजना बड़ा कमीना
17. कर बुरा हो भला
18. मरता सब कुछ करता
19. झूठ का बोलबाला
20. मौकापरस्त
21. मनहूस
22. राक्षस
23. किंग
24. कुत्ते का बैरी कुत्ता
25. कमबख्त
26. यमराज मेरा यार
27. बदनाम कातिल गुमनाम कत्ल
28. शैतान का बाप
29. आस्तीन का सांप
30. खानाखराब
31. दरिंदा
32. जुर्म का बाजीगर
33. दुमछल्ला
34. शातिर खिलाड़ी
35. खलीफा
36. कत्ल की मशीन

मल्लिका जोशी

मल्लिका जोशी नामक उपन्यासकार झझर (हरियाणा) की निवासी है।
‌मल्लिका जोशी का प्रथम उपन्यास रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुआ। इनके अन्य उपन्यासों की कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मल्लिका जोशी के उपन्यास
1. सबसे बङा शिकारी

सोमवार, 25 दिसंबर 2017

राज भारती


1. 

2. काला देवता

3. संगदिल(संग्राम सीरिज)

4. रक्त तिलक

5. हिट लिस्ट

6.

7.

8. शाकाल

9. मौत का खेल

10. काला गुलाब

11. नर्क का बादशाह

12.

13. खून का दरिया

14. बस और नहीं

15. सौगात मौत की

16.

17. मुट्ठी भर बारूद

18. कानून अंधा नहीं

19. मासूम हत्यारा

20. सिरफिरे

21.

22.

23. नवाब मर्डर केस 

24. कातिलों का कातिल

25.

26. खून की होली

28. कमाण्डो

29. प्रेत सुंदरी

32. एक कटोरा खून (संग्राम सीरिज)

34. धुएं की दीवार

- घेराबंदी (समीर साहनी सीरिज)

- गोली तेरे नाम की, 

- शशांशू, 

- काला देवता, 

- प्यासे खून के, 

- और कत्ल हो गया

उक्त सभी उपन्यास डायमंड पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हैं।


अन्य उपन्यास

1. दहशत

2. काल चक्र

3. सर्प सुंदरी(प्रियजीत चौधरी)

4. सुनहरी नागिन

5. अंडरवर्ल्ड का खुदा (समीर साहनी सीरिज)+रजत प्रकाशन)

6. महाक्रोधी

7. महामंत्र

8. सच का हत्यारा

9. शिंगूर के दरिंदे (धीरज पॉकेट बुक्स)

10. महामाया

11. कदमों तले बारूद

12. अंधा खलीफा

13. आया तूफान(तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)

14. सुप्रीमो

15. अंतरिक्ष का खुदा

16. खुदा का बेटा- (धीरज पॉकेट) मायाजाल सीरिज

17. पंगे बाज

18. सीकारी




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हाॅरर सीरिज (रवि पॉकेट बुक्स से)

1. स्वाहा

2. लंगड़ा प्रेत

3. अनहोनी

4. सर्पाहार

6. गुरुमंत्र

7. यूनान की प्रेतरानी

8. मायावी प्रेतात्मा

9. पीरागढी का प्रेत

10. प्रेत की दुल्हन

11. प्यासी आत्मा

12. काला ताबीज 

13. जागो शैतान जागो

14. चुड़ैल

15. शावरा

16. पिशाच मठ

17. त्राहिमान

18. बेलगाम अघोरी

19. प्रेतलीला 

20. इच्छाधारी नागिन

21. प्रेतजाल

22. प्रेत की प्रेमिका

23. समारी के प्रेत

24. प्रेत चक्र

25. महापिशाच

26. लाल घाट का प्रेत

27. प्रेतों का महाकुंभ

28. सरकटा प्रेत

29. प्रेत को सलाम करो

30. प्रेत रोग

31. अण्डमान के पिशाच

32. हम‌ सब पिशाच हैं।

33.चीखती कब्रें

34. कैदी प्रेतात्मा गुलबदन

35. अंधे तांत्रिक का प्रेत बिल्ला

36. रंग महल के प्रेत

37. प्रेत मण्डली

38. माया मायावी

39. माया नगरी

40. माया मंत्र

36.

37.

38.

39.

40.


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अग्निपुत्र सीरिज

1. मायाजाल

2. महादण्ड

3. खुदा का बेटा

4. महाबली

5. महाक्रोधी

6. महारथी

7. महायोगी

8. महामंत्र

9. महाकाल

10. महादाह

11. महामंत्र

12. महापाप

13. महाविनाश

14. महासंग्राम

15. महाकुण्ड

16. अग्निपुत्र

17. रक्तपात

18. रक्तधारा

19. मिस्त्री शहजादी

20. रक्त सिंदूर

21. रक्त सागर

22. शंग्रीला

23. रक्त पिपासु

24. रक्त रेखा

25. रक्त आहुति

26. रक्त कलश

27. रक्त-सुरा

28. रक्तांचल

39. रक्तदेव

30. रक्त -भैरवी

41. रक्त-मंथन

42. मृत्युराग

43. मृत्युदंश

44. मृत्युधाम

45. मृत्युजाल

46.. मृत्युरथ

47. मृत्युद्वार

48. शाही रक्कासा

49. सफेद कबूतरी

50. मल्लिका का ताज

51. शाही जल्लाद

52. ताजपोशी

53. जादूगरनी

54. दोधारी तलवार

55. रक्त-मंदिर 

56. तौर ग्रह के हत्यारे

57. तौर ग्रह के देवता

58. मंगोल सुंदरी

60. तौर ग्रह के छापामार

61. अभिसारिका

62. सुर्ख सैलाब

63. सरहदी भेङिये

64. शिकारी मल्लिका

65. तौर के लूटेरे

66. रेगिस्तानी कबीले की मल्लिका

67. हुंकार

68. आमरा (अग्निपुत्र का 58 वां उपन्यास)

69. आमरा का इंतकाम

70. विनाश चक्र

71. बिल्ला हरूमा (अग्निपुत्र का 61वां उपन्यास)

72. शिंगूर के दरिंदे

73. शाबा

74.शंखनाद

75. महायोद्धा (65 वा उपन्यास, अग्निपुत्र)

76.

77.

78.

79.

80.


कमलकांत सीरिज (चक्रव्यूह सीरिज)

राजभारती जी कमलकांत सीरीज के नॉवल की पूर्ण सूची।  आरंभ के तीन उपन्यास (चक्रव्यूह, चक्रवात, त्रिशूल)  जो बिना सीरियल नम्बर के है वो शुरुआती नॉवल हैं उस समय ये सीरीज इतनी प्रसिद्ध नहीं हो पायी थी, लेकिन जब मनोज पब्लिकेशन  ने इस सीरीज के  4th नॉवल जोरावर प्रकाशित किया तो पहली बार इस सीरीज की बुक को क्रम से नंबर दिए गए  तो इस हिसाब  इस सीरीज के कुल 30 नॉवल हैं।

'दिल तो कातिल है' उपन्यास के बाद 'चिड़ीमार' नामक अनॉउन्स किया था लेकिन दुर्भाग्यवश वो पूरा होने से पहले ही राज भारती जी हमारे बीच नहीं रहे।


चक्रव्यूह 

चक्रवात 

त्रिशूल


1. जोरावर 

2. खूनी आंखे कातिल हाथ  

3. कहर आंखों का 

4. हाईकमांड 

5. नीली आंखों के गुलाम 

6. मौत का साज 

7. अजनबी लोग, अनजाने खतरे 

8. नागिन 

9. छछून्दर 

10. गोली की रफ्तार 

11. होश उड़ा दूँगा 

12. काली बिल्ली 

13 बवंडर

14 काठ की हांडी 

15 नाक का बाल 

16 खुदा खैर करे  

17 अंधा खलीफा  

18 करामाती शै 

19 तिगनी का नाच 

20 तेरी गर्दन मेरे हाथ  

21 मौत खड़ी तेरे द्वार 

22 विषकन्या 

23 हिसाब बराबर 

24 कातिल माने ना 

25 काम तमाम 

26 सारे दिमाग मेरे शिकार 

27 दिल तो कातिल है

28. चिड़ीमार (अप्रकाशित)


रविवार, 24 दिसंबर 2017

राकेश पाठक

राकेश पाठक - एक परिचय

राकेश पाठक के कई उपन्यास गौरी पाकेट बुक्स,मेरठ से प्रकाशित हुए, बेहतरीन लेखक थे। अनेक उपन्यास छद्म नाम से लिखे, सौ से अधिक। छद्म नाम से लिखे नावलों की विशाल मार्केट थी। छद्म नाम का विवरण पॉकेट बुक्स के असूल  के खिलाफ बात है।
                  राकेश पाठक ने पहले अपने नाम से ही लिखा, बहुत मेहनत से लिखा, प्रकाशक महोदय ने उनकी मेहनत को सराहा। पर उस समय के पाठक जगत ने विमल चटर्जी और कुमार कश्यप को खूब स्वीकार कर रखा था । वेद जी, राज भारती भी सेल में शीर्ष स्थान पर थे। यह सन् 1987-88 की बात है।
                  राकेश जी कई उपन्यास लिखने के बाद जब वह मुकाम न पा सके जिससे लेखक घर-परिवार चला सके, तब प्रकाशक महोदय, जो राकेश की लेखनी के खास कद्रदां थे, उन्होंने प्रस्ताव छद्म नाम से लिखने का रखा । नाम रजिस्टर्ड कराया । राकेश जी लिखने लगे । साथ में यह भी शर्त थी कि कि बीच-बीच में उनके नाम से ' राकेश पाठक ' का भी नावल आता रहेगा । प्रकाशक और लेखक दोनों के बीच बढ़िया तालमेल अंत तक रहा । पर छद्म नाम से लिखे नावल और नाम, दिन दूनी, रात चौगुनी प्रगति पाता गया , राकेश पाठक नाम बची खुची सेल खोता रहा ।
  गौरी पाकेट बुक्स कई साल पहले बन्द हो चुकी है । प्रकाशक महोदय की कुछ साल पहले निधन हो चुका है । राकेश पाठक साहब,जिला मुज़फ़्फ़र नगर ,खतौली कस्बा उ.प्र. के निवासी हैं ।
              कई वर्षों से इस बात की जानकारी नहीं। उम्र साठ के आसपास होनी चाहिए क्योंकि तीस साल पहले वे अपने नाम से छपकर मार्केट में आ चुके थे।   उस समय वे मैच्योर लेखक मे शुमार थे ।

@आबिद रिजवी जी के स्मृति कोष से

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 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...