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गुरुवार, 24 अगस्त 2023

खाली आंचल- सुरेश चौधरी, उपन्यास समीक्षा

उपन्यास - खाली आँचल
लेखक -   सुरेश चौधरी, 
उपन्यास समीक्षा- सूरज शुक्ला

हा विधाता! क्यों दिए कोमल हृदय, 
हर जरा सी बात पर होता सदय, 
सह न जाता, यह कठिनतम ताप है!
सच कहूँ, संवेदना अभिशाप है। 
- सूरज 
पर...वह जरा सी बात न थी... 
आकाश को आकाश भर दुख मिले, धोखे मिले, दर्द मिला, और यह सब उन्होंने दिया जो उसके अपने लगते थे, जिनके लिए उसने अपने सुख, अपनी खुशियां , अपनी सारी कामनायें त्याग दी। 
कहते हैं, प्यार में आदमी अंधा हो जाता है, आकाश भी हुआ पर उसके अंतर्मन में वह अंतर्दृष्टि मौजूद थी, जिससे वह सही-गलत का आकलन कर सकता था, उसने किया भी और हमेशा करता रहा और यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई।


एक बार‘विम्मी’ दी ने मुझसे कहा था, ‘भाई, कोई सही या गलत नहीं होता है, सब परिस्थितियों का खेल है, जो आज सही है, वह कल गलत लगेगा और जो आज गलत है वह कल सही लगेगा’ और सच कहूँ तो लगभग यही आकाश के साथ हुआ। 

सोमवार, 7 सितंबर 2020

सुरेश चौधरी, परिचय

नाम - सुरेश चौधरी 
जन्म तिथि - 02.01.1960
माता जी - स्वर्गीया श्री मति खजानी देवी
पिताजी - स्वर्गीय उदाल सिंह
मोबाइल नंबर - 7906483500
ईमेल - chaudharysuresh7282@.gmail.com सम्पर्क - सत्यम कालोनी,
निकट एस वी स्कूल- कैराना, शामली
उत्तर प्रदेश
वर्तमान कार्य - वकालत
प्रथम उपन्यास - खाली आँचल 
लेखक का साक्षात्कार आप इस लिंक पर पढ सकते हैं-
साक्षात्कार- सुरेश चौधरी
सुरेश चौधरी
अब तक प्रकाशित उपन्यास 
1. खाली आँचल - 2005
2. अहसास-         2015
3. प्रतिशोध -        2019
4. दंगा
5. खूनी मसीहा ( सितंबर - 2022)
6. बवण्डर
7. कसक 
8. समझौता
9. साइलेंट किलर 
10. रेत का घर
11. डेंजर जाॅन


गुरुवार, 13 अगस्त 2020

5. साक्षात्कार- सुरेश चौधरी

अभी मंजिल छूना शेष है- सुरेश चौधरी
साक्षात्कार शृंखला-05
    साक्षात्कार की पांचवी किस्त में प्रस्तुत है सामाजिक उपन्यास सुरेश चौधरी से हुयी बातचीत
           सुरेश चौधरी जी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पेशे से वकील हैं लेकिन साहित्य प्रेमी भी हैं। इनके अब तक तीन सामाजिक उपन्यास 'खाली आँचल-2005, 'अहसास'-2015 और 'प्रतिशोध'-2019 प्रकाशित हो चुके हैं।
     साक्षात्कार की इस शृंखला में हम सुरेश चौधरी जी से हुयी चर्चा को यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं।

1. सुरेश जी, सर्वप्रथम पाठकवर्ग के लिए आप अपना परिचय दीजिएगा, फिर साक्षात्कार आगे बढाते हैं।
- मेरा नाम सुरेश वर्मा है, लेकिन लेखन का नाम सुरेश चौधरी है। मैं उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ।
पहले मैं सरकारी जाॅब करता था, लेकिन सन् 2005 में रिटायरमेंट लेकर वकालत में आ गया, और लेखन कार्य भी करने लगा।
2. आप किस तरह का साहित्य पढना ज्यादा पसंद करते हैं? आपकी पसंद के लेखक या रचनाएँ?
     - मैं सामाजिक साहित्य पढ्ना पसंद करता हूँ। मेरी पसंद के लेखक है, मुन्शी प्रेमचंद जी व मुल्कराज आनन्द। मुल्कराज आनन्द का उपन्यास 'अनटचेबल' मुझे बहुत अच्छा लगा।
मुन्शी प्रेमचंद जी की सभी रचनाएँ बहुत ही सुन्दर है।

3. आपका लेखन क्षेत्र में आने का मानस कैसे बना?
- लेखन का कार्य शोध के समय से ही मेरे मन में था।
4. शोध किस तरह का?
     - मित्र मेरे द्वारा political science में संविधान में दियें गये अधिकार टाॅपिक पर शोध किया गया था।

5. आपके अब तक तीन उपन्यास आये हैं और इनके विषय में कम शब्दों में कुछ कहना चाहेंगे?
     - अब तक प्रकाशित मेरे तीनों उपन्यास प्रेम प्यार व समाज में आम आदमी के लिए आने वाली विपदाओं पर आधारित है।
6. वर्तमान सोशल मीडिया के दौर में आप किताबों की दुनियां को कैसा देखते हैं? 

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