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बुधवार, 7 फ़रवरी 2024
मंगलवार, 27 जुलाई 2021
वह विनय प्रभाकर है और रामनारायण पासी भी- विजयशंकर चतुर्वेदी
काफी सयाना है तु। आज से दुश्मनी नहीं दोस्ती बनाना मांगता है। क्योंकि अपन भी तेरा भाई बंद है। फरक है तो दोनों के काम करने के स्टाइल में। तू तो खूब माथा-पच्ची करके प्लान बनाता है। लोगों के अपनी मिठी बातों के जाल में फसाकर ऐसा बेवकूफ बनाता है कारण तू आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगा, बरोबर? जबकि अपन का स्टाइल एकदम शार्टकट है, चापर या तलवार या तमंचा दिखाया कि तुरंत सामने वाले का सारा माल अपन के पास, क्या?
ये लाइनें हैं विनय प्रभाकर के जंगी उपन्यास `मौत आयेगी सात तालों में` की। रेल्वे स्टालों में देश भर के यात्रियों के मनोरंजन का साधन होते थे विनय प्रभाकर के ऐसे उपन्यास। जलजलाते संवाद, रहस्य-रोमांच से भरी कहानी और शब्दों के जादू में बांध लेने वाली पठनीयता विनय प्रभाकर की पूंजी है। विनय प्रभाकर चर्चगेट में एमटीएनएल यानि महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड के कर्मचारी हैं। रेल्वे की इमारत में लाइनमैन का पद संभाल रहे हैं। लोअर परेल की सीबी गुलवाली चाल में रहते हैं। दस बाई बारह के कमरे में। पानी खोली के अंदर आता है, टेलिफोन पड़ोसी के सांझे में और संडास पूरी चाल के।सस्पेंस लिखने वाले विनय प्रभाकर के नाम के लेकर भी कुछ कम सस्पेंस नहीं है। उनका असली नाम है रामनारायण पासी और वह देख चुके हैं उमर के अड़तीस वसंत। रामनारायण तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े हैं। वैसे तो उनका मुलुक उत्तर प्रदेश है। प्रतापगढ़ जिले का संगीपुल उनका गाँव है। लेकिन पढाई लिखाई मुंबई में होने और बचपन से लेकर जवानी यहीं बिताने के कारण यही अपना मुलुक लगने लगता है। छोटा भाई जगदीश तो अब गाँव लौट गया है, वरना वह भी पिता रामेश्वर के साथ इसी खोली में रहता और सायन के एक म्युनिसिपल स्कूल में पढता। खुद रामनारयण ने हाईस्कूल पास किया परेल की तुलसी मानस स्कूल से। पिता चिंचपोकली की अपोलो मिल में मुलाजिम थे। दस-बारह साल पहले रियायर होकर गाँव चले गये अपने पिता की सेवा करने। रामनारायण की दादी तो अभी-अभी गुजरी है, छह-सात माह पहले।
सोमवार, 26 जुलाई 2021
कहानी विनय प्रभाकर की
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में विनय प्रभाकर को एक छद्म लेखक के तौर पर जाना जाता है। लेनिक इस छद्म लेखक के पीछे एक चेहरा और है और वह चेहरा है रामनारायण पासी का। रामनारायण पासी जी ने विनय प्रभाकर के नाम से अधिकांश उपन्यास लिखे हैं और 'नाना पाटेकर' जैसा जीवंत किरदार उपन्यास साहित्य को दिया है।
बहुत कम लोगों को पता है विनय प्रभाकर के नाम से लिखने वाले अधिकतर उपन्यास श्री राम नारायण पासी जी ने लिखा था। विनय प्रभाकर की मेजर नाना पाटेकर सीरीज के तो सारे उपन्यास रामनारायण पासी जी ने ही लिखा थे।
बहुत कम लोगों को पता है और मैंने भी कभी पब्लिक प्लेटफ़ोरम पर इसका ज़िक्र नहीं किया की विनय प्रभाकर के नाम से उपन्यास लिखने वाले रामनारायण पासी जी मेरे पिताजी है।
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| रामनारायण पासी/ विनय प्रभाकर |
शुक्रवार, 9 जून 2017
विनय प्रभाकर
अपनी उपन्यास में ये स्वयं एक वकील के रूप में उपस्थित होते हैं।
इनके यहाँ प्रारंभिक उपन्यास सामाजिक थे फिर बाद के साॅशियल थ्रिलर थे। बाद में इन्होंने अपना लेखन बदल कर एक नये पात्र 'नाना पाटेकर' को लेकर आये। नाना पाटेकर सीरिज ने इनके लेखन को एक नया आयाम दिया।
विनय प्रभाकर के उपन्यास
1. सुहागिन का हत्यारा
2. औरत मेरी मुट्ठी में।
3. पैसा ही भगवान
4. कोठी नंबर 10
5. कातिल इक्के
6. कानून का दुश्मन
7. विधवा का इंतकाम
8. हत्यारी बहू
9. राखी मांगे खून
10. कानून का बाप
11. सुहाग का सौदा
12. अंधी अदालत
13. मासूम बेटा
14. पाप की दौलत
15. इंसाफ का फरिश्ता
16. खुदा का बेटा
17. चार बीवियों का पति
18. एक दिन की सुहागिन
19. इंसाफ का खून
20. कानून का खिलाङी
21. सुहागिन का इंसाफ
22. मासूम हत्यारा
23. जुर्म का शहंशाह
24. नर्क का भगवान
25. बेटी और बारूद
26. कोख का लहू
27. एक नंबर का शैतान
28. दस करोङ की हत्या
29. दस दिन की मौत
30. काला वारंट
31. जुर्म की रोटी
32. कफन तेरे सुहाग का
33. दौलत का कफन
34. जुर्म की मेहंदी
35. राखी का हत्यारा
36. 31 जनवरी की रात
37. मरने नहीं दूंगी
38. कातिल कौन
39. बारूद का बेटा
40. मैं जिंदा हूँ
41. क्राइम शाॅप
42. बिंदिया और मौत
43. कानून का रखवाला
44. जुर्म की शतरंज
45. बिंदिया और मौत
46. तीन दिन की दुल्हन
47. मैं विधवा हूँ
48. मांग भरेगी खून से
49. आँखें दो कानून को
50. राखी मांगे खून
51. कानून का जूता
नाना पाटेकर सीरीज
1. मौत आयेगी सात तालों में
2. सूअर का बाल
3. 36 घण्टे की मौत
4. मुर्दे की सुहागिन
5. जुर्म की भट्टी
6. दुश्मनी का ताबूत
7. शेर का बच्चा
8. मुँह तोङ जवाब
9. तू साँ मैं नेवला
10. दस करोङ
11.लालच का खंजर
12. चंड़ाल चौकड़ी
13. मौत की गूंज
14. सात करोड़ का मुर्दा
15. लाॅकर नंबर 100
16. पाँच करोड़ का कैदी
17. चूहा लडे़गा शेर से
18. शिकार
20. सभी दीवाने दौलत के
21. कानून का नेवला
22. मौत का कारखाना
23. गोली का रिश्ता
24. नब्बे करोड़ की लाश
25. खेल खिलाड़ी का
26. मिशन हिंदुस्तान
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