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शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021

हिंदी साहित्य और जासूसी उपन्यास – गोविंद सिंह

 हिंदी साहित्य और जासूसी उपन्यास – गोविंद सिंह

 हिंदी में जासूसी साहित्य को वह प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं है, जो पाश्चात्य जगत में इस प्रकार के साहित्य को प्राप्त है। हिंदी में अब तक एक लाख से अधिक प्रकार के जासूसी उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं, पर इसके बावजूद हिंदी साहित्य के इतिहास में कोई उनका नाम लेवा नहीं है।....आखिर इसका कारण क्या है? 

हिंदी साहित्य और जासूसी उपन्यास – गोविंद सिंह
        संसार में ऐसा कोई मनुष्य नहीं है,  जिसने अपने बचपन में किस्से-कहानियां न सुनी हो। जन्म से ही मानव- स्वभाव कथा प्रिय है। रहस्य-रोमांच से परिपूर्ण किस्से उसे अच्छे लगते हैं। एक जमाना था, जब गाँव की चौपाल में एकत्रित जनसमूह को किस्सागो कहानियां सुनाया करते थे। वह लोगों का मनोरंजन करने के साथ अपनी जीविका का भी उपार्जन करते थे। राजाओं, महाराजाओं, नवाबों ने भी अपने दरबार में किस्सा सुनाने वालों को रख छोड़ा था। ऐसे ही किस्सागो लोगों के द्वारा  सुनाये गये किस्से आज भी  'अलिफ लैला, चहारदरवेश, हातिमताई, छबीली भटियारिन, बुलाकी नाई और गंगाराम पटेल' आदि के रूप में हमारे लोक साहित्य में उपलब्ध हैं। प्राचीन काल में मनोंरजन के साथ-साथ शिक्षाप्रद किस्से भी बनाये गये।  इनमें 'पंचतंत्र,हितोपदेश' आदि प्रमुख हैं। उन दिनों कई-कई दिनों तक चलने वाले किस्से भी सुनाये जाते थे। 'सहस्त्र रजनी चरित' एक हजार रातों के किस्सों का संग्रह है। 

मंगलवार, 5 सितंबर 2017

गोविंद सिंह

हिंदी लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में सामाजिक उपन्यास के क्षेत्र में गोविंद सिंह ना नाम विशेष रुप से लिया जाता है। 
गोविंद सिंह के लेखन ना आरम्भ कुशवाहा कांत के प्रकाशन 'चिनगारी प्रकाशन' के अन्तर्गत हुआ था। उनका प्रथम उपन्यास राजरानी वहीं से छपा था। गोविंद सिंह ने अल्प समय में प्रसिद्धि पा ली थी।

गोविन्द सिंह के उपन्यास

 1. राजरानी - प्रथम उपन्यास
2. प्यासे नयना
3. लाल दुपट्टा
4. आशियाना
5. काली घटा
 6. सहारा
7. बहार
8. कागज के फूल
 9. पहीहा बोले आधी रात
 10. धीरे से घूंघट हटाये पिया
11. तारों भरी रात
 12. मिटती रेखायें
13. बदलते रास्ते
14. शमशीर
15. दीया जले रात भर
16. मैं भी इंसान हूँ
17. निशानी
 18. बरसात में
19. सुहाग
20. रेशमा
21. हसीना
22. चौरंगी
23. मौत ही मौत
24. साँवरिया
 25. बुलबुल
 26. बगावत
27. लगन
28. लाल हवेली
29. पैर की धूल
30. हमें जीने दो
31. मैं बेगुनाह हूँ
 32. आँधियों‌ की गोद में
33. काजल - क्रमांक 1-32 तक 'चिनगारी प्रकाशन- बनारस-१'
34. पाप की गुड़िया- रीता पॉकेट बुक्स- मेरठ(सीक्रेट सर्विस कार्यालय)
35. अधूरे रिश्ते
36. आधुनिक कामकला
37. परछाइयां
38. बदनाम गली
39. पति- पत्नी
40. बेहया (क्रम 35-40 तक उपन्यास पुष्पी प्रकाशन इलाहाबाद से प्रकाशित हुये हैं।)
41. बिके हुये लोग (कथाकार प्रकाशन)
 
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