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रविवार, 10 जून 2018

परशुराम शर्मा

मेरठ निवासी परशुराम शर्मा का उपन्यास जगत में एक विशेष नाम है। परशुराम शर्मा ने उपन्यास जगत को सीरिसे हटकर कुछ नया लिखने के लिए प्रेरित किया। इनके लिखे 'हाॅरर' श्रेणी के उपन्यास बहुत चर्चित रहे हैं।
     परशुराम शर्मा वर्तमान में‌ मेरठ(UP) में लेखिके साथ फिल्मों में सक्रिय हैं और म्यूजिक क्लास भी चलाते हैं।

परशु राम शर्मा के उपन्यास

तुलसी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित
1. बादशाह
2. फिर जन्म लेंगे
3. फरिश्ता
4. पांच पति
5. ज्वाला
6. जन्म-जन्म की बाजी
इंका सीरिज के उपन्यास (धीरज पॉकेट बुक्स)
7. इंका
8. इंका का प्रतिशोध
9. प्रलयदेवी इंका
10. इंका के पुजारी
11. इंका का अंत

परशुराम शर्मा जी की इंका सीरीज
  1. छिपकली
  2. खून की प्यासी
  3. इंका की वापसी
  4. आफत की पुतली
  5. जहरीली
  6. इंका दी ग्रेट
  7. मैं फिर मिलुंगी

एम. के. शर्मा

एम. के. शर्मा के उपन्यास
1. खून का प्यासा
2. पहला अपराध
3. अंधा गवाह
4. चालबाज
5.  जहर
6. सोने के त्रिकोण
7. कानून अपने हाथ में

शनिवार, 9 जून 2018

सुरेन्द्र मोहन पाठक की एक स्क्रिप्ट

सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के उपन्यास 'ओवरडाॅज' की हस्तलिखित स्क्रिप्ट।
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     आज के समय के प्रसिद्ध मर्डर मिस्ट्री लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के  एक उपन्यास 'ओवरडाॅज' की हम पाण्डुलिपि यहाँ प्रकाशित कर रहे हैं।
      ओवरडाॅज उपन्यास की मूल स्क्रिप्ट के कुछ पृष्ठ यहाँ प्रकाश्य हैं ताकी पाठक देख सके की एक लेखक कितनी मेहनत से एक उपन्यास तैयार करता है।
पाठक साहब तो स्वयं एक -एक बिंदु पर बहुत मेहनत करते थे, यह उनकी स्क्रिप्ट देख कर जाना जा सकता है।
    अपने उपन्यास का टाइटल डिजाइन तक भी स्वयं तैयार करते थे।
       रवि पॉकेट बुक्स के मालिक मनेष जैन जी ने पाठक जी की‌ मेहनत की बहुत सराहना की है।
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उपन्यास- ओवरडाॅज
लेखक-   ‌‌सुरेन्द्र मोहन पाठक


धन्यवाद- मनेष जैन जी (रवि पॉकेट बुक्स)







अनिल मोहन जी की एक स्क्रिप्ट

अनिल मोहन जी के उपन्यास की स्क्रिप्ट।
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             अनिल मोहन जी के उपन्यास की स्क्रिप्ट।
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      पाठक के मन में एक जिज्ञासा होती है की लेखक कैसे लिखता है। क्या वह कम्प्यूटर पर टाइप करता है या कागज पर लिखता है।
            पाण्डुलिपि वह हस्तलिखित/टाइप की गयी प्रथम कृति होती है जो मूलत: लेखक तैयार करता है और उसी पाण्डुलिपि को फिर प्रकाशक अच्छी तरह से टाइप कर एक किताब की शक्ल प्रदान करता है।
            हम अपने पाठकों के लिए लेकर आये हैं अनिल मोहन जी के उपन्यास 'नफरत की दीवार' की पाण्डुलिपि। जो की अनिल मोहन के स्वयं द्वारा कागज पर लिखी गयी है।
  - इसमें आप देख सकते हैं एक लेखक कैसे लिखता है।
  -  फिर प्रकाशक उसे कैसे किताब का रूप देता है।

उपन्यास- नफरत की दीवार
लेखक-    ‌अनिल‌ मोहन

             




मेरी प्रथम उपन्यास यात्रा- द्वितीय भाग

मेरी प्रथम उपन्यास यात्रा (द्वितीय भाग)
दिल्ली से मेरठ की ओर...

तीन बजे कंबोज जी  से रवानगी ली।
दिल्ली से मेरठ का साठ किलोमीटर का सफर कर हम मेरठ पहुंचे। 
शास्त्री नगर, मेरठ। 
          वह शास्त्री नगर जिसका नाम‌ उपन्यासों में पढा। आबिद रिजवी, वेदप्रकाश शर्मा, गजाला करीम जैसे लेखकों का गढ शास्त्री नगर। कुछ नामवर और कुछ गुमनाम लेखकों का शास्त्री नगर, लेखकों का और पाठकों का शास्त्री नगर।
             मेरठ शहर उपन्यास जगत की कर्मस्थली रहा है। मेरठ उपन्यास जगत का एक शरीर है तो शास्त्री नगर उसका दिल है। मैं आज उसी दिल में था। कभी ख्वाब था मेरठ जाने का। वह ख्वाब पूरा हो गया।     
         ‌ आबिद रिजवी साहब के घर पहुंचे। किताबों से भरा उनका कमरा, जहाँ वो अपना लेखन कार्य करते हैं, उनके सोने का कमरा, वह तो और भी ज्यादा किताबों से भरा हुआ था। नयी पुरानी, व्यवस्थित-अव्यस्थित, साहित्यिक- असाहित्यिक किताबे, जो असंख्य थी। अभी चाय पी ही थी की उपन्यास लेखिका बहन गजाला करीम जी की बड़ी बहन शबाना जी आ पहुंचे।  शबाना जी भी घोस्ट राइटिंग के लिए लेखन कर चुकी हैं। लेकिन अब सामान्य बुक्स लिखती हैं।
    
बहन गजाला जी के साथ
 

शुक्रवार, 8 जून 2018

मेरी प्रथम उपन्यास यात्रा- प्रथम भाग

मेरी प्रथम उपन्यास यात्रा (भाग प्रथम)
2.06.2018 से 06.06.2018
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   मेरे मन में‌ लंबे समय से एक इच्छा थी की एक औपन्यासिक यात्रा की। एक ऐसी यात्रा जो उपन्यास जगत से संबंधित हो। उपन्यास जगत के लेखक, पाठक आदि से मिलना हो और उपन्यास जगत से संबंधित कुछ रोचक जानकारियों को एकत्र किया जाये। जब से मैंने www.sahityadesh.blogspot.in का निर्माण किया है तब से यह इच्छा प्रबल हो उठी है।
      इस यात्रा को लेकर कई बार विचार बना और ध्वस्त हुआ लेकिन यात्रा कभी न हुयी। लेकिन जब यात्रा हुयी तो अविस्मरणीय बन गयी।
      03.6.2018 को कुछ फेसबुक पाठक मित्रों का दिल्ली में‌ वेदप्रकाश कंबोज जी से मिलने का कार्यक्रम बना। जिसमें मुझे भी आमंत्रण था। 

 विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश था। इसलिए यह यात्रा का अच्छा समय था।
मेरे शहर रायसिंहनहर से भी दिल्ली को रेल सर्विस है, लेकिन सीट न मिलने के कारण मुझे गंगानगर दूसरी ट्रेन से सीट रिजर्व करवानी पड़ी।
बगीचा- रायसिंहनहर- श्री गंगानगर- दिल्ली- मेरठ। यह था मेरा यात्रा कार्यक्रम। 

शुक्रवार, 1 जून 2018

एस. एम. मेहंदी

नाम- एस. एम. मेहंदी

मेरठ निवासी एस. एम. मेहंदी साहब प्रकाशन जगत के चर्चित रचनाकार रहे हैं। लेकिन इनका लेखक नेपथ्य में ही रहा अर्थात् अधिकांश लेखन Ghost writing में आता है। इन्होंने काफी चर्चित Ghost लेखकों के नाम से उपन्यास लेखन किया है।

 हालांकि स्वयं के नाम से सामाजिक उपन्यास प्रकाशित हुये थे पर स्वयं के नाम से इन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसके हकदार थे।

   एस. एम. मेहंदी साहब का काफी समय पहले देहांत हो गया।

एस. एम. मेहंदी जी के 'मेहंदी' नाम से प्रकाशित उपन्यास
1. चार सहेलियां


मेहंदी साहब के विषय में अन्य कोई जानकारी हो तो अवश्य शेयर करें।

sahityadesh@gmail.com


मंगलवार, 29 मई 2018

अर्जुन पण्डित

केशव पण्डित सीरीज लिखने वाले असंख्य लेखकों में से एक Ghost writer अर्जुन पण्डित थे।
अर्जुन पण्डित मनोज पॉकेट बुक्स के लेखक थे।
अर्जुन पण्डित के उपन्यास
1. केशव पण्डित की सुपारी
2. एक और केशव पण्डित
3. मर गया केशव पण्डित
4. केशव पण्डित और शैतान का बाप
5. केशव पण्डित और कफन तेरे बेटे का
6. केशव का इंसाफ
7. कानून  का जाल
8. आज का शैतान
10. 

सजल कुशवाहा

सजल कुशवाहा प्रसिद्ध उपन्यास कुशवाहा कांत के छोटे भाई उपन्यासकार जयंत कुशवाहा के ज्येष्ठ पुत्र हैं।

सजल कुशवाहा के जासूसी उपन्यास
1. कत्ल दर कत्ल
2. बेरिया की तलाश
3. दिमाग की हत्या
4. आखिरी चीख
5. पाँच साल बाद
6. मरी हुयी औरत
7.जिंदा-मुर्दा
8.
9.
10.
सामाजिक उपन्यास
11. अधूरी विधवा
12. लौटते कदम
13. फिर सुबह होगी
14. मेरे देवता
15.


16. तीसरा किनारा

राकेश पाठक

राकेश पाठक
         अपनी कलम‌ से सनसनी लिखने वाले राकेश पाठक जी का उपन्यास जगत में एक अलग ही‌ मुकाम था। इनके उपन्यासों में रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम होता था।
      'अब क्या होगा', 'क्राइम स्कूल' जैसे अद्भुत उपन्यास राकेश पाठन जी की प्रतिभा का ही चमत्कार है। हालांकि बाद के उपन्यास इनके हिंसा से भरे होते थे। लेकिन पात्रों के संवाद हाहाकारी‌ लिखने में पाठक जी का कोई सानी न था।
        हिंसक उपन्यास का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है की पाठक जी के एक पात्र अमरकांत का नाम ही 'कत्ल की‌ मशीन' था।
           राकेश पाठक जी के आरम्भिक उपन्यासों के बाद सभी उपन्यास गौरी पॉकेट बुक्स मेरठ से ही प्रकाशित होते थे।

राकेश पाठक जी के उपन्यास (गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित)

1. मेरा पति जिंदा करो
2. कत्ल एक अजूबा
3. मर्डर मिस्ट्री
4. थाना देगा दहेज
5. बहन के कटे हाथ
6. गुण्डों की सरकार
7. पुलिस स्टेशन
8. बापू मुझको रोटी दो
9. खूब बहेगा सङकों पर
10. चूहा लङेगा शेर से
11. भाषण नहीं राशन दो
12. खिलौनों को बना दो हथियार
13. चुन-चुन कर मारुंगा
14. विधवा का गैंग
15. चौबीस घण्टे की जंग
16. आर-पार की लङाई
17. क्राइम स्कूल
18. अदालत में खङा यमराज
19. मियां-बीवी का गैंग
20. मेरा शेर सबका बाप
21. भूखा हूँ लाश चाहिए
22. दस सिर वाला मुख्यमंत्री
23. शेरनी का बेटा
24. शीsss कातिल आ रहा है।
25. हिटलर की माँ
26. मुर्दा कत्ल करेगा
27. कानून की देवी
28. गुमनाम है कोई
29. मेरा ससूरा मुख्यमंत्री
30. सावधान! आगे थाना है।
31. डायमण्ड राॅबरी
32. कातिल की बारात
33. कत्ल की‌ मशीन
34. कत्ल का जादूगर
35. चूङियां पहनेगा गैंगस्टर
36. बौने की करामात
37. कौन है मेरा कातिल
38. प्लास्टिक की बीवी
39. इच्छाधारी नेता
40. वर्दी का धमाका
41. मेरी मम्मी पापा की जेब में
42. क्राइम एक्सपर्ट
2. कत्ल एक अजूबा
3. मर्डर मिस्ट्री
4. थाना देगा दहेज
5. बहन के कटे हाथ
6. गुण्डों की सरकार
7. पुलिस स्टेशन
8. बापू मुझको रोटी दो
9. खूब बहेगा सङकों पर
10. चूहा लङेगा शेर से
11. भाषण नहीं राशन दो
12. खिलौनों को बना दो हथियार
13. चुन-चुन कर मारुंगा
14. विधवा का गैंग
15. चौबीस घण्टे की जंग
16. आर-पार की लङाई
17. क्राइम स्कूल
18. अदालत में खङा यमराज
19. मियां-बीवी का गैंग
20. मेरा शेर सबका बाप
21. भूखा हूँ लाश चाहिए
22. दस सिर वाला मुख्यमंत्री
23. शेरनी का बेटा
24. शीsss कातिल आ रहा है।
25. हिटलर की माँ
26. मुर्दा कत्ल करेगा
27. कानून की देवी
28. गुमनाम है कोई
29. मेरा ससूरा मुख्यमंत्री
30. सावधान! आगे थाना है।  समीक्षा
31. डायमण्ड राॅबरी
32. कातिल की बारात
33. कत्ल की‌ मशीन
34. कत्ल का जादूगर
35. चूङियां पहनेगा गैंगस्टर
36. बौने की करामात
37. कौन है मेरा कातिल
38. प्लास्टिक की बीवी
39. इच्छाधारी नेता
40. वर्दी का धमाका
41. मेरी मम्मी पापा की जेब में
42. क्राइम एक्सपर्ट
43. सुनामी
44. दहशत 
45. बारह घण्टे बारह कत्ल
46. मैं कौन हूँ?
47. इंस्पेक्टर
48. इंतकाम के शॊले (प्रथम भाग)
49. दहक उठा इंतकाम( द्वितीय भाग) (क्रमांक 45-50 तक सूर्या पॉकेट बुक्स मेरठ)
50. अब क्या होगा?
51. माफिया का दुश्मन
52. धरती माँ के सपूत (51-52, नूतन पॉकेट बुक्स मेरठ)






संपर्क-
राकेश पाठक
544, गणेशपुरी, खतौली,
जिला. -मुज्जफरनगर
उत्तर प्रदेश- 2512001

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 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...