लोकप्रिय जासूसी उपन्यास के संस्पेंश, एक्शन और थ्रिलर के दौर में टाइगर एक मात्र ऐसे लेखक थे जिन्होंने अपने उपन्यासों में हास्य का मिश्रण भी किया था।
उपन्यास जगत के सुनहरी समय में टाइगर के उपन्यासों की पाठकों को बेताबी से प्रतीक्षा रहती थी।
अधिकतर पाठक टाइगर को एक घोस्ट राइटर (Ghost Writer) मानते हैं लेकिन यह सत्य नहीं है। टाइगर हरियाणा के भिवाणी जिले के निवासी हैं और इनका मूल नाम जगदीश कुमार वर्मा है और वर्तमान में टाइगर सामान्य पुस्तकें J.K. VERMA के नाम से लिख रहें हैं।
टाइगर नाम से लिखने वाले मुख्यतः दो लेखक सामने आते हैं। प्रथम यशपाल वालिया और द्वितीय JK VERMA.
अगर आप टाइगर के उपन्यास पढते हो तो दोनों के उपन्यासों में स्पष्ट अंतर पता चला है।
यशपाल वालिया ने इंस्पेक्टर विजय यादव और करतार सिंह जैसे पात्र पैदा किये थे। वही वर्मा जी ने 'शेषनाग- शामली' को बाजार में उतारा।
वर्मा जी द्वारा लिखित उपन्यासों में हास्य और थ्रिलर का बेहतरीन मिश्रण मिलता है।
इनके सभी उपन्यास और सामान्य किताबें राजा पाॅकेट बुक्स दिल्ली से प्रकाशित होती रही हैं।
इनका अब तक का अंतिम प्रकाशित उपन्यास 'मिशन आश्रम वाला बाबा' है, 'मिशन सफेद कोट' उपन्यास की मात्र घोषणा की पर उपन्यासों की कम बिक्री के कारण फिलहाल इन्होंने इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढाया।
इनके शेषनाग शामली और इंस्पेक्टर विजय यादव सीरीज काफी प्रसिद्ध हुये थे।
संपर्क-
जे.के. वर्मा
Mob.- 9996666769, 9812524246
Site- www.topbooksofindiaa.com
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उपन्यासकार टाइगर के उपन्यास
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1. इंसाफ का शहंशाह
2. खूनी जंग
3. सुहागिन बनी नागिन
4. खून की तीन बूंदें
5. कानून मेरी मूट्ठी में
6. नाम का अर्जुन
7. गोली तेरे नाम की
8. हम कानून बेचते हैं