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बुधवार, 15 फ़रवरी 2023

फंदा- अनिल सलूजा, उपन्यास अंश

फन्दा - अनिल सलूजा, बलराज गोगिया, प्रथम उपन्यास

  साहित्य देश के 'उपन्यास अंश' स्तम्भ में इस बार प्रस्तुत है अनिल सलूजा द्वारा लिखित प्रथम उपन्यास 'फंदा' का अंश। यह बलराज गोगिया सीरीज का प्रथम उपन्यास है और अनिल सलूजा जी के नाम से प्रकाशित होने वाला भी प्रथम उपन्यास है।
फन्दा - अनिल सलूजा, बलराज गोगिया, प्रथम उपन्यास

"क.... कौन हो तुम...." - बड़ी मुश्किल के बोल फूट पाया कुलकर्णी साहब के होंठों से।
रंगत एक दम से स्याह पड़ी हुई थी कुलकर्णी साहव की आंखों में खौफ के साये मंडराने लगे थे....। फटी-फटी आंखों से वे अपने सामने खड़े उन पांच नकाबपोशों को देख रहे थे जो कि उनके आठ साल के बेटे बबलू की खोपड़ी से स्टेनगन लगाये खड़े थे।
काले कपड़े में झांकते पांचों नकाबपोशों के होठों पर जहरीली मुस्कान रेंग गई।
एक नकाबपोश आगे बढ़ा- स्टेनगन अपने कंधे पर रखा और मुस्कान को और तेज करते हुए बोला- "जाहिर है हम अच्छे लोग नहीं हैं वर्ना काले कपड़ों में अपने मुंह छुपाकर तुम्हारे पास क्यों आते ।"
"क्या....क्या चाहते हो ?"
“हां....यह सवाल तुमने अच्छा किया।" - नकाबपोश अपनी स्टेनगन को कुलकर्णी साहब के सीने के सटाते हुए बोला- "बलराज गोगिया को फांसी का हुक्म तुमने ही सुनाया था न कुलकर्णी ?"
बुरी तरह से चौंके कुलकर्णी साहब....।

सोमवार, 23 मई 2022

राजा ठाकुर

नाम - राजा ठाकुर
प्रकाशक - पवन पॉकेट बुक्स
  प्रकाशकों और Ghost writer की भीड़ में‌कम कौनसा नया नाम सामने आ जाये कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसा ही एक Ghost writer है राजा ठाकुर‌। राजा ठाकुर पवन पॉकेट बुक्स का ट्रेड नाम है। हालांकि इनके उपन्यास कभी देखने को नहीं मिले। पवन पॉकेट बुक्स से प्रकाशित यह एकमात्र 'विज्ञापन' ही नजर आया है। 
    इसी के साथ लोकप्रिय उपन्यास साहित्य के एक और लेखक की चर्चा हो जाये। उपन्यासकार अनिल सलूजा जी ने भी 'राजा ठाकुर' नाम का एक पात्र उपन्यास साहित्य को दिया है, हालांकि राजा ठाकुर पर उन्होंने बहुत कम उपन्यास लिखे हैं। 

राजा ठाकुर के उपन्यास
  1. यमराज आयेगा मरने
  2.  



शनिवार, 23 जनवरी 2021

6. साक्षात्कार- अनिल सलूजा

 सौ उपन्यासों का लेखक- अनिल सलूजा

ब्लॉग साहित्य देश साक्षात्कार की शृंखला में प्रसिद्ध उपन्यासकार अनिल सलूजा जी का साक्षात्कार प्रस्तुत कर रहा है। अनिल सलूजा जी ने अपने पात्र बलराज गोगिया, रीमा राठौर, भेड़िया और अजय जोगी जैसे विशेष ख्याति अर्जित की है। 


1. अनिल जी साहित्य देश और पाठकवर्ग सबसे पहले आपका परिचय जानना चाहेगा, हालांकि पाठक आपको लेखक तौर पर जानते हैं लेकिन अपने प्रिय लेखक के जीवन से भी परिचय होना चाहते है।
अनिल सलूजा जी- मेरा जन्म 15 अप्रैल 1957 को हरियाणा के पानीपत में हुआ। मेरी शिक्षा भी यहीं हुयी है।
2. अपनी शिक्षा के बारे में कुछ बतायेंगे।

अनिल सलूजा जी- मैंने हायर सेकेंडरी के पश्चात ITI में रेडियो और टीवी मैकेनिक में डिप्लोमा किया है। और मेरी वर्तमान में शहर में रिपेरिंग की दुकान है।
3. आपका लेखन की तरफ रूझान कैसे हुआ?
अनिल सलूजा जी- मैं आठवी कक्षा में था। तब एक बार कहीं से वेदप्रकाश कांबोज जी का उपन्यास पढने को मिला, वह मुझे बहुत रोचक लगा। उसके बाद इधर-उधर से, किराये पर उपन्यास पढने आरम्भ कर दिया। फिर तात्कालिक लेखकों को पढा जैसे- ओमप्रकाश शर्मा, वेदप्रकाश कांबोज जी, राजभारती है।

4. लेखन की तरफ कैसे आना हुआ?
अनिल सलूजा जी- पढने के साथ-साथ यह इच्छा भी बलवती होती गयी की इन लेखकों की तरह मेरी भी तस्वीर छपनी चाहिए।
कक्षा नौ वीं से ही लिखना आरंभ कर दिया था। मेरा पहला उपन्यास 'बेकसूर हत्यारा' मनोज पॉकेट बुक्स में ट्रेड नेम से प्रकाशित हुआ। यह सन् 1990 के लगभग की बात है।

5. आपके वास्तविक नाम से कब प्रकाशित हुआ?
अनिल सलूजा जी- सन् 1994-95 में मेरा प्रथम उपन्यास 'फंदा' प्रकाशित हुआ, यह बलराज गोगिया सीरीज का उपन्यास था। उसके बाद तो वास्तविक नाम से और ट्रेड नाम से यह सफर निरंतर चलता रहा।
6. आपने अब तक कितने उपन्यास लिखे हैं?
अनिल सलूजा जी- मेरे नाम अनिल सलूजा से सौ उपन्यास प्रकाशित हुये हैं और ट्रेड नेम से लगभग सवा दो सौ उपन्यास प्रकाशित हुये हैं।
7. आपने किस -किस नाम से और किस -किस प्रकाशन के‌ लिए ट्रेड नेम से लिखा है?
उपन्यासकार अनिल सलूजा जी
उपन्यासकार अनिल सलूजा जी
अनिल सलूजा जी- मेरी शुरुआत ही ट्रेड लेखन से हुयी है। उसके बाद तो मनोज पॉकेट बुक्स में, अर्जुन पण्डित, रवि और महेश नाम से लिखा, तुलसी पॉकेट बुक्स में प्रकाश पारासर नाम से लिखा है, रवि पॉकेट बुक्स में कबीर कोहली नाम से, शिवा पॉकेट बुक्स में शिवा पण्डित, धीरज पॉकेट बुक्स में केशव पण्डित और भी बहुत से नाम जैसे आशीर्वाद आदि से भी लिखा है।
8. आपके स्वयं के पात्र कौन-कौन से रहे हैं?
अनिल सलूजा जी- मेरे नाम से मेरा पात्र बलराज गोगिया सर्वप्रथम प्रकाशित हुआ है। इसके अतिरिक्त रीमा राठौर, अजय जोगी, भेड़िया।
  अजय जोगी के तीन-चार उपन्यास हैं। भेडिया के सात-आठ उपन्यास हैं।
9. अजय जोगी काफी चर्चित पात्र रहा लेकिन आपने उस आगे नहीं बढाया, इसकी कोई विशेष वजह?
अनिल सलूजा जी- मैं‌ शिवा पॉकेट बुक्स के लिए शिवा पण्डित भी लिखता था जिसका पात्र अर्जुन त्यागी काफी चर्चित था। वहीं से कुछ मित्रों ने सलाह दी की आपका पात्र तो खूब चर्चित है लेकिन आपका नाम कहीं भी नहीं। तब मैंने अपने नाम अनिल सलूजा के नाम से अजय जोगी आरम्भ किया, जो की एक स्मैकिया और धोखेबाज किस्म का व्यक्ति था।
   जब शिवा पण्डित ट्रेड नेम रवि पॉकेट बुक्स वालों‌ के पास आया तो मनेष जी (रवि पॉकेट बुक्स के मालिक) की सलाह पर मैंने अजय जोगी को छोड़ कर अर्जुन त्यागी पर ही ध्यान केन्द्रित किया।
10. तात्कालिक किन लेखकों से आपका संपर्क रहा है?
अनिल सलूजा जी- मैं रिजर्व किस्म का व्यक्ति रहा हूँ। मेरा बाहरी संपर्क कम रहा है। फिर भी प्रकाशक के यहाँ या अन्य कार्यक्रमों में अक्सर लेखक मित्रों से मुलाकात हो जाती थी। इनमें से राज भारती जी, अनिल मोहन जी और योगेश मित्तल जी से मेरा विशेष संपर्क रहा है।
अनिल सलूजा जी इस विशेष साक्षात्कार के लिए साहित्य देश टीम आपका हार्दिक आभार व्यक्त करती है।

सोमवार, 8 जून 2020

रितुराज, अनिल सलूजा

लोकप्रिय साहित्य के दो प्रसिद्ध उपन्यासकार सपरिवार


सुरेश रितुराज जैन अपनी धर्मपत्नी प्रमिला जैन जी के साथ
अनिल सलूजा जी सपरिवार

बुधवार, 12 दिसंबर 2018

अनिल सलूजा, परिचय, उपन्यास सूची


परिचय-
नाम- अनिल सलूजा
माता- कृष्णा रानी
पिता- रोशन लाल
जन्म- 15.04.1957
प्रथम उपन्यास- फंदा
हरियाणा निवासी अनिल सलूजा उपन्यास जगत के एक चर्चित नाम हैं। इनके लिखे उपन्यासों की जबरदस्त मांग रही है।
       इनके पात्र सतीश रावण उर्फ भेड़िया और स्मैकिया....काफी चर्चित रहे हैं। उनके अलावा अनिल जी ने बलराज गोगिया, राजा ठाकुर, रीमा राठौर सीरिज से भी उपन्यास लिखे।
     अनिल जी‌ ने आज तक सौ उपन्यास लिख चुके हैं जो विभिन्न प्रकाशन संस्थानों से प्रकाशित हो चुके हैं।
संपर्क-
अनिल सलूजा
मकान नंबर- 494
वार्ड नंबर- 12
पानीपत (हरियाणा)
अनिल सलूजा जी के उपन्यास
1. एक गुनाह और (रीमा राठौर)
2. अंधेर गर्दी  (बलराज गोगिया( शिवा पॉकेट बुक्स)
3. आदमखोर. (भेड़िया) धीरज पॉकेट बुक्स
4. आग लगे वर्दी को (तुलसी पेपरबुक्स)
5. अजगर- रीमा राठौर- शिवा पॉकेट
6. अटैक- रीमा राठौर- शिवा पॉकेट
7. आधा पागल (रीमा राठौर)-रवि पॉकेट बुक्स
8. अचंभा 
9. आघात- बलराज गोगिया( राधा पॉकेट बुक्स)(प्रथम भाग- लाश बिकाऊ है)
10. आखिरी अंग्रेज - रीमा राठौर- राधा पॉकेट बुक्स
11. बड़बोला
12. भगोड़ा (रीमा राठौर)
13. भेड़िया- रीमा राठौर- शिवा पॉकेट
14. बारूद की आँधी (बलराज गोगिया) धीरज पॉकेट बुक्स (खूंखार - द्वितीय भाग)
15. बदनसीब (बलराज गोगिया)
16. 
17. बच्चा दस करोड़ का- रीमा राठौर-माया पॉकेट बुक्स
18. बोतल- अजय जोगी- राधा पॉकेट बुक्स
19. छक्का (राजा ठाकुर)
20. चित्त भी मेरी पट्ट भी मेरी ( राधा पॉकेट बुक्स) -अजय जोगी
21. चैलेंज- रीमा राठौर- शिवा पॉकेट (इण्डिया पॉकेट बुक्स)
22. चोट- रीमा राठौर
23. धर्मराज (बलराज गोगिया)
24. दुर्योधन (राजा ठाकुर सीरीज)
25. दो मुँहा सांप (तुलसी पेपर बुक्स)
26. दौलत मेरी माँ (भेड़िया सीरीज़)
27. फंदा (प्रथम उपन्यास (बलराज गोगिया सीरिज)
28. गुण्डा (बलराज गोगिया) शिवा पाकेट
29. गिद्ध- भेड़िया
30. गले पड़ा ढोल - अजय जोगी- राधा पॉकेट बुक्स
31. हारा हुआ जुआरी (बलराज गोगिया)
32. हथगोला   (बलराज गोगिया) अगस्त 2005
33. हादसा- रीमा राठौर- शिवा पॉकेट
34. जजमेंट (बलराज गोगिया, सतीश रावण और रीमा राठौर) -प्रथम भाग- उस्ताद
35. जवाब देगी गोली (रीमा राठौर) शिवा पॉकेट बुक्स
36. खूंखार (बलराज गोगिया) धीरज पॉकेट- प्रथम भाग- बारूद की आंधी
37. कृष्ण बना कंस   (रीमा राठौर)
38. खून बहेगा गली - गली
39. खून की होली (बलराज गोगिया)
40. कब्जा   (भेड़िया) धीरज पॉकेट बुक्स
41. काला खून (बलराज गोगिया)
42. कालदूत (बलराज गोगिया) शिवा पॉकेट
43. कमीना (भेड़िया) शिवा पॉकेट
44. कटार   (रीमा राठौर)
45. कर बुरा हो भला- (भेडिया सीरीज)
46. लंगड़ा यार (बलराज गोगिया)
47. लाश बिकाऊ है-   बलराज गोगिया (राधा पॉकेट बुक्स) (द्वितीय भाग- आघात)
48. मास्टर माइण्ड (बलराज गोगिया)
49. मोर्चा (बलराज गोगिया) शिवा पॉकेट
50. मुखबिर (बलराज गोगिया) शिवा पॉकेट
51. मर गयी रीमा (रीमा राठौर)
52. मुझे मौत चाहिए (बलराज गोगिया)
53. मौत की बाहों में (बलराज गोगिया)
54. मैं आया मौत लाया( भेड़िया सीरीज)
55. मेरा फैसला मेरा कानून (रीमा राठौर) तुलसी पेपर बुक्स
56. शूटर- (बलराज गोगिया)
57. मृत्युदंड
58. मुर्गा
59. मरा हुआ सांप-  बलराज गोगिया- राधा पॉकेट बुक्स
60. नृशंसक   (बलराज गोगिया) रवि पॉकेट बुक्स
61. नाली का कीड़ा (रीमा राठौर)
62. नेकी कर गोली खा ( भेड़िया सीरीज)
63. पिशाच (सतीश रावण उर्फ भेडिया सीरीज)
64. पैट्रोल बम (बलराज गोगिया)
65. राघव की वापसी  (बलराज गोगिया)
66. राजा ठाकुर ( राजा ठाकुर)
67. रस्सी का सांप (रीमा राठौर)
68. रावण की बारात
69. रेड अलर्ट (बलराज गोगिया)
70. राम नाम सत्य है - राधा पॉकेट बुक्स
71. शैतान- रीमा राठौर- (शिवा पॉकेट)
72. सत्यमेव जयते- रीमा राठौर- (शिवा पॉकेट)
73. स्टिंग  आप्रेशन
74. शिकंजा
75. शिकारी -रीमा राठौर, (शिवा पॉकेट बुक्स)
76. शनि का बेटा (तुलसी पेपर बुक्स)
77. सारे खून माफ-     (बलराज गोगिया)- शिवा पॉकेट बुक्स
78. सदमा-     रीमा राठौर- राधा पॉकेट बुक्स
79. टारगेट (रीमा राठौर)
80. उड़ान
81. उस्ताद (बलराज गोगिया, रीमा राठौर, सतीश रावण)- द्वितीय भाग- जजमैंट
82. वक्त का मारा ( तुलसी पेपरबुक्स)
83. यम हैं हम (बलराज गोगिया)
84.  कसम कानून की (रीमा राठौड़) (तीन गज की तलवार- द्वितीय भाग)
85. सजा ए मौत (प्रथम भाग)
86. मेरी अदालत ( द्वितीय भाग)
87. चिंगारी (बलराज गोगिया)
88. मौत का सफर (भेडिया सीरीज) रवि पॉकेट बुक्स
89. 
90. उन्नीस -बीस (रीमा राठौर, रजत पॉकेट बुक्स)
91. तीन गज की तलवार (रीमा राठौड, रजत प्रकाशन)
92. मेरी माँ मेरी दुश्मन (रीमा राठौड़, रजत प्रकाशन)
92. खूनी चक्र (बलराज गोगिया)
93. निशान - ( भेड़िया सीरीज)- रवि पॉकेट बुक्स
94. 
95. मेरी चाहत सबकी मौत (भेड़िया) मनोज पॉकेट बुक्स
96. गड़ा मुर्दा- भेड़िया - माया पॉकेट बुक्स
97. कानून का शिकारी -रीमा राठौर- रवि पॉकेट बुक्स
98. भेड़िया की वापसी- भेड़िया- धीरज पॉकेट बुक्स
99.
100. मर्द का बच्चा (लेखक का द्वितीय उपन्यास)
पलीता (सपना पॉकेट बुक्स, विज्ञापन)
गर्जना ( भेडिया सीरीज)
पलीता और गर्जना उपन्यास के विषय में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। पता नहीं यह उपन्यास प्रकाशित हुये थे या नहीं। किसी साथी को कोई जानकारी हो तो अवश्य बतायें।







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