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रविवार, 21 मई 2017

अनिल सक्सेना

बदायूं/मुरादाबाद के निवासी अनिल सक्सेना का पहली बार नाम 03.02.2017 को समाचार पत्र दैनिक भास्कर के एक online संस्करण में देखने को मिला।
  अनिल सक्सेना के बारे में जो भी जानकारी प्राप्त हुयी उसका आधार वही एक समाचार पत्र है। जानकारी भी कोई अच्छी नहीं मिली।
समाचार पत्र के अनुसार कक्षा 12  हैं।

अनिल सक्सेना के उपन्यास
1. ईंट का जवाब गोली-(1992)
2. आज का कानून
3. कानून का गुलाम
4. खुद्दार (अंतिम उपन्यास)
5. बेगुनाह कैैैदी
 6.कातिल
7.वाह रे कानून
8. सिसकते हालात 
9.चीखती लाशें
10. ईंट का जवाब गोली से दो।
(कानून का दलाल, बेगुनाह मुजरिम नाम )से नौ /दस उपन्यास और गम भरी गजलें, खूनी तमन्ना, तङफते अरमान, दिलजला आशिक, वेबफा जिंदगी, मुझे अपनों ने लूटा गजलें प्रकाशित हो चुकी हैं। मार्केट में उपन्यास और गजलों की किताबों का क्रेज नहीं होने पर अनिल प्रॉपर्टी के धंधे में उतर गया
एक जानकारी के अनुसार अनिल सक्सेना ने कुल नौ/दस उपन्यास लिखे थे।
इनके उपन्यास कविता पब्लिकेशन से प्रकाशित होते थे।
उक्त लेखक के विषय में किसी को कोई भी जानकारी हो तो हमें भेजने का कष्ट करें।
धन्यवाद
- संदर्भ
दैनिक भास्कर 03.02.2017

गोविंदनगर (कटघर, मुरादाबाद)

अनिल सक्सेना मूल रूप से बदायूं के सिसैया का रहने वाला है।

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