लेबल

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

क्या सुन रहे हो- हास्य रस,आरिफ मारहर्वी

 साहित्य देश के स्तम्भ के हास्यरस में आज प्रस्तुत है लोकप्रिय उपन्यासकार 'आरिफ मारहर्वी' के उपन्यास 'भयानक भिखारी' से एक रोचक हास्य अंश । 



 भयानक भिखारी - आरिफ मारहर्वी
फिर उन्हें गाईड एक खम्बे के निकट खड़ा हुआ दिखाई दिया । वह खम्बे से कान लगाये इस प्रकार खड़ा था जैसे कुछ सुनने की कोशिश कर रहा हो । सोजी ने गाईड पूछा-
'क्या सुन रहे हो तुम ?'
गाईड ने होठों पर उँगली रखकर चुप रहने का संकेत किया सीमा और सोजी ने विस्मयपूर्वक उसे देखा, फिर उन दोनों ने भी अपना-अपना कान खम्बे से लगा दिया, फिर सोजी ने कान हटा कर साश्चर्य से गाईड से कहा--
'मुझे तो कुछ सुनाई नहीं दे रहा।'
'हूँ....'गाईड झल्लाकर बोला - 'अजी, मैं यहाँ आधे घंटे से कान लगाये खड़ा झल्लाकर बोला- 'जज जब मुझे ही कुछ सुनाई नहीं दिया तो आपको एक  सेकन्ड में कैसे सुनाई दे जायेगा ?' 
सोजी हंस पड़ी । 

1 टिप्पणी:

Featured Post

मेरठ उपन्यास यात्रा-01

 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य को समर्पित मेरा एक ब्लॉग है 'साहित्य देश'। साहित्य देश और साहित्य हेतु लम्बे समय से एक विचार था उपन्यासकार...