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शनिवार, 26 मई 2018

वेदप्रकाश कांम्बोज

वेदप्रकाश कंबोज जी के उपन्यास

आग की लपटें
आग की मीनार
आखिरी बाज़ी
आखिरी चोट
आखिरी मुजरिम
आस्तीन का साँप
आसमानी आफत
आतंक के बीज
अज्ञात अपराधी
अंधे क़ातिल
अंधेरे की आवाज
अंधेरे की चीख
अंधेरे की चोट
अलफाँसे
अनोखा क़ैदी
अनोखा कातिल
अंटार्कटिक का खजाना
अपराधी चेहरे
अपराधी की हत्या
अपराधों का बादशाह
अपराध की छाया
अपराधों का बादशाह
असली दुश्मन
अत्याचार के अंधेरे
और दिलदार मारा गया
औरत का शिकार
आज़ादी का जाल
बदले की आग
बदमाशों की बस्ती
बौना बदमाश
भगोड़ा अपराधी
भगवान के चोर
भटकती आत्मा
भय का साम्राज्य
भयानक बदला
भेदभरी हत्या
भूतों का पर्वत 
ब्लैकमेलर
बोलती लाश
बम ब्लास्ट
बम का विस्फोट
चक्कर पे चक्कर 
चमकीले पत्थर
चमकता चेहरा
चन्द्रहार के चोर
चंद्रमहल का खजाना
चौथा बादशाह
चीते की आँख
चीन में हँगामा
चीनी जासूस
चीनी सुंदरी
चित्र का रहस्य
कॉलेज का रोमांस
दांव खेल (द्वितीय भाग- पासे पलट गये)
देवता का हार
धड़कन मौत की
धीमा जहर
धोखा और मौत
दिमागी शैतान
दोहरी लाश
दुनिया का दुश्मन
द्वीप की चोरी
एक खूनी रात
एक रात का क़ातिल
एक तानाशाह की मौत
एक तांत्रिक की मौत
फॉरेस्ट ऑफिसर
गद्दार
गद्दार क़ातिल
गहरी चाल
घेरा बंदी
घुसपाठ
गुमशुदा जासूस
मृत सागर का अभियान
गुनाह के निशान
गुप्त अभियान
गुप्त हत्यारा
हेलीमैन की शक्ति
हत्या का अंतराल
हत्या का रोमांस
हत्या के हथकंडे
हत्याओं का तूफान
मसीहा
हत्यारे का रहस्य
हत्यारे की खोज
हीरों का चोर
हीरों की खोज
हिंसा का भूत
हिंसा की ज्वाला
इंसाफ का जनाजा
जाल में फंसा शिकार
जहाज की चोरी
जहाँ मौत नाचती है
जहन्नुम के फरिश्ते
जवाब मुंहतोड़
झूठ का जाल
झूलती मौत
जंगल का कानून
जुर्म की आँधी
जुर्म की हुकूमत
जुर्म की जुबां
काले गुलाम
कदम कदम पर धोखा
काला तूफान
कमरे में लाश
कंगूरा (प्रथम उपन्यास-1958, द्वितीय नाम- लड़कियों के सौदागर)
कंकालों के बीच 
कानून मेरी ठोकर
कटा हुआ हाथ + बंबों की चोरी
खारतूम का बदमाश
खतरनाक वैज्ञानिक
खतरनाक जासूस
खतरनाक सुंदरी
खतों की साजिश
खतरे खोपड़ी
खूबसूरत क़ातिल
खून का खेल
खून के अंधेरे
खून के पुजारी
खून खराबा
खून की दौलत
खून की धारा
खून की होली
खून की लहरें
खून से लिखा खत
खूनी आँख
खूनी औरत
खूनी द्वीप
खूनी फरिश्ते
खूनी जंग
खूनी कंगन
खूनी खत
खूनी आँख
खूनी तमाशा
खोये शहर की खोज
किडनैपर
लाश का अपराध 
लाश का षड्यंत्र
लाशों की बस्ती
लाशों की ज़ंजीर
लातों के भूत 
लहरों पर विनाश
लाल बिल्ली काली टाई
लंगड़ी लड़की 
लापता क़ातिल
लाश का अपराध
लाश की छाया
लुटेरों के बीच
लूट की योजना
मानभूमि का षड्यंत्र
मंदिर का प्रेत
मौत का चक्कर
मौत का दुश्मन
मौत का इश्तेहार
मौत का उपहार
मौत का व्यापारी
मौत के दीवाने
मौत के घेरे
मौत के मुंह में
मौत के शिकार
मौत की आत्मकथा
मौत की बाज़ी
मौत की भूल भुलैया
मौत की दावत
मौत की घाटी
मौत की मंज़िल
मौत की परछाई
मौत की प्रतीक्षा
मौत की पुकार
मौत की तस्वीर
मौत मंडराती है
माया और मौत
मेरा प्यार पुकारे
मृत सागर का अभियान
मृत्यु सम्राट
मुक़द्दर मुजरिम का
मुर्दों के बीच
मूर्ति की चीख 
नफरत और खून
नकली अपराधी
नकली हीरे जाली नोट
नक़ली नोट
नर्तकी की खोज
नर्क द्वार
नाइन ड्रागन 
निर्दोष अपराधी
निर्जीव अट्टहास
निर्मम हत्यारे 
ऑपरेशन ग्रीनलैंड
पासे पलट गए 
पगान का खतरा
पत्ती झरा गुलाब
पवित्र उल्लू
प्राणों का प्यासा
प्रतिबिंब की हत्या
प्रतिष्ठा
प्रेत का प्रतिबिंब
प्रेतों का निर्माता
पुराने शिकार
क़ब्र का शैतान 
कानून के दुश्मन
कानून मेरी ठोकर में 
कत्ल की रात
क़ातिल दोस्त
कातिल की तलाश 
कातिल लाश
क़ातिल क़ैदी
कत्ल का दिन
कत्ल के बाद कत्ल
रात के क़ातिल 
रहस्यमयी आवाज़
रहस्यमयी कड़ियाँ
रेलगाड़ी का भूत
रेत का संगीत
रेत का तूफान
रेत की क़ब्रें
साहस के कदम
साजिशों के साये
सात सितारे मौत के
सातवाँ सिपाही
सभ्यता का पुजारी
सबसे बड़ा दुश्मन
सबसे बड़ा शैतान
सफ़ेद खून
सागर का बेटा
सागर में सोना
शैतान सँपोले
साज़िशों का जाल
संदेह का जाल
संघर्ष के क्षण
सन्नाटे की मौत
सारगोशा की सनसनी
षड़यंत्र की गंध
शहर बनेगा कब्रिस्तान
शैतान का बेटा
शैतान की घाटी
शैतानी त्रिगुट के दुश्मन
शस्त्रों के सौदागर
शतरंज की चाल
शिकार की तलाश
शिकारगाह का रहस्य
शिकारी कुत्ते
शिकारी का जाल
शिकारी का शिकार
सिंदूर का दुश्मन
सिंगही का प्रेत
सिंगही का अंत
सिंगही का प्रतिशोध
सिंगही न्यूयार्क में
सिंगलैंड की खोज
सोने की चोरी
सुलगती लाश
सुनहरी आँधी
तैरता नर्क
तख़्ता पलट
तलवार की धार
तीन हत्या
तीर अंधेरे के
तिब्बत के विद्रोही
टिम्बरलैंड के लड़ाके
तूफान की मौत
तोरा नागा
उजाले की मौत
वैज्ञानिक की खोज
वकील की हत्या /
विध्वंस के उपासक
विद्रोह की आग
विज्ञान और मौत
विज्ञान के व्यापारी
विजय पाकिस्तान की क़ैद में
विनाश दूत
विषैली गैस
योजना का अंत
ज़हर के पुतले
ज़हरीली नागिन
ज़िंदगी का दांव
ज़िंदगी के अंधेरे
जुर्म की जुबान






।।।।।।।।।।।

A.
1. आतंक के बीज
2. अपराध की छाया
3. आखिरी बाजी
4. आखिरी मुजरिम
5. अंधे कातिल
6. अपराधों का बादशाह
7. आग की दीवार
8. अज्ञात अपराधी
9. असली युवराज
10. असली दुशमन
11. अंधेरे की चोट
12. आत्मा की आहट
13. अत्याचार के अँधेरे (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

B.

1. बौना बदमाश
2. भयानक बदला
3.भय के क्षण
4. भयानक चीखें
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

C.
1. दहशत की घाटी
2

D.
1. धङकन मौत की (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
2
1. फाॅरेस्ट आॅफिसर

G.
1. गद्दार
2. गुमशुदा जासूस  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)

H.
1. हीरों की खोज
2. हत्यारे की खोज
3. हत्या के हथकण्डे (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
4. हिंसा की ज्वाला    (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)

I.
1. इंसाफ का जनाजा

J.
1. जुर्म की हुकूमत (शिवा पॉकेट बुक्स)
2. जासूसों‌ का जाल
3. जुर्म की जुबान
4. झूलती‌ मौत

1. खून खराबा
2. कानून मेरी ठोकर में
3. खूनी जंग
4. काला तूफान
5. कातिल
6. खून से लिखा खत
7

1. लहरों‌ पर लिखा विनाश

M.
1. मदभरी हत्या
2. मौत की आत्मकथा
3. मूर्ति की चीख
4. मौत का साम्राज्य
5.

N.
1. निर्जीव अट्हास
2. नाइट ड्रेगन (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)

O.
1. और दिलदार मर गया
P.
1. पासे पलट गये
2. रात का कातिल

R.
1. रेलगाङी का भूत
2. रहस्यमयी आवाज (भाग-1,2)
3. रेत की कबरें
4. रात के कातिल
5

S.
1. सिहंगी की वापसी
2. सिहंगी का प्रतिशोध
3. सिंगलैण्ड की खोज
4. सिहंगी का अंत (भाग-1,2,3)
5. सारगोशा की सनसनी
6. संघर्ष के क्षण
7. शैतान संपोले
8. सागर का बेटा
9. साहस के कदम
10. शिकारगाह का रहस्य
11. शस्त्रों के सौदागर
12. षड्यंत्र की गंध. (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
13. शिकारी कुत्ते  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
14. सिहंगी का जाल
15. सागर में सोना (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
16. सात सितारे मौत के  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
17. शैतानी त्रिगुट के दुश्मन (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
18.
19.
20.

T.
1. तोरा नागा

U.
1. उलझनों का शिकार

V.
1. विद्रोह की आग
2. विध्वंस के उपासक (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
W.
X.
Y.
Z.

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धन्यवाद
ईमेल- sahityadesh@gmail.com
W/ A- 9509583944
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वेदप्रकाश कंबोज के उपन्यास
1. और दिलदार मर गया
2. गुमशुदा जासूस
3. धङकन मौत की
4. सारगोसा की सनसनी
5. नकली हीरे जाली नोट
6. जहर के पुलते
7. हिंसा की ज्वाला
8. कदम-कदम पर धोखा
9. फाॅरेस्ट ऑफिसर
10. शिकारी कुत्ते
11.
12.
14.
14.
15.


अमित खान

अमित खान के उपन्यास
कमाण्डर करन सक्सेना सीरीज
1. तिलक रोङ का भूत(प्रथम उपन्यास)
2. दो डकैत
3. जान खतरे में
4. मौत की कुर्सी
5. खतरनाक आदमी
6. मुट्ठी में‌ बदं मौत
7. गैंडास्वामी का आतंक
8. एक चिट्ठी खून भरी
9. मिस्टर जीरो
10. चौकी नंबर ती‌न
11. गोली करेगी फैसला
12. आगे खतरा, पीछे मौत
13. हत्यारे का चैलेंज
14. लाल कफन
15. गन‌ मास्टर
16. भेदिया
17. कत्ल होगा सरेआम
18. चक्रा का चक्रव्यूह
19. जलता शहर
20. हाहाकार
21. कैदी
22. डण्डा परेड
23. एक डकैती ऐसी भी
24. एक नंबर का जल्लाद
25. हमलावर
26. सात दिन का अभियान
27. गद्दार
28. कमाण्डर
29. दोहरी चाल
30. मुर्दाघर
31. बम‌ काण्ड
32. मेरे हाथ, मेरे हथियार
33. बारूद का बेटा
34. दस टन सोना
35. मौत के मुँह में
36. आखिरी गोली
37. हिटलर का खजाना
38. आतंकवादी
39. हेराफेरी
40. सात तालों‌ में बंद मौत
41. एक वैज्ञानिक की तलाश
42. कौन जीता, कौन हारा
43. एक गोली, एक निशान
44. पासे पलट गये
45. रॉयल पैलेस
46. सांप-सीढी का खेल
47. नाकाब के पीछे
48. बाज बिग्रेड
49. एक चोट लौहार की
50. झांसेबाज
51. प्लानर
52. मरियम का बेटा
53. वन मैन आर्मी
54. सांप का बिल
55. नौ इंच का आदमी
56. एक अजनबी लङकी
57. रावणलीला
58. प्राइम‌ मिनिस्टर का मर्डर (धीरज पॉकेट बुक्स)
59. किस्मत का सुल्तान
60.

शीतल राजपूत सीरीज

61. घायल शेरनी
62. निशाना निगाहों‌ का
63. परकटा पंक्षी
64. मौत का जहाज
65. पुरानी बीवी नया प्यार

थ्रिलर

66. चकमें पर चकमा
67. बिच्छू का खेल
68. बाॅस
69. हादसे की रात
70. फंस जाओ मेरे लिए
71. तुम‌ मरोगी मेरे हांथों
72. गरम छुरी
73. नाइट क्लब
74. मैडम नताशा का प्रेमी
75. साथ जियेंगे, साथ मरेंगे
76. करिश्मा हाथों‌ का
77. औरत मेरी दुश्मन
78. तीन मुकदमें
79. मोहब्बत एक गुनाह
80. मेरा प्रेमी कातिल नहीं
81. जुआरी
82.
83.
84.
85.

लेखक संपर्क
अमित खान
D-603, स्काई पार्क
अजीत ग्लास गार्डन के‌ नजदीक,
आॅफ एस. वी. रोङ, गोरेगाँव(वेस्ट)
मुंबई-40040
Mob- 9821163955(only Sunday)
Email- for am it khan I gmail.com
Facebook-

रविवार, 13 मई 2018

वेदप्रकाश काम्बोज- परिचर्चा

वेद प्रकाश कांबोज की रहस्य रोमांच से भरी दुनिया :               
जासूसी नावलों का अद्भुत संसार (भाग-1)      
दिनाक -09.5.18
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वेद प्रकाश काम्बोज जी का नाम रोमांचक जासूसी उपन्यासों की दुनिया मे परिचय का मुहताज नहीं है एक समय था कि मार्केट मे इब्ने सफ़ी सूरज की तरह से प्रतिष्ठित लेखक थे।
            उनके उपन्यास 1950 से 60 के दशक मे इतने पापुलर थे कि हर छोटा या बड़ा दुकानदार, बस का या रेल का यात्री,  काम वाली ग्रहणी इनके हाथ मे, जासूसी दुनिया नॉवेल, धर्मयुग, या मनोहर कहानियाँ, जैसी कोई ना कोई पत्रिका को देखा जा सकता था । गर्मी की दोपहर हो या रात,  मकान की छत पर भोजन के बाद जलते लालटेन या पेट्रोमेक्स के उजाले मे बजते रेडियो के साथ लोग इन्हीं मेगज़ीन या नोवेल्स मे समय गुजारते देखे जाते थे।
               तभी अचानक जैसे सूरज पर बदली छा जाए,  सफ़ी साहब काफी ज्यादा बीमार हो गए, और उसके बाद वो लगभग दो साल बाद मार्केट मे वापस अपनी उपस्थिती दर्ज करवा पाये, तब तक उनके किरदारों पर लिखने वाले नए लेखकों का पदार्पण मार्केट मे होना शुरू हो चुका था, विनोद हमीद का एडिक्शन इतना जबर्दस्त था कि पाठक उन नए लेखकों को भी पढ़ने लगे।
            सन् 1958  से 16-17 वर्ष की अल्प आयु मे काम्बोज साहब ने अपने शुरुआती लेखन मे सेल्फ नरेटिंग स्टाइल मे कुछ उपन्यास लिखे, फिर इनहोने जो विजय रघुनाथ सीरीज लिखी, तो क्या आदमी क्या औरतें सभी इनकी कलम के दीवाने बन गए, धीरे धीरे कुछ 4  नोवेल्स के बाद शोहरत ने इनका दामन मजबूती से जो थामा है तो फिर उन्हें मुड़ कर ....पीछे देखने की जरूरत नहीं पड़ी, हिंदुस्तान के पाठकों मे सफ़ी साहब के पापुलर किरदार थे कर्नल विनोद और कैप्टेन हमीद ,मगर पड़ोसी देश और उर्दू के पढ़ने वालों मे ज्यादा मशहूर हुआ चरित्र इमरान था, यहाँ भारत मे भी उसे राजेश के रूप मे पसंद किया गया मगर डिमांड विनोद -हमीद की ज्यादा थी और इन पात्रों ने उर्दू लेखक एन. सफ़ी और एच॰ इकबाल और जनाब आबिद रिजवी साहब को भी काफी जगह दिलवा दी और भी कई नये लेखक आए ऊनका
      जिक्र मैं एक अलग ब्लॉग मे करूंगा। उन दिनों देश के प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी भी, सफ़ी साहब के जबर्दस्त फ़ैन थे उन्होने भी डेढ़ मतवाले (हिन्दी नाम हम्बग दी ग्रेट )जो इब्ने सफ़ी जी ने Schizophrenia नामक बीमारी से ठीक होने के बाद लिखा था को मँगवा कर पढ़ा था।  कहते हैं कि, रिलीज वाले दिन लोगों ने कतार मे लग कर नॉवेल लिया था जिसकी shortage हो जाने से वो दोबारा प्रकाशित हुआ था।
            हिन्दी जासूसी दुनिया मे अनुवादक प्रेम प्रकाश ने सफ़ी साहब के किरदारों के नए नाम रख दिये थे , इमरान हो गए राजेश।   राजेश से प्रेरित हो कर काम्बोज जी ने अपने चरित्र का नाम रखा था, विजय । लेकिन दोनों मे काफी अंतर था जो कालांतर मे बढ़ता ही चला गया, पुलिस का कप्तान फ़ैयाज़ जो हिन्दी जासूसी दुनिया मे कैप्टेन मलखान कहलाया, वो काम्बोज साहब के उपन्यासों मे सुपर रघुनाथ हो गया, पढ़ने वाले बाखूबी जानते हैं कि मानस पुत्र पर पूरी छाप उसके रचयिता की होती है, ये भी फ़ैयाज़ या मलखान से काफी जुदा चरित्र स्थापित हुआ, सीक्रेट सर्विस के चीफ विजय जो अपनी हकीकत छुपाये रखते थे और खुद को मूर्ख पोज करके दूसरों को मूर्ख बना कर अपना मकसद हल कर लेते थे, इस तरह का चरित्र कई लेखकों ने अड़ोप्ट किया मगर मकबूलियत कांबोज साहब को ही मिली, उन्होने इस चरित्र को कमाल का तराशा। 
         कांबोज साहब ने  विजय के सहायक का नाम ब्लैक ब्वाय रखा था जो बाकी सब सदस्यों के सामने काला नकाब डाल कर आता था और सीक्रेट सर्विस के चीफ का रोल प्ले करता था, वैसे ही जैसे उर्दू जासूसी दुनिया मे सफ़ी साहब का स्मार्ट मगर खुद को बेवकूफ दिखा कर बड़ी अय्यारी से काम करने वाला इमरान हकीकत मे सीक्रेट सर्विस का नकाबपोश चीफ एक्स टू होता था जिसे अनुवादक प्रेम प्रकाश द्वारा पवन का नाम दे दिया गया था राजेश की गैर मौजूदगी मे पवन का रोल उसका कभी भी सामने ना आने वाला सहायक फाइव टू करता था।

..... सिलसिला जारी रहेगा कड़ी 2-  मे कृपया इंतेजार कीजिये और अपनी जानकारी कमेंट्स के जरिये शेयर करिए ।। बा कलम

लेखक-  Balwinder Singh

विश्व मोहन विराग

विश्व मोहन विराग झारखण्ड के निवासी हैं और साहित्य क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में विराग साहब फिल्म‌ निर्माण और लेखन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
   उपन्यास क्षेत्र में ज्यादा समय सक्रिय नहीं रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार इनके उपन्यास रजत पॉकेट बुक्स- मेरठ से प्रकाशित हुये थे।

विश्व मोहन विराग के उपन्यास
1. मरघट
2. सौ करोङ डाॅलर के हीरे
3. आये नहीं सजना(अप्रकाशित)

संपर्क
विश्व मोहन विराग
(लेखक, निर्देशक,गीतकार)
विद्यापुरी,
झुमरीतिलैया(कोडरमा)
झारखण्ड

शुक्रवार, 4 मई 2018

रितुराज


मेरठ निवासी रितुराज एक सामाजिक उपन्यासकार हैं। रितुराज जी ने 'कर्नल सुरेश' के नाम से कुछ जासूसी उपन्यास भी लिखे हैं।
रितुराज जी और वेदप्रकाश शर्मा ने 'तुलसी पॉकेट बुक्स' की स्थापना की थी।
रितुराज जी वर्तमान में राजनीति में सक्रिय है।
नाम - सुरेश चंद जैन रितुराज
पिता- श्री महावीर प्रसाद जैन
माता- श्रीमती  विद्यावती
जन्म- 9.10.1952
शिक्षा- BSC.(1969) D.N. काॅलेज मेरठ
          - LLB(1974) N.A.S. काॅलेज- मेरठ




रितुराज के उपन्यास
1. नसीब औरत का
2. बीवी बच्चे
3. घर की लक्ष्मी
4. सिंदूर
5. पत्थर की देवी
6. आंचल में है दूध
7. बिंदिया
8. प्रेमदीप
9. राखी
10. पूजा करुंगी मैं
11. नसीब
12. देवी माँ
13. परिवार
14. बहूरानी
15. कफन
16. काला सिंदूर
17. वो आ गये
18. रानी बेटी
19. औरत
20. खानदान
21. सुहाग
22. विधवा
23. काजल
24. किराये की माँ
25. जीवन दान
26. चिराग
27. परमवीर चक्र
28. गुङिया (पचासवां उपन्यास)
29. बारात
30.  उधार का बेटा
31. चांद सूरज
उपर्युक्त सभी उपन्यास तुलसी पॉकेट बुक्स- मेरठ
32. देवी माँ- कंचन पॉकेट बुक्स
33. राखी- कंचन
34. नई महाभारत- राजा पॉकेट बुक्स
35. कर्जदार- राजा
36. प्यार नहीं करना - तुलसी साहित्य पब्लिकेशन
37. मेरा प्यार मेरा अधिकार- TSP
38. दीवाना सा
39. जुदा न होंगे
40. कोई नहीं अपना
41. चांद के पार
42. नया ताजमहल
43. चिराग
44. सिंदूर. (36-44 तक TSP)
45. दौलत नहीं बहू चाहिए (राज पॉकेट बुक्स)
रितुराज का जीवन परिचय यहाँ उपलब्ध है।
संपर्क- tulsipublications@gmail.com - रितुराज जी की विशेष और महत्वपूर्ण जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।- रितुराज सुरेश चंद जैन ---

अजय सिंह

नाम- अजय कुमार

माता- दुर्गा देवी

पिता नाम- बिरेन्द्र सिंह( birendra Singh

शिक्षा- MSC in applied mathematics 

जन्म दिनांक- 29.07.1982

संपर्क नंबर- 98551916207

इमेल- 27@gmail.com (o alphabet)

प्रथम उपन्यास/किताब-  कौओं का हमला

कुल किताबों की‌ लिस्ट-

वर्तमान कार्यक्षेत्र- टीवी क्षेत्र में धारावाहिक लेखन।

- CID, आहट, क्राइम पेट्रोल, अगले जन्म मोहे बिटिया हि कीजो  ्



बुधवार, 2 मई 2018

Iam Back- गजाला करीम

जासूसी उपन्यास जगत में एक और हलचल

लगभग दस वर्ष की खामोशी के पश्चात गजाला अपने उपन्यास के साथ लौट रही है।

उपन्यास नाम- iam Back

प्रकाशन- 3 मई 2018

फाॅरमेट- इ बुक

प्रकाशक- प्राची डिजीटल पब्लिकेशन- मेरठ

बुक्स प्राप्ति के लिए यहाँ क्लिक करें- iam Back- playstor


बुधवार, 25 अप्रैल 2018

आबिद रिज़वी- जीवन परिचय

नाम-  आबिद रिज़वी
पिता- श्री जव्वाद हुसैन(सैनिक सेवा, 07 राजपूताना रायफल्स Retd.)
माता- श्रीमती एज्जाज बानो
भाई - सैयद सज्जाद हुसैन (फ्लाइंग आफिसर I.A.F, (Retd.)
बहन- मुमताज़ बानो(सरकारी शिक्षिका- सेवानिवृत्त)
जन्मतिथि- 06 -फरवरी-1942 ई.
शिक्षा- एम. ए.- हिंदी( प्रयाग विश्वविद्यालय, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश-1963ई.)
        - बी.एड.(पंजाब युनिवर्सिटी-1965ई.)
शिक्षण कार्य-नेशनल इण्टर काॅलेज, महौदा, हमीरपुर ( उत्तर प्रदेश)
प्रथम उपन्यास-अनजानी-अनचाही राह( सामाजिक उपन्यास)
परिवार- तीन पुत्रियां- राना जैदी, जैदा रिज़वी, हिना रिज़वी
पत्नी- स्वर्गीय गौहर जहाँ (गवर्नमेंट गर्ल्स इण्टर काॅलेज- बागपत, Retd.)
पता- म.नं.- 258, सेक्टर-10, शास्त्री नगर, मेरठ, उतर प्रदेश-
संपर्क-8218846970,  9837408357
ईमेल- abidrizvi102@gmail.com
साइट- abidrizvi.com
लेखन कार्य- उपन्यास, जीवनी,
अनुवाद- उर्दू और अंग्रेजी की विभिन्न रचनाओं का हिंदी में अनुवाद।
आबिद रिजवी जी के उपन्यास

1.अनचाही-अनजानी राह
2. धुंधला चेहरा-धुंधला रूप
3. अतीत की परछाईयां
4. सरिता।
5. कोई आवाज न दे
6. दरवाजा खोल दो (प्रथम भाग)
7.  बंद गली का रास्ता (द्वितीय भाग)
8. संगमरमर के घोंसले
9. सवेरा होने वाला है।
10. अंगङाई
 (उपन्यास क्रम 5-10 तक, नीलम पॉकेट बुक्स से)
11. मेरी मदहोशी के दुश्मन (रवि पॉकेट बुक्स, 2018) 
12. इंका आग के शोलों में
13. इंका खतरे में-
14. इंका का हंगामा
15. इंका का प्रतिशोध
(क्रमांक 12,13 मूलकृति के लेखक जमील‌अहमद खान हैं।)
16. पहला शिकार (प्रथम जासूसी उपन्यास)
17. दूसरा शिकार
18. खूबसूरती का कत्ल
19. प्रोफेसर की हत्या
20.  विक्रांत और खूनी खजाने का षड्यंत्र
21.  वतन की वापसी
22. विक्रांत और मुल्क के सौदागर (प्रभात पॉकेट बुक्स, मेरठ)
(विभिन्न प्रकाशन संस्थानों के लिए काॅमिक्स लेखन)
आबिद रिजबी जी का साक्षात्कार- आबिद रिजवी

विकिपीडिया लिंक

मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

नये उपन्यास 10 अप्रेल 2018

नमस्कार,
     उपन्यास प्रेमियों के लिए यह समय बहुत अच्छा है। क्योंकि एक लंबे समय तक उपन्यास जगत में सन्नाटा था। लेकिन अब नये- पुराने लेखकों और नये-पुराने प्रकाशकों की बदौलत कुछ उपन्यास बाजार में आ रहे हैं।

उपन्यास प्रकाशन- 10 अप्रैल 2018
  इसी क्रम में रवि पॉकेट बुक्स -मेरठ द्वारा नये - पुराने उपन्यास बाजार में आ रहे हैं।
1. खून का रिश्ता - अनिल मोहन ( Reprint)
2. देजा वू- कंवल शर्मा
3. रिवेंज-   इकराम फरीदी
4. भूखा शेर- शिवा पण्डित
5. मेरी मदहोशी के दुश्मन- आबिद रिजवी
6. नागिन मांगे खून - रीमा भारती
7. रागिनी-        राजहंस

उपर्युक्त उपन्यासों को रवि पॉकेट बुक्स के वाटस एप/ paytm नंबर 9412200594 पर संपर्क कर मंगवा सकते है।

धन्यवाद - गजाला

साहित्य देश ब्लॉग के संचालक के लिए दो शब्द ....

मैं सुनती रही औरों की कही
मेरी बात मेरे मन ही में रही.

आज बात करते हैं एक सबसे विशेष मुद्दे पर
वो समय जब मैंने अपनी पहचान बना कर भी कुछ व्यक्तियों  के रहते खो दी थी मुझे उस पहचान को वापस दिलाने में विशेष महत्वपूर्ण योगदान है आदरणीय गुरप्रीत सिंह जी का। यही वो मसीहा है जिन्होंने मेरे जैसे गुमनाम कलमकारों को उनकी पहचान दिलाने में सहायता की। मैं गुरप्रीत जी को हार्दिक धन्यवाद करती हूँ और गर्व है मुझे ऐसे लोगो पर जो निस्वार्थ लोगों की सहायता करते हैं। अब जबकि मैं वापस एक लेखिका के रूप में अपनी पहचान हासिल कर चुकी हूँ तो इसका पूरा श्रेय सम्मानजनक व आदरणीय गुरप्रीत जी को देती हूँ। आप लोगो के समक्ष अपना कोई भी नया लेख लाने से पूर्व मैं चाहूंगी कि "बाग़बान" रूपी श्री गुरप्रीत जी को मुझ सहित आप लोग भी सम्मान से नवाज़े। 
              मैं खुश हूँ यह जान कर के इंसानियत आज भी जिंदा है। कोई पूछे मुझसे इंसानियत कैसी होती है तो मैं आदरणीय गुरप्रीत जी का नाम लेकर उनकी तस्वीर सभी को दिखाना चाहूंगी।   खासतौर पर चाहूंगी मुझसे ज़्यादा सम्मानित श्री गुरप्रीत जी को किया जाये, साथ ही आदरणीय मनीष जैन।  मेरे आने वाले उपन्यासों के लिए भी बधाई गुरप्रीत जी को ही दी जाए। क्योंकि आज के समय मे मेरे लेखन को लेकर जन्म कर्ता श्री गुरप्रीत जी ही हैं जो मुझे एक बार फिर कलम तक लेकर आये साहित्य देश की ओर संकेत देते कहा
"आ चल के तुझे मैं लेके चलू एक ऐसे गगन के तले, जहां गम भी न हो आंसू भी न हो बस प्यार ही प्यार पले।"
    वो समय था जब मेरी पहचान को छीनते समय मुझे कुछ बोलने की इजाज़त भी मुझसे छीन ली गयी थी। फिर गुरप्रीत जी की सहायता प्राप्त हुई तो सबके बीच अपने मन की बात कह सकी। हार्दिक आभार और धन्यवाद गुरप्रीत जी को।
Please one salute to Mr. Gurpreet Singh👏👏👏

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उपन्यासकार गजाला जी की कलम से...

गजाला जी की फेसबुक वाॅल से..

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