Labels

Monday, October 15, 2018

मोना चौधरी

Ghost writing के दौर में एक नाम था मोना चौधरी। मोना चौधरी भवानी पॉकेट बुक्स-मेरठ की देन थी। मोना चौधरी के उपन्यास 1. ब्लु फाइल 2. विष कन्या 3. असलाह 4. मिस चिंगारी 5. बिजली 6. बारूद की बेटी 7. 8. 9. 10

Sunday, October 14, 2018

ओमप्रकाश शर्मा - पुण्य तिथि

जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि पर दैनिक जागरण में सन् 1998 में प्रकाशित एक आलेख।

Tuesday, October 9, 2018

लेखक

बायें से शुभानंद जी, रमाकांत मिश्र, आबिद रिजवी जी।

तीन पीढियां एक साथ।
आबिद रिजवी जी, रमाकांत मिश्र जी, शुभानंद जी।


लेखक

एक यादगार तस्वीर

अपने समय के प्रसिद्ध लेखक एक साथ।


Saturday, October 6, 2018

दुर्गाप्रसाद खत्री

दुर्गाप्रसाद खत्री
Surendra Sabhani की फेसबुक पोस्ट।


दुर्गाप्रसाद खत्री जी का परिचय



दुर्गा प्रसाद खत्री (12 जुलाई, 1895- 5 अक्टूबर, 1974) हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यास लेखकों में से एक थे। ये ख्याति प्राप्त देवकीनन्दन खत्री के पुत्र थे, जिन्हें भारत ही नहीं, अपितु पूरे विश्व में भी तिलिस्मी उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त थी।बाबू देवकीनन्दन खत्री के सुपुत्र बाबू दुर्गा प्रसाद खत्री भी अपने पिता के समान ही प्रतिभाशाली थे।दुर्गा प्रसाद खत्री जी अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए साथ में कहानी / उपन्यास लिखने लगे। पिता-पुत्र के लेखन में कोई अंतर नहीं कर सकता। एक बार देवकी नन्दन खत्री जी को किसी कारणवश कहीं बाहर जाना पड़ा। उन्होंने पुत्र को निर्देश दिया कि कथा का क्रम संभाल लेना। ज्ञातव्य है कि किसी कहानी की कोई रूपरेखा उनके द्वारा कहीं लिखी नहीं थी, केवल दिमाग में रहती थी। कहानी की किस्तें लगभग रोज छपनी थी इसलिए रोज लिखना आवश्यक था। करीब 3-4 हफ्ते बाद बाबू देवकी नन्दन खत्री जी लौटे और दुर्गा प्रसाद खत्री जी से पूछा कि कहानी कहाँ तक पहुँची। पुत्र ने कहा - 'वहीं, जहाँ आप छोड़ गए थे'। हुआ यह था कि दुर्गा प्रसाद जी ने इस बीच एक तिलिस्म की यात्रा करा दी थी और पात्रों को वापस वहीं पहुँचा दिया था। 1912 ई. में विज्ञान और गणित में विशेष योग्यता के साथ स्कूल लीविंग परीक्षा उन्होंने पास की। इसके बाद उन्होंने लिखना आरंभ किया और डेढ़ दर्जन से अधिक उपन्यास लिखे। इनके उपन्यास चार प्रकार के हैं-
तिलस्मी एवं ऐय्यारी
जासूसी
सामाजिक
अद्भुत किन्तु संभाव्य घटनाओं पर आधारित उपन्यास।
तिलस्मी उपन्यास में दुर्गा प्रसाद खत्री ने अपने पिता की परंपरा का बड़ी सूक्ष्मता के साथ अनुकरण किया है। जासूसी उपन्यासों में राष्ट्रीय भावना और क्रांतिकारी आंदोलन प्रतिबिम्बित हुआ है। सामाजिक उपन्यास प्रेम के अनैतिक रूप के दुष्परिणाम उद्घाटित करते हैं। लेखक का महत्व इस बात में भी है कि उसने जासूसी वातावरण में राष्ट्रीय और सामाजिक समस्याओं को प्रस्तुत किया।
भूतनाथ (1907-1913) (अपूर्ण) - देवकीनन्दन खत्री ने अपने उपन्यास 'चन्द्रकान्ता सन्तति' के एक पात्र को नायक बना कर 'भूतनाथ' उपन्यास की रचना की, किन्तु असामायिक मृत्यु के कारण वह इस उपन्यास के केवल छह भागों ही लिख पाये।आगे के शेष पन्द्रह भाग उनके पुत्र दुर्गा प्रसाद खत्री ने लिख कर पूरे किये। 'भूतनाथ' भी कथावस्तु की अन्तिम कड़ी नहीं है।इसके बाद बाबू दुर्गा प्रसाद खत्री लिखित 'रोहतास मठ' (दो खंडों में) आता है।उन्होंने अपने अतुल्य पिता के अनुपम उपन्यास 'भूतनाथ' को पूरा करने का बीड़ा उठाया और इस दायित्व को इस खूबी के साथ पूरा किया कि पता ही नहीं चलता कि कहाँ पिता ने कलम छोड़ी और कहाँ पुत्र ने कलम उठाई।
उनके सर्वाधिक चर्चित उपन्यास 'रक्त मंडल' और सुफेद शैतान' रहे। इन उपन्यासों को ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबंधित (बैन) कर दिया गया था l

कृतियाँ
दुर्गा प्रसाद खत्री ने 1500 कहानियाँ, 31 उपन्यास व हास्य प्रधान लेख लिखे। दुर्गा प्रसाद खत्री ने ‘उपन्यास लहरी’ और 'रणभेरी' नामक पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया था। इनके उपन्यास चार प्रकार के हैं-

तिलस्मी ऐयारी उपन्यास
भूतनाथ और रोहतासमठ उनके इस विधा के उपन्यास हैं और इनमें उन्होंने अपने पिता की परंपरा को जीवित रखने का ही प्रयत्न नहीं किया है वरन्‌ उनकी शैली का इस सूक्ष्मता से अनुकरण किया है कि यदि नाम न बताया जाय तो सहसा यह कहना संभव नहीं कि ये उपन्यास देवकीनंदन खत्री ने नहीं वरन्‌ किसी अन्य व्यक्ति ने लिखे हैं।

जासूसी उपन्यास
प्रतिशोध, लालपंजा, रक्तामंडल, सुफेद शैतान जासूसी उपन्यास होते हुए भी राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत हैं और भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन को प्रतिबिंबित करते हैं। सुफेद शैतान में समस्त एशिया को मुक्त कराने की मौलिक उद्भावना की गई है। शुद्ध जासूसी उपन्यास हैं-
सुवर्णरेखा
स्वर्गपुरी
सागर सम्राट् साकेत
कालाचोर
इनमें विज्ञान की जानकारी के साथ जासूसी कला को विकसित करने का प्रयास है।
सामाजिक उपन्यास
इस रूप में अकेला 'कलंक कालिमा' है जिसमें प्रेम के अनैतिक रूप को लेकर उसके दुष्परिणाम को उद्घाटित किया गया है। बलिदान को भी सामाजिक चरित्रप्रधान उपन्यास कहा जा सकता है किंतु उसमें जासूसी की प्रवृत्ति काफ़ी मात्रा में झलकती है।
संसार चक्र अद्भुत किंतु संभाव्य घटनाचक्र पर आधारित उपन्यास
माया उनकी कहानियों का एकमात्र संग्रह है। ये कहानियां सामाजिक नैतिक हैं। उनकी साहित्यिक महत्ता यह है कि उन्होंने देवकीनंदन खत्री और गोपालराम गहमरी की ऐयारी जासूसी-परंपरा को तो विकसित किया ही है, सामाजिक और राष्ट्रीय समस्याओं को जासूसी वातावरण के साथ प्रस्तुतकर एक नई परंपरा को विकसित करने की चेष्टा की है।

------
आलेख- Surendra Sabhani
 लेखक की मूल फेसबुक पोस्ट यहाँ है।



Tuesday, October 2, 2018

ए. हमीद

ए. हमीद के उपन्यास
1.  तूफान की रात

कैप्टन सुभाष

कैप्टन सुभाष के विषय में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं ।

कैप्टन सुभाष के उपन्यास
1. मकङी और नाग


नागपाल

नागपाल के उपन्यास बहुत देखने को मिलते हैं, अब ये लेखक कौन थे, कहां से थे कुछ जानकारी नहीं है।

नागपाल के उपन्यास
1. नरक का बादशाह
2. खतरनाक साजिश
3. झूठ का जाल
4. दौलत का ढेर
5. हत्यारी दौलत
6. जुर्म का पहरेदार
7.
8.
9.
10.

शहंशाह

 नाम से ऐसा ही मालूम होता है यह कोई घोस्ट राइटर का कमाल है।
अब ये किस प्रकाशन की देन है यह कहना मुश्किल है।

शहंशाह जे उपन्यास
1. ऐ वतन तेरे लिए




विमल

उपन्यासकार विमल के विषय में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इनका एक उपन्यास मिला है।

विमल के उपन्यास
1. हत्यारी सुहागिन

बी.पाल भारती

 एक लेखक हैं बी. पाल भारती। जासूसी उपन्यासकार ।
इनके विषय में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

बी. पाल भारती के उपन्यास
1. पाॅलिटिक्ल मर्डर

Monday, October 1, 2018

हरीश पाठक

हरीश पाठक नामक उपन्यासकार से संबंधित कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उनके कुछ उपन्यासों के चित्र उपलब्ध हैं।
1. अधूरा कत्ल

केशव शर्मा


वेदप्रकाश शर्मा का एक पात्र था 'केशव पण्डित' इस पात्र ने इतनी प्रसिद्ध पात्र की थी की जासूसी उपन्यास जगत में असंख्य केशव पण्डित पैदा हो गये।
   कमाल की बात तो ये है की स्वयं वेदप्रकाश शर्मा की तत्कालीन प्रकाशन संस्था 'तुलसी पॉकेट बुक्स' को भी एक घोस्ट राइटर 'केशव शर्मा' के नाम से बाजार में उतारना पड़ा।


जिसे बाद में 'तुलसी साहित्य पब्लिकेशन' प्रकाशित करती रही ।


केशव शर्मा के उपन्यास
1. केशव करेगा इंसाफ
2. माँ का लाल है केशव

Sunday, September 30, 2018

अमित श्रीवास्तव

उपन्यास लेखक अमित श्रीवास्तव जी के साथ

उपन्यास लेखक अमित श्रीवास्तव जी के साथ
18.06.2018


Friday, September 28, 2018

परशुराम शर्मा

लेखक परशुराम शर्मा जी 

लेखनी के जादूगर आदरणीय सुप्रसिद्ध लेखनकार श्री परशुराम शर्मा जी...
इनका लेखन आरम्भ हुआ सन 1962 में, इनकी प्रेरणा एक ऐसी किशोरी जिसने इन पर एक घटिया इल्ज़ाम लगा अपमानित करने का सफल प्रयास किया। क्यो के अपनी बेगुनाही को लेकर कोई दलील पास न थी लिहाज़ा इल्ज़ाम सर ले वह पीड़ित हुए। नतीजा, यहीं से आरंभ हुआ उनका लेखन सफर।
                      पहली रचना "चीखों का संसार" जिसको जासूसी शक्ल के रूप में प्रकाशित किया गया 'कमल जासूस' मैगज़ीन मेरठ से। यह उस समय की बात है जब लेखनी के जादूगर परशुराम शर्मा जी महज़ 17 वर्षीय थे। उनका यह नावेल पाठको के बीच खासा चर्चित हुआ। लेखन जगत के इस चर्चित दौर के अंतर्गत उनका एक उपन्यास आया "ज़ीरो लैंड" यह वो समय था जब पुस्तको की कीमत केवल दो या चार रुपये हुआ करती थी, लेकिन ज़ीरो लैंड का मूल्य 10 रुपये रखा गया और जब यह उपन्यास प्रकाशित हुआ तो पाठकवर्ग के बीच इसे लेकर इतनी होड़ मची के नावेल सुप्रसिद्ध हो ब्लैक में बिका। पच्चीसवां उपन्यास "आग और शोले" प्रकाशित हुआ सन 1970 में, सीक्रेट सर्विस कार्यलय मेरठ से...यह वो उपन्यास था जिसने लेखन के जादूगर परशुराम शर्मा जी को अपनी एक विशेष पहचान स्थगित करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया। पचासवीं रचना "पृथ्वी के चोर" जासूसी उपन्यास अजय प्रकाशन से प्रकाशित हो सदा की तरह इस बार भी खूब पाठकों के बीच प्रंशसा का पात्र बना। 
                यहां यह भी कहा जा सकता है कि लेखक परशुराम शर्मा जी पाठको के दिल अज़ीज़ व रचनाकार के रूप में अपना एक शानदार मुकाम लेखन जगत में हासिल कर चुके थे।
                         सौंवा उपन्यास..."नर्क की छाया" कंचन पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुआ जिसने खूब प्रशंसाएं बटोरी।  यह वो समय था जब समस्त लेखक अपनी लेखन दुनिया को लेकर अपनी अपनी उन बहुचर्चित सीरीज़ में बंध कर ही रचना लिखा करते थे जिन्हें पाठक सराहा करते थे, शायद विवश थे सीरीज़ में बंध कर लेखन कार्य के साथ । इस प्रकार की समस्त विवशताओं व नियमो को खंडित कर लेखनी के जादूगर परशुराम शर्मा जी ने इसका उलंघन कर पाठको को एक नया आहार परोसा जिसे दिल की गहराईयों से सराहा गया। लेखन जगत के इस बादशाह ने यकीनन अपनी जादूभरी लेखनी का शानदार प्रदर्शन दिया। "हलाकू" नामक रचना टेलीपैथीक एक विशेष आहार पाठको के लिए खासा हाज़मी साबित हुआ , न केवल इतना ही, सुप्रसिद्ध भी रहा। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक भी लिखा "ठोकर" नाम से जो के सन 1985 में कंचन पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुआ। इसके अलावा कॉमिक्स में इन्होंने तमाम हिंदुस्तान में खूब धूम मचाई...मेघदूत, नागराज, अंगारा, जम्बू, मिस्टर इत्यादि नाम के किरदारो से सम्पूर्ण भारत मे वो मुकाम पाया के इनके मुकाबले दूसरा कोई अभी तक न आया। इनको कॉमिक्स में हिंदुस्तान का बादशाह होने का अनोखा स्थान हासिल हुआ। इनकी रचनाओं का सिलसिला हॉरर रचनाओं तक भी पहुँचा, जिसको समस्त रचनाओं समान सराहा गया। 
       
                             लेखक परशुराम शर्मा जी अपने आप मे एक ज्ञान व प्रेम सागर हैं। ह्रदय से विशाल हर एक के लिए सदा सहयोग हेतु आगे बढ़ते हैं। भारतीय बहुचर्चित टॉप वन सीरीज़ में आने वाले स्वर्गीय वेद प्रकाश शर्मा जी को भी इनका सहयोग व सहानुभूति प्राप्त हैं। ऐसा स्वंम वेद प्रकाश शर्मा जी ने मेरे यानी लेखिका गज़ाला करीम, के सामने ही स्वीकारा, यह उस समय की बात है जब मैं वेद प्रकाश शर्मा जी की शिष्या रूपी उनके सम्पर्क में थी। ताज्जुब की बात तो तब हुई जब समस्त भारत मे प्रकाशमय लेखक होने का गर्व प्राप्त करने वाले लेखक ने परशुराम शर्मा जी से प्राप्त सहयोग व सहानुभूतियों के रहते उनके साथ एक बड़ा धोखा किया तब आदरणीय विशाल ह्रदय परशुराम शर्मा जी गहरी पीड़ा में लीन हुए। मगर लेखन हेतु साहस बनाये रखा और सक्रिय भी रहे। 27 मई 2018 को जब मैं (लेखिका गज़ाला करीम) परशुराम शर्मा जी से बोली की मेरी पुस्तक प्रकाशित होने जा रही है तो सदाबहार स्वभाव के मालिक परशुराम अंकल बोले मेरा आशीर्वाद पहले भी तुम्हे प्राप्त था बेटे और आगे भी रहेगा। उनसे भेंट कर जाना वो आज भी जिंदा दिल हैं। हर के लिए मन मे प्रेम स्नेह सदा रखना उनका स्वभाव है। उनकी अद्भुत रचनाओं का कारवां केवल यही तक सीमित नही बल्कि "प्रलय" व "लाफ्टर चैलेंज" भी पाठको के बीच सरहनीय सिद्ध हुआ है, जो के रवि पॉकेट बुक्स मेरठ से प्रकाशित हुआ। हार्दिक नमन ऐसे विशाल ह्रदय और लेखनी के जादूगर सम्मानजनक लेखक परशुराम शर्मा जी को। इनकी अब तक कि लिखित रचनाओं की संख्या लगभग 300 है।

@गजाला करीम‌ की कलम से


Thursday, September 27, 2018

रेणू

उपन्यास जगत में एक सामाजिक उपन्यास लेखिका का नाम भी कभी-कभी कभार दिखाई दिया, यह नाम था रेणू।
रेणू के उपन्यास वेदप्रकाश शर्मा जी की प्रकाशन संस्था 'तुलसी पेपर बुक्स-मेरठ' से प्रकाशित होते थे।
हालांकि जानकार लोगों का मानना है की रेणू मूलतः कोई लेखिका नहीं थी, यह घोस्ट राइटिंग थी। वहीं और गहरे जानकार यहाँ तक वादा करते हैं की उपन्यास के अंतिम‌ आवरण पृष्ठ दिया गया लेखिका का चित्र उनके घरेलू नौकर के परिवार की किसी सदस्य का चित्र है।
अब सत्य तो ........

रेणू के उपन्यास
1. दो टके का सिंदूर
2. पांचाली
3.

Wednesday, September 26, 2018

नये उपन्यास- Set.2018

सूरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित कुछ नये उपन्यास

1. रफ़्तार- अनिल‌ मोहन (रिप्रिंट)
2. प्रेतों का निर्माता- वेदप्रकाश कंबोज(रिप्रिंट)
3. आग सीरिज- परशुराम शर्मा (रिप्रिंट)
   पहली आग, दूसरी आग, तीसरी आग
4. कत्ल की पहेली-

Friday, September 21, 2018

राम पुजारी

लेखक राम पुजारी जी के साथ



दिल्ली में लेखक राम पुजारी जी के साथ।
जासूसी उपन्यासकार वेदप्रकाश कंबोज जी के घर पर- 03.6.2018




गजाला करीम

उपन्यासकार गजाला करीम जी के साथ। 03.06.2018

प्रसिद्ध जासूसी उपन्यासकार गजाल करीम जी के साथ श्री मान आबिद रिजवी साहब के घर पर।


परशुराम शर्मा


परशुराम जी शर्मा के साथ।



प्रसिद्ध जासूसी उपन्यासकार परशुराम जी शर्मा के साथ मेरठ में। 04 जून 2018


जैन बंधु - मेरठ

दुर्गा पॉकेट बुक्स के मालिक दीपक जैन जी के साथ।


रवि पॉकेट बुक्स के कार्यालय में।










04 जून-2018
रवि पॉकेट बुक्स के मालिक मनेष जैन जी के साथ।
दुर्गा पॉकेट बुक्स के मालिक दीपक जैन जी के साथ।


Thursday, September 20, 2018

माया मैमसाब

लोकप्रिय उपन्यास जगत में घोस्ट राइटिंग और फर्जी नाम‌ नाम से जितने उपन्यास भारतीय बाजार में आये यह स्वयं में एक रिकाॅर्ड हो सकता है।
      कभी केशव पण्डित सीरिज की लाइन लंबी हुयी तो कभी रीमा भारती सीरिज की। इस बहती कलुषित  गंगा में हर कोई प्रकाशक हाथ धोने को उतावला था। बस थोड़ा-बहुत नाम परिवर्तन किया और एक नया लेखक-लेखिका बाजार में उतार दिया।
     कहानी से कोई वास्ता नहीं और लेखक को राॅयल्टी देनी नहीं जितना माल बना सको सब प्रकाशक की जेब में।
       दिनेश ठाकुर के अश्लीलता वाली रीमा भारती एक बार क्या चल गयी सभी ने महिला प्रधान एक्शन उपन्यास की लाईन लगा दी।   नायिका के नाम में हल्का सा परिवर्तन और नयी नायिका तैयार। इसी मानसिकता के चलते कहानी खो गयी और एक दिन उपन्यास बाजार भी गुम हो गया। प्रकाशक ने उपन्यास प्रकाशित करना बंद कर दिया और अच्छे लेखकों को भी पाठकों से दूर कर दिया।

     इसी भीड़ में एक और नायिका बाजार में उतारी माया पॉकेट बुक्स के मालिक दीपक जैन जी‌ ने। नाम दिया माया मैमसाब। माया मैमसाब के उपन्यास के नाम भी बहुत अजीब से होते थे‌।  लेकिन माया मैमसाब का नाम बाजार में न चलना था न चला।

माया मैम‌साब के उपन्यास

1. बिल्ली बोली म्याऊँ, मैं मौत बन जाऊं
2. मुर्गा बोला कुक्कडू कूं, मुर्दा जी उठा क्यूं
3. कौआ बोला काऊं-काऊं, मैं करोड़पति बन जाऊं
4. रक्त उडे़लूंगा पन्नों पर
5.

Thursday, September 13, 2018

अम्बरीश कश्यप

अम्बरीश कश्यप के उपन्यास
1. परछाइयों का महल
2.
3.
4.
5.

एस. एन. कंवल

एस. एन. कंवल के उपन्यास

1. नीलमगढी का प्रेत ( प्रतापी सीरिज)
2.
3.
4.
5.

Wednesday, September 12, 2018

अकरम इलाहाबादी

अकरम इलाहाबादी के उपन्यास
1. सातवा पागल
2. छ इंच की मौत
3. कब्रिस्तान का रहस्य
4. मौत के सौदागर
5.

Sunday, September 9, 2018

धीरज मिश्रा

धीरज मिश्रा जी वर्तमान में फिल्मी जगत में सक्रिय हैं। इन्होंने 'जय जवान जय किसान' जैसी फिल्मों का लेखन किया है।

नाम- धीरज मिश्रा
जन्म- 06.12.1980 (इलाहाबाद)

धीरज मिश्रा के उपन्यास
1. पतझङ और बहार ( दुर्गा पॉकेट बुक्स- मेरठ)


उक्त जानकारी दुर्गा पॉकेट बुक्स के मालिक दीपक जैन जी से  मिली।

Tuesday, September 4, 2018

केशव पण्डित

केशव पण्डित के उपन्यास
केशव पण्डित के उपन्यास तीन जगह से प्रकाशित हुये।
गौरी पॉकेट बुक्स
धीरज पॉकेट बुक्स
तुलसी साहित्य पब्लिकेशन

1. सुहाग की हत्या
2. हत्यारा जज
3. खून से सनी वर्दी
4. कानून‌ की दहशत
5. कानून किसी का बाप नहीं
6. सोलह साल का हिटलर
7. कब मिटेगी गुण्डागर्दी
8. नसीब वाला गुण्डा
9. डण्डे की दुनिया
10. केशव का चक्रव्यूह
11. गुण्डों की जंग
12. हिंसा भड़क उठी
13. वर्दी में भरा बारूद
14. माँ टकरायेगी कानून से
15. दिमाग का जादूगर
16. धमाका करेगी रोटी
17. लाठी की आवाज
18. जंग का ऐलान
19. तबाही का तूफान
20. जज खड़ा कटहरे में
21. कोर्ट रूम
22. टाइम बम
23. टुकड़े कर दो कानून के
24. लाश पर सजा तिरंगा
25. कानून की लोमङी
26. मुँह तोड़ जवाब
27. खून बहा दे लाल मेरे
28. शेर की औलाद
29. माँ करोड़ो है लाल तेरे
30. दुनियां मेरे कदमों‌ में
31. हिटलर का अवतार
32. मत बेचो कानून को
33. मकङी का जाल
34. जिसकी लाठी उसकी भैंस
35. यमराज
36. तबाही मचायेगी विधवा
37. नाच नचायेगा मदारी
38. कानून का खिलाङी
39. तिगनी का नाच
40. होली खेलगा तिरंगा
41. छक्के छूडा दूंगा
42. दुल्हन लड़ेगी कानून से
43. खादी में लिपटा माफिया
44. जूता करेगा राज
45. आंचल में है बारूद
46. डाक बंगला
47. माँ ललकारे शैतान को
48. चींटी लड़ेगी हाथी से
49. पगली माई बोले जयहिंद
50. तू लोमड़ी मैं चाणक्य
51. मास्टर मांइड
52. दस दिन‌ का सिकंदर
53. लड़ेगा भाई भगवान से
54. 48 इंच का हिटलर
55. दिमाग की जंग
56. शेर चीते की लङाई
57. रिंग मास्टर
58. ढाई इंच का बाजीगर
59. चूहे बिल्ली का खेल
60. बन जा बेटा भस्मासुर
61. अंधा वकील गूंगा गवाह
62. गंगा बहेगी अदालत में
63. ढाई आने का वकील
64. कानून का जोकर
65. बच्चा-बच्चा है हिंदुस्तानी
66. बावन गज का बौना
67. आया ऊंट पहाड़ के नीचे
68. जूता ऊंचा हरे हमारा
69. चव्वनी का हाथी
70. डकैती एक रुपये की
71. आंटी बड़ शैतान है
72. गुरु चेले की जंग
73. कानून की दुकान
74. तु पण्डित मैं‌ कसाई
75. बब्बर शेर (गौरी पॉकेट बुक्स)
76. चकमा
77. सास बहू की जंग
78. ये देश है वीर जवानों का 
79. मेरा रंग दे बंसती चोला (गौरी पॉकेट बुक्स)
80.
81.
82.
83.
84.
85
86. झटका 440 वाॅल्ट का (गौरी पॉकेट बुक्स)
87. मुर्दा बड़ा बदमाश है
88. केकङा
89. बारात जायेगी पाकिस्तान ( गौरी पॉकेट बुक्स)
90.
91.
92.
93.
94. दीवाली मनायेंगे सरहद पर (गौरी पॉकेट बुक्स)
95.
96.
फंस गया जादूगर (गौरी पॉकेट) 97.
98.
99.
जिसका डण्डा उसका कानून (गौरी पॉकेट) 100.
101.
102.
103.
104.
105
106
107. डेढ पसली का रावण (धीरज पॉकेट बुक्स)
108. चिराग लडे़गा तूफान से (तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)
109.
110.
111
112. शख्स बजाऊंगा हाथी नचाऊंगा(तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)
113. कब आओगे कृष्ण कन्हैया
114.
115.
116.
बच्चों की बनेगी बटालियन ( तुलसी साहित्य पब्लिकेशन) 117
118.
चिडियां लडाऊगां बाज से (तुलसी साहित्य पब्लिकेशन) 119.
पुतला नहीं रावण जलेगा (धीरज पॉकेट बुक्स) 120.
121.
122.
123.
124.
125.
126.
127.
128. हड्डियों से बनेगा ताजमहल (तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)
129
130.
131.
132.
133. ये अयोध्या है रावण की (धीरज पॉकेट बुक्स)
134.
135.
136. तख्त बदल दो ताज बदल दो( तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)
137. गिद्ध बैठेंगे तेरी छत पर (धीरज पॉकेट बुक्स)
138. कानून के धनुष, जुर्म के तीर (तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)
139. सुन चूड़ियों का शंखनाद
140. चूहा करेगा शेर सवारी
141. गाँधी तेरे देश में, रावण राम के भेष में( धीरज पॉकेट बुक्स)
142.
143.
144.
145.
146. बंदर लेगा मदारी का  इम्तिहान


- सास बहू की जंग (गौरी पॉकेट बुक्स)

धीरज पाकेट बुक्स
1. पुतला नहीं रावण जलेगा
2. सिकंदर हारेगा दिमाग से
3. डुगडुगी बजाऊंगा फौज नचाऊंगा
4. संसद में गरजेगी तोप
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.




---------
केशव की शादी
माँ ललकारे शैतान को
कफन ओढकर आयेगा यमदूत
सेहरा बांधकर आयेगा कातिल
चूहा करेगा शेर की सवारी




- माँ ललकारे शैतान को (तुलसी साहित्य पब्लिकेशन)



- सास बहू की जंग (गौरी पॉकेट बुक्स्





Tuesday, June 19, 2018

आबिद रिजवी, वेदप्रकाश कंबोज

जासूसी उपन्यासकार वेदप्रकाश कंबोज जी के साथ
दिनांक- 03.06/2018

नये उपन्यास-2018

  नमस्कार,
उपन्यास पाठक मित्रों के लिए कुछ नये उपन्यासों की जानकारी।

1. काॅनमैन
         सुरेन्द्र मोहन पाठक जी का सुनील सीरीज का नया उपन्यास 'काॅनमैन' अतिशीघ्र प्रकाशित होने वाला है।

2. वंस एगेन
            बहुचर्चित लेखिका गजाला करीम का नया उपन्यास 'वंस अगेन' जून माह में रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होने वाला है। प्री आॅर्डर आरम्भ।
    इस उपन्यास से गजाला जी दस वर्ष पश्चात उपन्यास जगत में पुन: प्रवेश कर रही है।

3. सम-प्रीत
            रवि पॉकेट बुक्स से एम. इकराम फरीदी का उपन्यास 'सम-प्रीत' प्रकाशित होगा, पर इस उपन्यास के प्रकाशन में अभी काफी समय लगेगा।

Friday, June 15, 2018

देवा ठाकुर

  

देवा ठाकुर के उपन्यास भवानी,सूर्या और माया पॉकेट बुक्स-मेरठ से प्रकाशित होते थे।
इनके पात्र शोला, गोली और काला बच्चा आदि थे।

देवा ठाकुर के उपन्यास
1. शोला                 (भवानी पॉकेट बुक्स)
2. गोली                 (भवानी पॉकेट बुक्स)
3. ज्वालामुखी        (भवानी पॉकेट बुक्स)
4. कौन जीता कौन हारा  (भवानी पॉकेट बुक्स)
5. पावर हाउस            (सूर्या पॉकेट बुक्स)
6. शोला का डंका       (सूर्या पॉकेट बुक्स)
7. डंके की चोट          (सूर्या पॉकेट बुक्स)
8. स्ट्रीट फाइटर           (सूर्या पॉकेट बुक्स)
9. काला बच्चा           (माया पॉकेट बुक्स)
10.

Sunday, June 10, 2018

परशुराम शर्मा

परशु राम शर्मा के उपन्यास
तुलसी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित

1. बादशाह
2. फिर जन्म लेंगे
3. फरिश्ता
4. पांच पति
5. ज्वाला
6. जन्म-जन्म की बाजी

एम. के. शर्मा

एम. के. शर्मा के उपन्यास
1. खून का प्यासा
2. पहला अपराध
3. अंधा गवाह

Saturday, June 9, 2018

सुरेन्द्र मोहन पाठक की एक स्क्रिप्ट

सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के उपन्यास 'ओवरडाॅज' की हस्तलिखित स्क्रिप्ट।
---------------

     आज के समय के प्रसिद्ध मर्डर मिस्ट्री लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के  एक उपन्यास 'ओवरडाॅज' की हम पाण्डुलिपि यहाँ प्रकाशित कर रहे हैं।
      ओवरडाॅज उपन्यास की मूल स्क्रिप्ट के कुछ पृष्ठ यहाँ प्रकाश्य हैं ताकी पाठक देख सके की एक लेखक कितनी मेहनत से एक उपन्यास तैयार करता है।
पाठक साहब तो स्वयं एक -एक बिंदु पर बहुत मेहनत करते थे, यह उनकी स्क्रिप्ट देख कर जाना जा सकता है।
    अपने उपन्यास का टाइटल डिजाइन तक भी स्वयं तैयार करते थे।
       रवि पॉकेट बुक्स के मालिक मनेष जैन जी ने पाठक जी की‌ मेहनत की बहुत सराहना की है।
----
उपन्यास- ओवरडाॅज
लेखक-   ‌‌सुरेन्द्र मोहन पाठक


धन्यवाद- मनेष जैन जी (रवि पॉकेट बुक्स)







अनिल मोहन जी की एक स्क्रिप्ट

अनिल मोहन जी के उपन्यास की स्क्रिप्ट।
...........................
             अनिल मोहन जी के उपन्यास की स्क्रिप्ट।
...........................
      पाठक के मन में एक जिज्ञासा होती है की लेखक कैसे लिखता है। क्या वह कम्प्यूटर पर टाइप करता है या कागज पर लिखता है।
            पाण्डुलिपि वह हस्तलिखित/टाइप की गयी प्रथम कृति होती है जो मूलत: लेखक तैयार करता है और उसी पाण्डुलिपि को फिर प्रकाशक अच्छी तरह से टाइप कर एक किताब की शक्ल प्रदान करता है।
            हम अपने पाठकों के लिए लेकर आये हैं अनिल मोहन जी के उपन्यास 'नफरत की दीवार' की पाण्डुलिपि। जो की अनिल मोहन के स्वयं द्वारा कागज पर लिखी गयी है।
  - इसमें आप देख सकते हैं एक लेखक कैसे लिखता है।
  -  फिर प्रकाशक उसे कैसे किताब का रूप देता है।

उपन्यास- नफरत की दीवार
लेखक-    ‌अनिल‌ मोहन

             




Friday, June 1, 2018

एस. एम. मेहंदी


एस. एम. मेहंदी जी का जीवन परिचय यहाँ उपलब्ध है।

Tuesday, May 29, 2018

अर्जुन पण्डित

केशव पण्डित सीरीज लिखने वाले असंख्य लेखकों में से एक Ghost writer अर्जुन पण्डित थे।
अर्जुन पण्डित मनोज पॉकेट बुक्स के लेखक थे।

अर्जुन पण्डित के उपन्यास
1. केशव पण्डित की सुपारी
2. एक और केशव पण्डित
3. मर गया केशव पण्डित
4. केशव पण्डित और शैतान का बाप
5. केशव पण्डित और कफन तेरे बेटे का
6. केशव का इंसाफ
7.
8.
9.
10.

सजल कुशवाहा

सजल कुशवाहा प्रसिद्ध उपन्यास कुशवाहा कांत के छोटे भाई उपन्यासकार जयंत कुशवाहा के ज्येष्ठ पुत्र हैं।

सजल कुशवाहा के उपन्यास
1. कत्ल दर कत्ल
2. बेरिया की तलाश
3. दिमाग की हत्या
4. आखिरी चीख
5. पाँच साल बाद
6. मरी हुयी औरत
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.

राकेश पाठक

राकेश पाठक
         अपनी कलम‌ से सनसनी लिखने वाले राकेश पाठक जी का उपन्यास जगत में एक अलग ही‌ मुकाम था। इनके उपन्यासों में रहस्य और रोमांच का अद्भुत संगम होता था।
      'अब क्या होगा', 'क्राइम स्कूल' जैसे अद्भुत उपन्यास राकेश पाठन जी की प्रतिभा का ही चमत्कार है। हालांकि बाद के उपन्यास इनके हिंसा से भरे होते थे। लेकिन पात्रों के संवाद हाहाकारी‌ लिखने में पाठक जी का कोई सानी न था।
        हिंसक उपन्यास का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है की पाठक जी के एक पात्र अमरकांत का नाम ही 'कत्ल की‌ मशीन' था।
           राकेश पाठक जी के आरम्भिक उपन्यासों के बाद सभी उपन्यास गौरी पॉकेट बुक्स मेरठ से ही प्रकाशित होते थे।

राकेश पाठक जी के उपन्यास (गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित)
1. मेरा पति जिंदा करो
2. कत्ल एक अजूबा
3. मर्डर मिस्ट्री
4. थाना देगा दहेज
5. बहन के कटे हाथ
6. गुण्डों की सरकार
7. पुलिस स्टेशन
8. बापू मुझको रोटी दो
9. खूब बहेगा सङकों पर
10. चूहा लङेगा शेर से
11. भाषण नहीं राशन दो
12. खिलौनों को बना दो हथियार
13. चुन-चुन कर मारुंगा
14. विधवा का गैंग
15. चौबीस घण्टे की जंग
16. आर-पार की लङाई
17. क्राइम स्कूल
18. अदालत में खङा यमराज
19. मियां-बीवी का गैंग
20. मेरा शेर सबका बाप
21. भूखा हूँ लाश चाहिए
22. दस सिर वाला मुख्यमंत्री
23. शेरनी का बेटा
24. शीsss कातिल आ रहा है।
25. हिटलर की माँ
26. मुर्दा कत्ल करेगा
27. कानून की देवी
28. गुमनाम है कोई
29. मेरा ससूरा मुख्यमंत्री
30. सावधान! आगे थाना है।
31. डायमण्ड राॅबरी
32. कातिल की बारात
33. कत्ल की‌ मशीन
34. कत्ल का जादूगर
35. चूङियां पहनेगा गैंगस्टर
36. बौने की करामात
37. कौन है मेरा कातिल
38. प्लास्टिक की बीवी
39. इच्छाधारी नेता
40. वर्दी का धमाका
41. मेरी मम्मी पापा की जेब में
42. क्राइम एक्सपर्ट
43. सुनामी
44. दहशत


संपर्क-
राकेश पाठक
544, गणेशपुरी, खतौली,
जिला. -मुज्जफरनगर
उत्तर प्रदेश- 2512001

Saturday, May 26, 2018

वेदप्रकाश कंबोज

वेदप्रकाश कंबोज के उपन्यास

A.
1. आतंक के बीज
2. अपराध की छाया
3. आखिरी बाजी
4. आखिरी मुजरिम
5. अंधे कातिल
6. अपराधों का बादशाह
7. आग की दीवार
8. अज्ञात अपराधी
9. असली युवराज
10. असली दुशमन
11. अंधेरे की चोट
12. आत्मा की आहट
13. अत्याचार के अँधेरे (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

B.

1. बौना बदमाश
2. भयानक बदला
3.भय के क्षण
4. भयानक चीखें
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

C.
1. दहशत की घाटी
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

D.
1. धङकन मौत की (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.
E.
F.
1. फाॅरेस्ट आॅफिसर

G.
1. गद्दार
2. गुमशुदा जासूस  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.

H.
1. हीरों की खोज
2. हत्यारे की खोज
3. हत्या के हथकण्डे (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
4. हिंसा की ज्वाला    (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)

I.
1. इंसाफ का जनाजा

J.
1. जुर्म की हुकूमत (शिवा पॉकेट बुक्स)
2. जासूसों‌ का जाल
3. जुर्म की जुबान
4. झूलती‌ मौत
5.

K.
1. खून खराबा
2. कानून मेरी ठोकर में
3. खूनी जंग
4. काला तूफान
5. कातिल
6. खून से लिखा खत
7.
8.
9.
10.
11.
12.
13.
14.
15.
16.
17.
18.
19.
20.

L.
1. लहरों‌ पर लिखा विनाश

M.
1. मदभरी हत्या
2. मौत की आत्मकथा
3. मूर्ति की चीख
4. मौत का साम्राज्य
5.

N.
1. निर्जीव अट्हास
2. नाइट ड्रेगन (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)

O.
1. और दिलदार मर गया
P.
1. पासे पलट गये
2. रात का कातिल

R.
1. रेलगाङी का भूत
2. रहस्यमयी आवाज (भाग-1,2)
3. रेत की कबरें
4. रात के कातिल
5

S.
1. सिहंगी की वापसी
2. सिहंगी का प्रतिशोध
3. सिंगलैण्ड की खोज
4. सिहंगी का अंत (भाग-1,2,3)
5. सारगोशा की सनसनी
6. संघर्ष के क्षण
7. शैतान संपोले
8. सागर का बेटा
9. साहस के कदम
10. शिकारगाह का रहस्य
11. शस्त्रों के सौदागर
12. षड्यंत्र की गंध. (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
13. शिकारी कुत्ते  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
14. सिहंगी का जाल
15. सागर में सोना (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
16. सात सितारे मौत के  (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
17. शैतानी त्रिगुट के दुश्मन (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
18.
19.
20.

T.
1. तोरा नागा

U.
1. उलझनों का शिकार

V.
1. विद्रोह की आग
2. विध्वंस के उपासक (डायमण्ड पॉकेट बुक्स)
W.
X.
Y.
Z.

जिन पाठक मित्रों के पास वेदप्रकाश कंबोज जी ले उपन्यासों की लिस्ट है वह अवश्य शेयर करें।
- कंबोज से से संबंधित कोई भी जानकारी, संस्मरण, रोचक किस्सा हो तो अवश्य शेयर करें।
धन्यवाद
ईमेल- sahityadesh@gmail.com
W/ A- 9509583944
------






वेदप्रकाश कंबोज के उपन्यास
1. और दिलदार मर गया
2. गुमशुदा जासूस
3. धङकन मौत की
4. सारगोसा की सनसनी
5. नकली हीरे जाली नोट
6. जहर के पुलते
7. हिंसा की ज्वाला
8. कदम-कदम पर धोखा
9. फाॅरेस्ट ऑफिसर
10. शिकारी कुत्ते
11.
12.
14.
14.
15.