Saturday, May 6, 2017

राजवंश

राजवंश एक लोकप्रिय सामाजिक उपन्यासकार थे।
इनके विषय में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
डायमंड पॉकेट बुक्स से प्रकाशित एक उपन्यास से इनके उपन्यासों की एक सूची उपलब्ध हुयी है।
रजवंश के उपन्यास
1. विष का प्याला
2. उपकार
3. कांटों भरे रास्ते
4. सांझ और सवेरा
5. नैना नीर भरे
6. दिल का क्या कसूर ?
7. अमृत के घूंट
8. गुनाहों का देवता
9. दूध का कर्ज
10. पिंजरे की दुल्हन
11. चांदनी
12. बंधन
13. आँसू
14. नेहा
15. जख्मी दिल
16. सौगंध
17. पाप की गंगा
18. नया सवेरा
19. कुरुक्षेत्र
20. खानदान
21. अपमान
22. ऊंचे लोग
23. सिलसिला (उपर्युक्त समस्त उपन्यास डायमंड बुक्स से)
24. मन की बात
25. मदहोश

26. एक रात
27. निशानी
28. प्यासे नैना
29. पतिता
30. अनदेखी राह
31. पुतली
32. फुहार
33. दायरा
34. अबला कौन
35. लाज
36. दीवार
37. अभिमान
38. गुनहगार
39. प्रायश्चित
40. शिकायत
41. सौगंध
42. पतवार
43. सांझ और सवेरा
44. कांटों‌ की सेज
45. अमानत
46. रंजना
47. लगन
48. जान पहचान
49. आंचल की प्यास
50. नीलाम
55. अपने पराये
56.  वासना
57. दर्पण की परछाई
58. काया कल्प
59. प्यार और‌ ममता (क्रमांक 26-59 तक स्टार पॉकेट बुक्स 4/5 B, आसफ अली रोङ , दिल्ली  से प्रकाशित)
60.

7 comments:

  1. राजवंश एक पेन नेम था जनाब आरिफ़ मारहर्वी जो मूलतः उर्दू लेखक थे मासिक जासूसी पंजा मैं इनके उपन्यास छपा करते थे ये वो दौर था जब इब्नेसफ़ी की जासूसी दुनिया बहुत लोकप्रिय मासिक उपन्यास शृंखला भी इलाहाबाद से छपती थी,जासूसी पंजा से ये सफ़ी साहब के चरित्र इमरान या मूर्ख राजेश के जैसा चरित्र गढ़ कर यानि क़ैसर हयात निखट्टू को ले कर नॉवेल उर्दू मे लिखा करते थे,जो की खुद को दुनिया की नजरों मे बेवकूफ पोज करते हुये सीक्रेट सर्विस का चीफ़ होता है,स्टार पब्लिकेशन्स ने इनके और गुलशन नन्दा के लगभग 250 या 300 नॉवेल छापे राजवंश के नाम से लिखे नाविलों मे कुछ पर फिल्मे भी बनी फिर बाद मे स्टार वालों से इंका वैमनस्य हो गया .......

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    Replies
    1. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी।
      आपकी जानकारी को जल्दी पोस्ट में जोङा जायेगा।
      धन्यवाद

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    2. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी।
      आपकी जानकारी को जल्दी पोस्ट में जोङा जायेगा।
      धन्यवाद

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    3. उपन्यासकार समीर के बारे में कुछ बता सकते हैं, सर??

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  2. राजवंश के दो नावेल पड़े है उपकार, अपमान दोनो ही शानदार है

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  3. Kripya Lokdarshi ke upnyaas Kajal ki ek copy kaise milegi?

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  4. बचपन में हम राजवंश और गुलशन नंदा के उपन्यास ज्यादा पढ़ते थे!

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