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Sunday, April 30, 2017

शैलेन्द्र तिवारी

हिंदी की प्रचलित जासूसी उपन्यासों की दुनिया में एक अलग नाम था - शैलेन्द्र तिवारी।
जब सारे उपन्यासकार जासूसी, मर्डर मिस्ट्री, सामाजिक इत्यादि उपन्यास लिख रहे थे तब शैलेन्द्र तिवारी ने बिलकुल अलग अंदाज में एक उपन्यास श्रृंखला आरम्भ की।  जादू- टोना, तंत्र-मत्र और मन की शक्ति जैसे नये प्रयोग के साथ। पाठक वर्ग ने भी इनके उपन्यासों को हाथो-हाथ लिया, क्योंकि पाठक एक जैसे परम्परागत उपन्यासों से ऊब चुका था और उसके लिए यह एक नया प्रयोग था। शैलेन्द्र तिवारी का यह प्रयोग खूब सफल रहा।
  काले जादू जैसे अलग विषय को लेकर एक- दो उपन्यास तो लिखे जा सकते हैं पर एक सीरीज लिखना स्वयं में एक चुनौती है। उस चुनौती को शैलेन्द्र  ने अच्छी तरह से निभाया।
मकङा सीरीज के बाद इन्होंने अजगर राजा नाम से नयी सीरीज आरंभ की थी। (नागिन सीरीज)
  इनका प्रसिद्ध पात्र था - मकङा। जी हां, मकङा, काले जादू का जानकार।
काले जादू पर आधारित बहुत ही रोचक श्रृखंला आरम्भ की थी शैलेन्द्र तिवारी जी ने। जहाँ तक मेरा विचार है उपन्यास जगत में इस प्रकार के उपन्यासों की कमी थी, और वह कमी शैलेन्द्र तिवारी जी ने पूरी।
शैलेन्द्र तिवारी के शब्द-
"मैं सन् 1975 से अपने पाठकों का मनोरंजन करता आ रहा हूँ। मेरे उपन्यासों  संख्या सैकङों में पहुँच गयी है। मैं आज जिस मुकाम पर हूँ...उस पर मुझे गर्व है।"
     ‌‌‌   मकङा- काले जादू का महारथी।
            काले जादू की खौफनाक दुनिया के थर्रा देने वाले मंजर...... एक ऐसे शैतान की खूनी दास्तान जो ' आज का रावण' बनकर भगवान को चुनौती देने निकल पङा था....उसके पास था जादूई ताकत का अकूत खजाना...और उसके जाल में फंसा एक ऐसा मासूम इंसान.... जिसकी उसने जिंदगी ही नहीं बल्कि पूरा परिवार ही तबाह करके रख दिया।

संपर्क-
शैलेन्द्र तिवारी
400/3, जागृति विहार
मेरठ, UP
दूरभाष- 0121-2601505
शैलेन्द्र तिवारी के उपन्यास धीरज पाॅकेट बुक्स, मेरठ से प्रकाशित होते थे।
उपन्यास
1. मकङा
2. खूनी मकङा
3. कहर बरसायेगा मकङा
4. जहरीला मकङा
5. जलजला मकङा का
6. मकङा का कोहराम
7. मकङा का मकङजाल
8. फिर आया मकङा
9. करामाती मकङा
10. चक्रव्यूह मकङा का
11. चैलेंज मकङा का
12. चण्डालिनी बेला
13. चण्डालिनी बेला का जाल
14. चण्डालिनी बेला और मकङा
15. कहर चण्डालिनी बेला का
16. चण्डालिनी बेला का चैलेंज
17. अजगर राजा
18.
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